रीवा के प्रसिद्ध रानी तालाब स्थित मां काली मंदिर में शारदीय नवरात्रि की पंचमी पर सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। मंदिर के पट सुबह 4 बजे खुलते ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहता है। मां के जयकारों से मंदिर परिसर भ
सुबह 4 बजे से शुरू हो जाते हैं दर्शन
करीब 450 साल पुराने रानी तालाब स्थित मां काली मंदिर को रीवा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्त मां के दरबार में मत्था टेककर सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांग रहे हैं।
षष्ठी से नवमी तक 50 हजार से एक लाख भक्तों के पहुंचने का अनुमान
नवरात्रि की पंचमी के बाद षष्ठी से नवमी तक मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। इन चार दिनों में प्रतिदिन करीब 50 हजार से एक लाख तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। विशेष पर्वों पर दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्त मां के दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर और आसपास भीड़ प्रबंधन की चुनौती बढ़ सकती है।
22 एकड़ में फैला है मंदिर परिसर
मंदिर के प्रधान पुजारी के अनुसार, रानी तालाब स्थित मंदिर परिसर लगभग 22 एकड़ में फैला है। तालाब के बीचों-बीच स्थित शिव मंदिर और भगवान गणेश का मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। मां काली के दर्शन के साथ भक्त इन मंदिरों में भी पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
नवरात्रि में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर में सुबह और शाम की शिफ्ट में 10-10 पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। जवानों की तैनाती का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखना और भीड़ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालना है।
मंदिर में सुबह से ही पूजा-अर्चना और मां के जयकारों के बीच भक्तिमय माहौल बना हुआ है। आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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