विदेशी छात्र के पास स्नातक की डिग्री नहीं, डीडीयू ने दाखिला किया निरस्त – Hindustan

गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में सर्टिफिकेट कोर्स में प्रवेश लेने वाले कोलंबिया के छात्र जुआन कैमिलो तावेरा मेलिनो का दाखिला निरस्त कर दिया गया है। दस्तावेजों की जांच में छात्र इंटरमीडिएट पास ही मिला। इसके अलावा जांच में उसके भारत में टूरिस्ट वीजा पर आने की भी जानकारी मिली। इसके बाद विभाग ने छात्र का दाखिला निरस्त कर दिया है। छात्र ने जुलाई में राजनीति विज्ञान विभाग के सर्टिफिकेट कोर्स ऑफ हॉस्पिटल मैनेजमेंट में ऑनलाइन आवेदन किया था। विभाग ने आवेदन स्वीकार करने के बाद प्रवेश शुल्क भी जमा करा लिया। विदेशी छात्र होने के कारण उसके दस्तावेज बाद में सत्यापन के लिए विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय सेल भेजे गए।

जांच के दौरान उसकी शैक्षिक योग्यता और वीजा से जुड़ी जानकारी सामने आई। पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए स्नातक की डिग्री अनिवार्य है, जबकि छात्र की वास्तविक शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट तक ही मिली। छात्र ने अपने दस्तावेजों में ग्रेजुएशन सेरेमनी का प्रमाण-पत्र लगाया था। इसी के आधार पर उसने खुद को स्नातक बताया था। विश्वविद्यालय की जांच में पता चला कि कोलंबिया में इंटरमीडिएट के बाद सत्र पूरा होने पर भी ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित होती है। इसलिए यह प्रमाणपत्र स्नातक की डिग्री नहीं मानी जा सकती।

अंतरराष्ट्रीय सेल के निदेशक प्रो. रामवंत गुप्ता ने बताया कि विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश में शैक्षिक दस्तावेजों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन जरूरी है। इसी क्रम में जांच की गई। जांच में छात्र के पास पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक स्नातक की योग्यता नहीं थी। ऐसे में उसका दाखिला निरस्त कर दिया गया। छात्र से जमा कराया गया प्रवेश शुल्क वापस करने या समायोजित करने के संबंध में राजनीति विज्ञान विभाग ने अंतरराष्ट्रीय सेल को पत्र भी भेजा है।

विश्वविद्यालय के अनुसार छात्र ने अपने प्रमाण-पत्रों में ग्रेजुएशन सेरेमनी का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया था और इसी आधार पर स्वयं को स्नातक बताया था। जांच में स्पष्ट हुआ कि कोलंबिया में इंटरमीडिएट के बाद भी सत्र के अवसान पर ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित होती है। छात्र ने इसी सेरेमनी का प्रमाण-पत्र लगाया था। इसे स्नातक की अनिवार्य शैक्षिक योग्यता का प्रमाण नहीं माना गया।

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