Shreeom Singh
Date: 14-10-26 18:00
इजरायल ने 31 देशों के पायलटों और केबिन क्रू के लिए नए नियम लागू किए हैं. इन नियमों के तहत ऐसे देशों के नागरिकों को इजरायल जाने वाली उड़ानों में काम करने या उसके हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं होगी, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं. इन देशों में पाकिस्तान, ईरान, सऊदी अरब, ओमान, अल्जीरिया और ट्यूनीशिया समेत कई देश शामिल हैं.
इजरायल के इस फैसले का असर अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस पर भी पड़ रहा है. एयर फ्रांस ने पुष्टि की है कि वह इजरायली अधिकारियों के नए नियमों का पालन कर रही है. यह फैसला फ्लाईदुबई की एक उड़ान में सह-पायलट द्वारा कथित तौर पर हमला किए जाने की घटना के बाद सामने आया है.
31 देशों के पायलटों पर क्यों लगी रोक?
इजरायल के एन12 ब्रॉडकास्टर के मुताबिक, परिवहन और सड़क सुरक्षा मंत्रालय ने 1 अक्टूबर को विदेशी एयरलाइंस को नए नियमों की जानकारी दी थी. इसके तहत इजरायल के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने वाले पायलटों और केबिन क्रू के पास ऐसे देशों की नागरिकता या दोहरी नागरिकता नहीं होनी चाहिए, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं.
एयर फ्रांस ने अल जजीरा को बताया कि उसे उन देशों के नियमों का पालन करना होता है, जहां वह अपनी सेवाएं देती है. कंपनी ने कहा कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ-साथ संबंधित देशों के प्रवेश नियमों का पालन करना भी जरूरी है.
फ्लाईदुबई की उड़ान में क्या हुआ था?
यह फैसला 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में हुई एक घटना के बाद आया. रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान के सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने विमान के कॉकपिट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया था. आरोप है कि उसने विमान को इजरायल के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश भी की.
विमान में 174 यात्रियों के अलावा चालक दल के सदस्य मौजूद थे. बताया गया कि भारतीय पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद कुछ यात्रियों ने हमलावर सह-पायलट को काबू करने में मदद की. इसके बाद रिजर्व पायलटों ने विमान को सऊदी अरब में आपात स्थिति में उतारा.
कई एयरलाइंस नए नियमों का पालन कर रहीं
एयर फ्रांस ने बताया कि तेल अवीव जाने वाली उड़ानों से जुड़े कर्मचारियों को इजरायली अधिकारियों के नए नियमों की जानकारी दे दी गई है.
चेक गणराज्य की एयरलाइन स्मार्टविंग्स ने भी पुष्टि की है कि उसे इजरायल का निर्देश मिल गया है और वह इसका पालन करेगी. वहीं, यूनाइटेड एयरलाइंस ने इस मामले पर कोई खास जानकारी साझा नहीं की.
इजरायल के इस फैसले से उन अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस पर असर पड़ सकता है, जो वहां उड़ान भरती हैं या उसके हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करती हैं. हालांकि, अलग-अलग एयरलाइंस पर इन नियमों का कितना असर होगा, यह उनके संचालन और संबंधित अधिकारियों के निर्देशों पर निर्भर करेगा.
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