पारंपरिक खेल विरासत केवल अतीत की पहचान नहीं – Hindustan

मेरठ। भारत के पारंपरिक खेल हमारी संस्कृति, जीवनशैली एवं गौरवशाली विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। इन खेलों को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की जरुरत है। क्रीड़ा भारती द्वारा आईआईएमटी विवि में हुए खेल संवाद में यह बात मेजर ध्यानचंद खेल विवि के कुलपति डॉ.दीप अहलावत ने ये बात कही। भारतीय पारंपरिक खेलों की समृद्ध विरासत, खेल संस्कृति और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को समर्पित खेल संवाद में खेल जगत से जुड़े व्यक्तित्वों ने भारतीय पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने और युवा खिलाड़ियों को उनसे जोड़ने पर जोर दिया। क्रीड़ा भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रसाद महानकर ने भारतीय खेल परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने और खेलों से राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करने की अपील की।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अलका तोमर एवं पूनम विश्नोई ने अपने खेल अनुभव साझा करते हुए खिलाड़ियों के संघर्ष, अनुशासन एवं निरंतर मेहनत को प्रस्तुत किया। रामबीर श्रेष्ठ, डॉ.योगेश एवं डॉ.गौरव कुमार ने परंपरागत खेलों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि भारत के पारंपरिक खेल विरासत केवल अतीत की पहचान नहीं बल्कि देश के उज्ज्वल खेल भविष्य की मजबूत नींव है। क्षेत्रीय सह-संयोजक डॉ.संदीप त्यागी, प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. मौसम, प्रांत योग प्रमुख जगत सिंह दौसा, ललित कुमार, मनीष कुमार एवं प्रांत मंत्री राजन कुमार मौजूद रहे।
शॉर्ट बायो : प्रवीण दीक्षित पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान मेरठ में उच्च शिक्षा, मौसम एवं प्रदूषण बीट पर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
प्रवीण दीक्षित भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) उच्च शिक्षा, मौसम एवं प्रदूषण बीट पर काम कर रहे हैं। 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर
प्रवीण दीक्षित ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2006 में अमर उजाला अखबार से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2008 में हिन्दुस्तान के साथ जुड़े। अमर उजाला और हिन्दुस्तान दोनों ही समाचार पत्रों में उन्हें शिक्षा, मौसम और पर्यावरण बीट पर काम करने का मौका मिला। 2008 से वे हिन्दुस्तान में लगातार इन बीट को कवर कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी, बीएड के साथ-साथ हिन्दी और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर होने से प्रवीण को विज्ञान, हिन्दी और पत्रकारिता का विशेष संयोजन मिला। इसी वजह से वह शिक्षा, विशेष रूप से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा पर कमांड के साथ ही इनोवेशन, रिसर्च और डाटा विश्लेषण पर केंद्रित स्टोरीज़ लिख रहे हैं।
उच्च शिक्षा और लक्ष्य
उच्च शिक्षा, मौसम और इससे जुड़े रिसर्च के विषयों पर प्रवीण की गहरी समझ है। उच्च शिक्षा में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। प्रवीण का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, शोध, यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीटीई । डाटा विश्लेषण और इस पर केंद्रित समाचार
इनोवेटिव और रिसर्च बेस्ड न्यूज स्टोरीज
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