रामलीला मैदान में कांग्रेस ने कैसे जुटा ली इतनी भीड़? बस, ट्रेन, फ्लाइट से भी आए लोग!, National Hindi News – Hindustan

1 नवंबर 2026 को राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन का अब तक का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के विरोध में आयोजित इस ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में देश भर से हजारों कार्यकर्ता और समर्थक उमड़े।
लेकिन रविवार की इस विशाल जनसभा और 1.3 किलोमीटर लंबे मार्च के पीछे कई हफ्तों की जबरदस्त संगठनात्मक तैयारी, राज्यों को मिले भीड़ के लक्ष्य और बूथ-स्तरीय माइक्रो-मैनेजमेंट का हाथ था।
रामलीला मैदान को भरने के लिए विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस के प्रदेश संगठनों ने कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं।
तेलंगाना कांग्रेस के नेताओं के मुताबिक, हर प्रदेश-स्तरीय नेता को अपने-अपने क्षेत्र से कम से कम 100 समर्थकों को दिल्ली लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। राज्य से आने वाले कार्यकर्ताओं को दिल्ली के वसंत कुंज स्थित होटलों और लॉज में ठहराया गया था।
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश से हजारों कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने अकेले 15,000 कार्यकर्ता भेजने का दावा किया, जिनके लिए 200 से 250 बसों समेत 500 से ज्यादा गाड़ियों का काफिला तैयार किया गया था।
महाराष्ट्र के चंद्रपुर शहर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष चंदा वैरागड़े का दावा है कि उनके साथ करीब 500 महिलाएं 30 अक्टूबर को ही ट्रेन से दिल्ली पहुंच गई थीं। चंदा ने बताया कि 2 हफ्तों तक घर-घर जाकर महिलाओं को दिल्ली आने के लिए मनाना एक बड़ा टास्क था।
रैली को केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित रखने के बजाय इसे सांस्कृतिक और क्षेत्रीय पहचान से भी जोड़ा गया।
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात के पार्टी पदाधिकारियों ने स्थानीय और आदिवासी कलाकारों को विशेष रूप से चुना। राम नारायण सिंह राठिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ से आए कलाकार अपने पारंपरिक परिधान साथ लाए थे और दिल्ली आने से पहले लगभग एक हफ्ते तक उन्होंने अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रिहर्सल की थी।
रैली को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए दिल्ली कांग्रेस (DPCC) और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षकों ने जिलों में लगातार बैठकें कीं।
दिल्ली कांग्रेस ने ट्रांसपोर्ट, ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था के लिए 20 अलग-अलग कमेटियां बनाई थीं। सैकड़ों बसों की केंद्रीय व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय नेताओं ने अपने स्तर पर गाड़ियां उपलब्ध कराईं।
सबसे बड़ी बात- यह केवल कांग्रेस की रैली नहीं थी। समाजवादी पार्टी (SP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और टीएमसी समेत 19 घटक दलों के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से जिम्मेदारी बंटी और भीड़ कई गुना बढ़ गई।
दोपहर 12:45 बजे कनॉट प्लेस के पास मिंटो रोड जंक्शन से शुरू हुआ 1.3 Km का मार्च अजमेरी गेट और कमला मार्केट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचा। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले और फारूक अब्दुल्ला राजस्थान से मंगवाई गई ओपन सफारी जीप में सवार होकर निकले। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस मार्च ने सेंट्रल दिल्ली में एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।
एक तरफ जहां विपक्षी दलों ने लाखों की भीड़ जुटने का दावा किया, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आंकड़ों और तस्वीरों को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला।
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी ने 10 लाख लोगों के आने का दावा किया था, लेकिन हकीकत यह है कि दोपहर 3:30 से 4 बजे के बीच रामलीला मैदान का 40% हिस्सा खाली पड़ा था। 28,000 कुर्सियों में से 5,000 से 7,000 कुर्सियां खाली पड़ी थीं।”
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर फर्जी फोटो शेयर करने का आरोप लगाते हुए लिखा, “भीड़ दिखाने के लिए कांग्रेस की ‘फेक नैरेटिव टीम’ ने जो AI से बनाई गई फर्जी फोटो पोस्ट की है, वह भी सही से नहीं बना पाए!”
तमाम आरोपों और बयानों के बीच, 19 विपक्षी दलों की इस एकजुटता और ‘वोट बचाओ’ के नारे ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले देश का सियासी तापमान चरम पर पहुंचा दिया है।
आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News