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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के संस्थापक सर सैयद अहमद खान को लेकर बयान दिया था। इस बयान का AMU के वरिष्ठ इतिहासकार और पूर्व जनसंपर्क अधिकारी राहत अबरार ने स्वागत किया है।
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मोहन भागवत ने मुस्लिमों को लेकर दिया विवादित बयान
हाल ही में मोहन भागवत ने कहा था कि अगर हिंदुस्तान से मुसलमानों को हटा दिया जाए, तो हिंदुत्व भी खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि एक समय लाहौर में आर्य समाज ने सर सैयद अहमद खान का सम्मान किया था। भागवत के मुताबिक, उस समय सर सैयद का स्वागत इस बात के लिए किया गया था कि वे मुस्लिम समाज के एक प्रमुख बैरिस्टर थे।
राहत अबरार ने कहा कि सर सैयद अहमद खान की तारीफ करना अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि सर सैयद ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा काम किया था। उनके शुरू किए गए शिक्षा आंदोलन का असर आज भी देश के कई विश्वविद्यालयों में देखा जा सकता है।
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कांग्रेसी नहीं थे सैयद अहमद खान
राहत अबरार ने यह भी कहा कि सर सैयद अहमद खान कांग्रेस को पसंद नहीं करते थे। कांग्रेस की स्थापना उनके ही विचारों से प्रभावित होकर की गई, लेकिन सर सैयद ने खुद कांग्रेस से दूरी बनाए रखी।
कौन हैं सर सैयद अहमद खान?
सर सैयद अहमद खान 19वीं सदी के एक प्रमुख मुस्लिम सुधाकर थे। उन्होंने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 1875 में MAO कॉलेज की स्थापना की, जो बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना। मोहन भागवत का बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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