राहुल गांधी के चाय के कप वाले दावे का फैक्ट चेक करने के लिए भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी खुद दिल्ली के कनॉट प्लेस पहुंचे।
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रदीप भंडारी का फैक्ट चेक।
राहुल गांधी ने चाय की दुकानों पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया।
प्रदीप भंडारी ने कनॉट प्लेस में चाय विक्रेता से मिलकर फैक्ट चेक किया।
चाय विक्रेता ने जातिगत भेदभाव के दावे को सिरे से खारिज किया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चाय की दुकानों पर जाति के आधार पर अलग-अलग कप में चाय दिए जाने के दावे ने देश में सियासत में गर्माहट तेज कर दी है।
ऐसे में अब कांग्रेस के इस सनसनीखेज आरोप पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक चाय की टपरी पर पहुंचकर ‘ग्राउंड जीरो’ फैक्ट चेक किया और इसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और इंस्टाग्राम पर शेयर भी किया।
बता दें कि प्रदीप भंडारी की तरफ से जारी किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे दुकानदार ने राहुल के दावे को सिरे से खारिज करते हुए सच्चाई बयां की, जिससे सियासत और गरमा गई है।
तेज होती सियासत के बाद सच्चाई परखने के लिए भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी नई दिल्ली के मशहूर कनॉट प्लेस इलाके में पहुंचे। उन्होंने वहां ‘मोनू गौतम’ नाम के एक चाय दुकानदार से मुलाकात की, जो खुद अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
I go to Monu Gautam’s Chai Shop in Delhi.
Monu comes from SC community!
Monu Gautam expose Divider in Chief Rahul Gandhi’s Propaganda!
Watch: pic.twitter.com/HTo9cAiwjq
प्रदीप भंडारी ने इस पूरी बातचीत का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। वीडियो में पहले भंडारी ने राहुल गांधी के दावे का क्लिप भी लगाया। इसके बाद भाजपा प्रवक्ता ने चाय वाले से सीधे और स्पष्ट सवाल किए।
भाजपा प्रवक्ता की तरफ से जारी वीडियो में यह साफ दिखाया गया है कि चाय की दुकान पर बड़ी संख्या में डिस्पोजेबल और रीयूज्ड कप रखे हुए थे। बातचीत के दौरान यह बात सामने आई कि अलग-अलग तरह के कप होने का कारण जातिगत भेदभाव बिल्कुल नहीं है, बल्कि यह ग्राहकों की पसंद, सुविधा, चाय की कीमत और इस्तेमाल पर निर्भर करता है।
वीडियो में मोनू की चाय की दुकान की असलियत यह देखी जा सकती है कि वहां पर आने वाले हर ग्राहक को उसकी पसंद या जरूरत के हिसाब से कप या डिस्पोजेबल गिलास दिया जाता है, न कि किसी की जाति देखकर।
प्रदीप भंडारी ने अपने इस वीडियो के जरिए राहुल गांधी के बयान को सिरे से खारिज किया और वीडियो पर अंग्रेजी में ‘एलओपी- लीडर ऑफ प्रोपगेंडा’ लिखकर निशाना साधा। वीडियो के अंत में भंडारी ने राहुल गांधी से कहा कि आप देश को बांटना बंद कीजिए।
भंडारी ने कहा कि आपने कभी चाय की टपरी पर चाय नहीं पी है, इसीलिए आपको यहां मिलने वाले कपों के अंतर के बारे में कुछ नहीं पता और आप सिर्फ लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
गौरतलब है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि देश की चाय की दुकानों पर जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता है।
राहुल के दावे के अनुसार, दलितों को चाय पीने के लिए अलग प्लास्टिक या डिस्पोजेबल कप दिए जाते हैं, जबकि अन्य लोगों को कांच के गिलास में चाय दी जाती है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस पर बहस छिड़ गई कि क्या वाकई टपरियों पर ऐसा जातिगत भेदभाव होता है?