Chaibasa News: नोवामुंडी,संवाददाता। नोवामुंडी प्रखंड क्षेत्र में बारिश शुरू होते ही मौसमी बुखार के मरीज बढ़ने लगे हैं। टाटा स्टील अस्पताल की बात करें तो प्रत्येक दिन नब्बे प्रतिशत मरीज बुखार की आशंका से रक्त जांच कराने अस्पताल पहुंच रहे हैं। रक्त परीक्षण के बाद मौसमी बुखार के लक्षण मिले पचास प्रतिशत रोगियों का उपचार शुरू किया जाता है, जिन्हें अधिक परेशानी है उसे तत्काल भर्ती कर इलाज की जा रही है। रुतागुट अस्पताल के चिकित्सक ने बताया कि मौसमी बुखार मौसम बदलने पर होने वाला एक सामान्य वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार,बदन दर्द,ठंड लगना,गले में खराश और थकान शामिल है।यह
आमतौर पर तीन से पांच दिनों में ठीक हो जाता है। उन्होंने बताया कि वायरल फीवर एक सामान्य संक्रामक बीमारी है, जो वायरस के संपर्क में आने,दूषित पानी या हवा में मौजूद बूंदों (छींकने/खांसने) के माध्यम से फैलती है। वायरल बुखार की अवधि मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) और वायरस के प्रकार पर निर्भर करती है। यदि बुखार तीन से चार दिनों से ज्यादा बना रहे या लक्षण गंभीर हों,तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। गंभीर मामलों (जैसे डेंगू या इन्फ्लूएंजा) में यह सात से दस दिनों या उससे अधिक समय तक रह सकता है।
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