बाढ़ में राहत-बचाव के लिए विदेशी मदद लेने को तैयार हुआ नेपाल, भारत से टीमें रवाना होने के लिए तैयार – Jagran

नेपाल में भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। वहीं, काठमांडू सरकार ने पहले विदेशी राहत टीमों को राहत और …और पढ़ें
बाढ़ में राहत-बचाव के लिए विदेशी मदद लेने को तैयार हुआ नेपाल
भारत ने नेपाल को तीसरी खेप में 10 टन मानवीय सहायता भेजी है
26 अगस्त से अब तक भारत की कुल राहत सहायता 57.5 टन हो गई है
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेपाल में भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। वहीं, काठमांडू सरकार ने पहले विदेशी राहत टीमों को राहत और सहायता के लिए मना कर दिया था। वहीं, बालेन शाह ने अब इस फैसले को पलट दिया है।
अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद अब नेपाल सरकार सीमित विदेशी विशेषज्ञों और खोज-बचाव टीमों को अनुमति दे रही है। भारत ने नेपाल के अनुरोध पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि नेपाल के अनुरोध पर भारत टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी कर रहा है। पहले एक सर्वे टीम भेजी जा रही है, जो स्थिति का आकलन करेगी और जरूरी उपकरणों की पहचान करेगी।
इसके अलावा चिकित्सा टीम भी भेजी जा रही है। भारत ने बेली ब्रिज और तकनीकी टीमें भी ऑफर की हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में कनेक्टिविटी जल्दी बहाल हो सके। एक बेली ब्रिज पहले से नेपाल में उपलब्ध है।
काठमांडू पोस्ट के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लापता विदेशी नागरिकों वाले देशों के दबाव के कारण यह फैसला लिया गया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारी दबाव आया कि कम से कम खोज-बचाव टीमें और विशेषज्ञ भेजने की अनुमति दी जाए, क्योंकि उनके नागरिक भी लापता हैं। हम कुछ क्षेत्रों में सीमित विशेषज्ञों को अनुमति दे रहे हैं।
रसुवा और नुवाकोट में हाइड्रोपावर टनल में दर्जनों लोग अभी भी फंसे या लापता बताए जा रहे हैं। बचाव अभियान में सीमित प्रगति और टनल रेस्क्यू विशेषज्ञता की जरूरत ने भी फैसले को प्रभावित किया। नेपाल में डीएनए टेस्टिंग और फॉरेंसिक पहचान की क्षमता भी सीमित है, इसलिए विदेशी विशेषज्ञ शवों की पहचान में मदद करेंगे।
भारत ने नेपाल को तीसरी खेप में 10 टन मानवीय सहायता भेजी है, जिसमें पोर्टेबल जनरेटर, डिग्निटी किट, खाद्य पैकेट और जल शुद्धीकरण टैबलेट शामिल हैं। इसी फ्लाइट में 11 सदस्यीय डॉक्टर, पैरामेडिक और टनल रेस्क्यू विशेषज्ञों की टीम भी गई। 26 अगस्त से अब तक भारत की कुल राहत सहायता 57.5 टन हो गई है।

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News