तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है. (Photo/AI)
वैज्ञानिकों ने समंदर में रहने वाले छोटे से कीड़े से जुड़ी अनोखी खोज की है. वैज्ञानिकों ने बताया गया है कि इस कीड़े का नाम पेरिनेरिस कुल्ट्रिफेरा है. पहली नजर में ये एक नॉर्मल समुद्री कीड़ा नजर आता है. मगर इसके जबड़ों में ऐसा खास पदार्थ मिला है, जिसे वैज्ञानिकों ने ‘बायो-मेटल’ नाम दिया है. ये एक ऐसी चीज है, जो शरीर का हिस्सा होने के बावजूद कई मामलों में किसी धातु जैसी मजबूती दिखाता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक इस कीड़े के जबड़े सिर्फ प्रोटीन से नहीं बने हैं. इनमें खास तरह के धातु वाले आयन भी मौजूद हैं. यही वजह है कि इसके जबड़े बहुत मजबूत, सख्त और लंबे समय तक टिकने वाले होते हैं. ये कीड़ा अपने शिकार को पकड़ने और काटने के लिए इन्हीं मजबूत जबड़ों का इस्तेमाल करता है.
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इस खोज को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने एक खास तकनीक का सहारा लिया. उन्होंने बहुत छोटे लेवल पर कीड़े के जबड़ों की जांच की और देखा कि उन पर दबाव पड़ने के बाद भी वे आसानी से नहीं टूटते. जांच में यह भी पता चला कि जबड़ों के अगले हिस्से में धातु वाले तत्व सबसे ज्यादा हैं. यही हिस्सा शिकार को काटने का काम करता है, इसलिए उसे सबसे ज्यादा मजबूत बनाया गया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पदार्थ पूरी तरह धातु नहीं है, लेकिन इसका व्यवहार कई मामलों में धातु जैसा है. यही कारण है कि इसे ‘बायो-मेटल’ कहा जा रहा है.
खास बात यह है कि अब तक प्रकृति में इस तरह का पदार्थ पहले कभी नहीं देखा गया था. इसलिए यह खोज विज्ञान के लिए नई पहेली बन गई है. इस शोध से यह भी पता चला कि जैसे-जैसे जांच बहुत छोटे स्तर पर की गई, इस पदार्थ की मजबूती और अलग तरीके से सामने आई. आम धातुओं में भी ऐसा देखने को मिलता है, लेकिन किसी जीव के शरीर में इस तरह का व्यवहार पहली बार देखा गया है. इससे वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रकृति आखिर इतने मजबूत पदार्थ कैसे तैयार करती है.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस खोज का फायदा भविष्य में नई तकनीक विकसित करने में मिल सकता है. अगर वैज्ञानिक यह समझ जाएं कि यह प्राकृतिक ‘बायो-मेटल’ कैसे बनता है, तो इसी तरह के मजबूत और हल्के पदार्थ इंसानों के इस्तेमाल के लिए भी बनाए जा सकते हैं. इनका उपयोग मेडिकल उपकरण, रोबोट, मशीनों के पुर्जों और दूसरी आधुनिक तकनीकों में किया जा सकता है.
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इकराम मूल रूप से उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं मगर जन्म देश की राजधानी दिल्ली में हुआ. शुरुआती शिक्षा स्थानीय स्कूल में हुई. इसी के साथ ज्ञान हासिल करने का सिलसिला आगे बढ़ता गया. दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के डॉक्टर भीमराव आंबेडकर कॉलेज से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया. देश के मशहूर पत्रकारिता संस्था … और पढ़े
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