45 मिनट तक अंधेरे में तड़पता रहा मरीज, डॉक्टर ने मोबाइल की फ्लैशलाइट से किया इलाज; बिहार के सरकारी अस्पताल खु – India.Com

बिहार के मुंगेर स्थित मॉडल सदर अस्पताल से सामने आई एक घटना ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अचानक बिजली चली गई और करीब 45 मिनट तक पूरा वार्ड अंधेरे में डूबा रहा. इस दौरान डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को मरीजों का इलाज मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में करना पड़ा. घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई.

बताया गया कि बिजली जाने की वजह से डॉक्टरों को मरीजों की जांच करने, दवाइयां लिखने और जरूरी मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने में काफी परेशानी हुई. कई मरीजों के परिवार वाले भी घबरा गए और उन्होंने अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर डॉक्टरों की मदद की. कुछ लोग मरीजों को हाथ से हवा करते भी नजर आए क्योंकि बिजली नहीं होने से अन्य सुविधाएं भी प्रभावित हो गई थीं.
सबसे ज्यादा चिंता उन मरीजों को लेकर जताई गई जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे. परिजनों का आरोप है कि बिजली गुल होने के दौरान ऑक्सीजन सप्लाई भी प्रभावित हुई. हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने स्वीकार किया कि बिजली कटने से ऑक्सीजन सेवाओं पर असर पड़ा और इलाज में कठिनाई आई.

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में ड्यूटी डॉक्टर मोबाइल की टॉर्च में मरीजों की जांच करते और दवाइयां लिखते दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो ने अस्पताल की आपातकालीन तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल में बैकअप के लिए इन्वर्टर लगाए गए थे, लेकिन वे बिजली व्यवस्था से जुड़े ही नहीं थे. अगर ये दावा सही है तो ये केवल तकनीकी लापरवाही नहीं बल्कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना जा सकता है.
घटना के बाद कई मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा. कुछ परिवारों ने तो अपने गंभीर मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने पर भी विचार किया. लोगों का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड जैसी महत्वपूर्ण जगह पर लंबे समय तक बिजली का अभाव किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

वहीं, सिविल सर्जन ने कहा कि उन्हें वायरल वीडियो की जानकारी नहीं थी. उन्होंने मामले की जांच कराने और अस्पताल प्रबंधन से रिपोर्ट लेने की बात कही है. साथ ही ये भी कहा कि इमरजेंसी स्थिति में इन्वर्टर और बैकअप सिस्टम का सही तरीके से काम करना जरूरी है.
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हल्द्वानी से दिल्ली के बड़े न्यूजरूम तक… तनुजा जोशी, उत्तराखंड के शांत और खूबसूरत शहर हल्द्वानी से ताल्लुक रखती हैं. देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी … और पढ़ें
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