गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ अंतिम प्रहार पर जोर दिया। उन्होंने 'प्रहार' योजना के तहत प्रशिक्षण, भगोड़ों के ट्रायल में तेजी और अवैध प्रवासियों पर जीरो टॉलरेंस अपनाने का निर्देश दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।
अमित शाह ने आतंकवाद और कट्टरपंथ पर अंतिम प्रहार का आह्वान किया।
‘प्रहार’ योजना के तहत प्रशिक्षण और भगोड़ों के ट्रायल में तेजी।
अवैध प्रवासियों पर जीरो टॉलरेंस, घुसपैठ रोकने के सख्त निर्देश।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश के सामने मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के पहले दिन गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ अंतिम प्रहार पर जोर दिया।
गृह मंत्रालय ने इसी साल फरवरी में आतंकवाद को समूल नष्ट करने के लिए ‘प्रहार’ योजना तैयार की थी। सम्मेलन में शाह के साथ ही सभी राज्यों के डीजीपी, अत्याधुनिक तकनीक में पारंगत युवा आइपीएस के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग और फिजिकल रूप में हिस्सा लिया। सम्मेलन की शुरुआत के पहले शाह ने देश की सुरक्षा के दौरान बलिदान हुए खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी ।
सूत्रों के अनुसार सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अहम चुनौतियों पर चर्चा हुई। इनमें आतंकवाद से निपटने के तरीके, मल्टी एजेंसी सेंटर (मैक) के जरिए इंटेलिजेंस का एकीकरण, विश्लेषण और उसे लागू करना, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए विजन डाक्यूमेंट, अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें वापस भेजना, साइबर-क्राइम व पाकिस्तान के प्राक्सी वार से निपटने के लिए पालिसी फ्रेमवर्क जैसे मुद्दे शामिल थे।
आतंकवाद और कट्टरपंथ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए शाह ने गृह मंत्रालय की ‘प्रहार’ योजना को लागू करने के लिए ट्रेनिंग, भगोड़ों को वापस लाकर उनके खिलाफ ट्रायल में तेजी लाने और ‘ट्रायल इन एब्सेंशिया’ के प्रविधानों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) मामलों की जांच में एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की बात भी कही।
गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनाने के लिए मैक प्लेटफार्म पर उपलब्ध जानकारी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित विश्लेषण किया जाए। उन्होंने अवैध प्रवासियों के प्रति ‘जीरो टालरेंस’ अपनाने और घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी एजेंसियों को घुसपैठ के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया।
सम्मेलन के दूसरे दिन सब-एरियल सिस्टम (हवा से हमले की प्रणालियों) से जुड़े खतरों और उनसे निपटने के उपायों, ब्लू इकोनमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) को सुरक्षित करने, इंफार्मेशन वारफेयर और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके असर और बायो-सिक्योरिटी फ्रेमवर्क की जरूरत पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
सम्मेलन का उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाले कटिंग-एज स्तर के अधिकारियों के व्यापक अनुभव और विषय-विशेषज्ञों के सहयोग से राष्ट्रीय सुरक्षा की बड़ी चुनौतियों का समाधान खोजना है।