इंडियन नेवी को मिलने जा रहा है दमदार युद्धपोत, ब्रह्मोस से लैस तमाल सुपरसोनिक मिसाइलों को भी देगा टक्कर – Zee Hindustan

भारतीय नौसेना में जल्द ही नया युद्धपोत शामिल होने जा रहा है. ‘तमाल’ को विदेश से आने वाला आखिरी फ्रिगेट बताया जा रहा है. ऐसे में चलिए जानते हैं क्या है इसमें खास.
नई दिल्ली: इंडियन नेवी के लिए खुशखबरी है कि जल्द ही इन्हें दुनिया का सबसे एडवांस मल्टी-रोल स्टील्थ गाइडेड मिसाइल जंगी जहाज ‘तमाल’ मिलने वाला है. इस युद्धपोत को रूस ने निर्मित किया है. बताया जा रहा है कि यह विदेश से आने वाला भारत में आखिरी फ्रिगेट होगा. यह जंगी जहाज में ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल तक को दागने में सक्षम होगा. 
2016 में हुआ था समझौता
बता दें कि यह तमाल जंगी जहाज 2016 में तलवार श्रेणी में हुए उस समझौते का हिस्सा है, जिसमें दो रूस और दो भारत को तैयार करने थे. इसी समझौते के तहत अब दूसरी जंगी भी बनकर तैयार हो चुका है, जिसके इसी साल जून तक भारतीय नौसेना का हिस्सा बनने की उम्मीद है. वहीं, रूस में बना पहला युद्धपोत INS तुशील पहले ही भारतीय नौसेना का हिस्सा बन चुका है, इसे 9 दिसंबर, 2024 को शामिल किया गया था. उस समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस यात्रा पर थे. 
रूस में चल रहा परीक्षण
बताया जा रहा है कि अब रूस में दूसरे जंगी जहाज तमाल की भी परीक्षण चल रहा है. खासतौर पर इसके लिए 200 भारतीय नौसेना के कर्मचारी सेंट पीटर्सबर्ग पहुंच गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह परीक्षण लगभग 6 सप्ताह तक चलने वाला है. एक बार यह सफलता पूर्वक पूरा हो जाए, इसके तमाल को भारत की यात्रा के लिए तैयार किया जाएगा.
 सुपरसोनिक मिसाइल का भी करेगा सामना
तमाल युद्धपोत को किसी धारदार तलवार के आकार का डिजाइन किया गया है. इसे ऐसा बनाया गया है कि यह अपनी उच्च गतिशीलता की वजह से सटीक हमलों में टिका रह पाए. यह युद्धपोत 30 नॉट्स यानी 55 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से समुद्र में चल सकता है. इस युद्धपोत ब्रह्मोस मिसाइल से लैस किए जाने की भी योजना बनाई जा रही है. ऐसे में यह सुपरसोनिक मिसाइल पर भी भारी पड़ सकता है.
हर खतरे के लिए किया जा रहा तैयार
इस युद्धपोत को पानी के भीतर पनडुब्बी जैसे खतरे से भी निपटने के लिए तैयार किया गया है. इसे एडवांस एंटी-सबमरीन और टारपीडो से लैस किया गया है. इस पर मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर की तैनाती तक की जा सकती है, जो इसे लड़ाकू मिशनों और निगरानी के लिए भी खास बनाता है. तमाल को लेकर नौसेना का कहना है कि ये विदेशों से खरीदा जाने वाला आखिरी युद्धपोत है.
2003 से तलवार श्रेणी के युद्धपोत का हो रहा संचालन
गौरतलब है कि भारत 2003 से ही तलवार श्रेणी के जंगी जहाज का संचालन कर रहा है. इनमें से फिलहाल 6 युद्धपोत पहले ही सेवा में हैं, वहीं, 4 को ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस किया जा चुका है, जबकि अन्य दो को अपग्रेड करने का अब भी कार्य चल रहा है.
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