Rashmi Singh
Date: 19-10-26 12:34
UP News: शारदीय नवरात्र की महानवमी और विजयादशमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए धर्म, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया. अपनी पाती में उन्होंने मां दुर्गा के पराक्रम और प्रभु श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि अन्याय और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है. सीएम योगी ने लोगों से अहंकार, भेदभाव और नकारात्मकता जैसी बुराइयों को त्यागने का संकल्प लेने की अपील भी की.
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, शारदीय नवरात्र की महानवमी की हृदय से बधाई एवं विजयादशमी की अनंत शुभकामनाएं। मां दुर्गा का प्रबल पराक्रम और प्रभु श्रीराम का धर्मनिष्ठ जीवन हमें अन्याय के प्रतिकार, नारी-सम्मान तथा कर्तव्यपालन की प्रेरणा देता है। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप हमारी सरकार ने प्रदेश में कानून के शासन और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनाए गए हैं। मुझे संतोष है कि इसी क्रम में प्रयागराज के कसारी-मसारी में माफिया के कब्जे से मुक्त भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनेंगे। यह क्षेत्र ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित होगा। मेरा आपसे विशेष आग्रह है कि इस विजयादशमी पर अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता रूपी रावण के दहन के साथ नशे की लत, पारिवारिक कलह, जातीय भेदभाव और दहेज-प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति का संकल्प भी लें।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और नागरिकों की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति विजय के उत्सव के साथ विनम्रता और ज्ञान के प्रति सम्मान का भाव भी सिखाती है. इसी क्रम में उन्होंने कानून-व्यवस्था, माफिया के खिलाफ कार्रवाई और कसारी मसारी में गरीबों के लिए आवास निर्माण का जिक्र किया.
मां दुर्गा और प्रभु श्रीराम के आदर्शों से लें प्रेरणा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मां दुर्गा का पराक्रम और प्रभु श्रीराम का धर्मनिष्ठ जीवन समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने, नारी का सम्मान करने और अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा देता है. उनके मुताबिक, विजयादशमी केवल उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि सत्य और धर्म की जीत का प्रतीक भी है. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस पर्व के अवसर पर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लें. उन्होंने अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता को ऐसी बुराइयों के रूप में बताया, जिनसे समाज को मुक्त करने के लिए हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए.
प्रभु श्रीराम के आदर्शों से जुड़ा है सामाजिक समरसता का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में प्रभु श्रीराम के आदर्शों और सामाजिक एकता के महत्व पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि रामलीला जैसे आयोजनों में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बिना किसी भेदभाव के शामिल होते हैं. यह परंपरा सामाजिक समरसता और एकात्मता का संदेश देती है. सीएम योगी के अनुसार, प्रभु श्रीराम के आदर्श केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया के कई देशों की सांस्कृतिक परंपराओं में भी उनका प्रभाव देखने को मिलता है. उन्होंने मां और मातृभूमि के प्रति प्रेम के साथ कर्तव्यनिष्ठा को भी जीवन का अहम हिस्सा बताया.
कानून का शासन और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप प्रदेश में कानून का शासन कायम रखना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं. सीएम योगी ने अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को कानून के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करने से जोड़ा. साथ ही उन्होंने सुरक्षित और समरस समाज के निर्माण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ जनभागीदारी को भी जरूरी बताया.
कसारी मसारी की जमीन पर गरीबों के लिए बनेंगे आवास
अपनी पाती में मुख्यमंत्री ने कसारी मसारी का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे. उनके मुताबिक, इस पूरे क्षेत्र को कृष्णपुरी के नाम से विकसित किया जाएगा. इस घोषणा के साथ मुख्यमंत्री ने अपराध और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई के बाद जमीन का इस्तेमाल जनहित में करने की बात कही. हालांकि, आवास निर्माण और क्षेत्र के विकास से जुड़ी विस्तृत योजना के बारे में पाती में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई.
विजयादशमी पर बुराइयों को छोड़ने की अपील
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे विजयादशमी पर केवल रावण के पुतले का दहन करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने भीतर मौजूद अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता जैसी बुराइयों को भी छोड़ने का संकल्प लें. उन्होंने समाज में सकारात्मक सोच और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया. मुख्यमंत्री ने व्यसन से पीड़ित लोगों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को तिरस्कार करने के बजाय सहयोग और सहानुभूति देनी चाहिए, ताकि वे स्वस्थ जीवन की ओर लौट सकें. उनके संदेश का केंद्र यही रहा कि त्योहारों की सार्थकता तभी है, जब उनके आदर्श समाज और व्यक्तिगत जीवन में भी दिखाई दें.
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