Written By Varsha Sikri
Credit: News24
सोमवार को दिन की शुरुआत नीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन से हुई. दिनभर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी और आम जनता को चोटें भी आईं. इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने सरकार के सामने अपनी 3 शर्तें रखीं. नड्डा ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वो इसपर ज़रूर विचार करेंगे. शाम ढलते-ढलते सभी को लगने लगा कि अब ये विरोध प्रदर्शन खत्म हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं है.
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कॉकरोच जनता पार्टी ने साफ किया है कि जब तक केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते या उन्हें बर्खास्त नहीं कर दिया जाता, तब तक उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा. जंतर-मंतर पर अभी भी CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि धरने पर बैठे हैं. दिनभर में कई जगहों से पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने की तस्वीरें सामने आई थीं. इसके बावजूद अब प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पहुंच गए हैं और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच रातभर अपना विरोध जारी रखने वाले हैं. हालांकि ये प्रदर्शन उस मूल मंच पर नहीं हो रहा है, जहां से अभिजीत दीपके और सीजेपी के बैनर तले आंदोलन चलाया जा रहा था. वो सभी केरल हाउस के सामने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दरअसल, पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने जंतर-मंतर को खाली करा दिया है, लेकिन इसके बावजूद वहां प्रदर्शनकारी जुट रहे हैं. हालात की गंभीरता को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है.
वहीं सोनम वांगचुक ने खुद अस्पताल के बेड से एक चिट्ठी जारी करते हुए ये साफ कर दिया है कि वो अपना अनिश्चितकालीन अनशन तब तक जारी रखेंगे, जब तक कि विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या खुद सांसद उनसे अस्पताल में मिलने नहीं आ जाते. दरअसल, CJP ने मोदी सरकार के सामने तीन मांगें रखी हैं- पहली मांग है कि सोनम वांगचुक को उनके आंदोलन पर बिना रोक लगाए आज़ाद किया जाए. दूसरी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाए और तीसरी मांग है कि इस साल हुए नीट पेपर लीक की वजह से जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाए.
ये हंगामा तब शुरू हुआ जब आज दिल्ली पुलिस ने संसद की ओर कूच करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की थी. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले दागे. पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया. दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर पुलिस पाकिस्तान का एंगल से भी जांच कर रही है. पुलिस अब तक करीब 70 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में ले चुकी है, जिनमें ज्यादातर छात्र नहीं है. खबर है कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कुछ पाकिस्तानी हैंडल से अफवाह फैलाने का सिलसिला लगातार चल रहा था. पुलिस का कहना है कि वो उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज के जरिए करेगी.
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