ऑपरेशन के दौरान मरीजों को सुरक्षित और बेहतर एनेस्थीसिया उपलब्ध कराने की दिशा में लोहिया संस्थान में तीन दिवसीय सेंट्रल जोन पीजी असेम्बली व कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में एमडी एनेस्थीसिया के छात्रों को आधुनिक तकनीकों, नए इलाज तरीकों और क्लिनिकल प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है। इसका मकसद भविष्य के एनेस्थीसिया विशेषज्ञों को अधिक दक्ष बनाना है, जिससे मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। लोहिया संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. दीपक मालवीय ने कहा कि एनस्थीसिया विशेषज्ञों का दायरा बढ़ रहा है। पहले एनस्थीसिया विशेषज्ञ मरीजों को ऑपरेशन से पहले बेहोशी देते थे। अब क्रिटिकल केयर से लेकर दर्द प्रबंधन तक में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
डॉ. दीपक मालवीय ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से आए एमडी एनेस्थीसिया के छात्र भाग ले रहे हैं। विशेषज्ञ उन्हें एनेस्थीसिया की नवीनतम तकनीकों, आधुनिक उपचार पद्धतियों और जटिल मामलों के क्लिनिकल प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दे रहे हैं। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय भागीदारी की और विशेषज्ञों से अपने सवालों पर चर्चा की। एनस्थीसिया विभाग के अध्यक्ष डॉ. पीके दास ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों से छात्रों का ज्ञान और व्यावहारिक कौशल बढ़ता है। इसका सीधा लाभ भविष्य में मरीजों को मिलेगा। क्योंकि प्रशिक्षित विशेषज्ञ ऑपरेशन के दौरान अधिक सुरक्षित और प्रभावी एनेस्थीसिया सेवाएं दे सकेंगे। डॉ. सुजीत राय ने कहा कि क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में रोज नई चीजे सामने आ रही हैं। लिहाजा प्रशिक्षण जरूरी है।
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