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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच गहरी होती जा रही है. CBI की विशेष जांच टीम ने मंगलवार को उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में घटनास्थल का दौरा किया. शुरुआती जांच में एजेंसी को ये एक बेहद सुनियोजित सुपारी किलिंग का लग रहा है, जिस पर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाने का शक है.
CBI की टीम DIG पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल पहुंची. उनके साथ कोलकाता की सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे. जांचकर्ताओं ने कई घंटे तक क्राइम सीन पर रहकर वारदात के पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश करते हुए सबूतों की दोबारा समीक्षा की है. चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई को मध्यमग्राम की दोहरिया लेन में की गई थी.
ये इलाका कोलकाता एयरपोर्ट से करीब 7 किलोमीटर दूर है. चंद्रनाथ रथ अपनी SUV कार में थे, तभी उनके घर के पास एक कार ने रास्ता रोक लिया. इसके बाद दोपहिया वाहनों पर पहुंचे हथियारबंद हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. मौके पर ही उनकी मौत हो गई. हमले के बाद आरोपी अपनी कार को छोड़कर लाल रंग की कार और बाइक से फरार हो गए.
सुपारी किलिंग पर 1 करोड़ खर्च होने का शक
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह हत्या बेहद बारीकी से प्लान की गई थी और इसमें बड़े पैमाने पर पैसे खर्च किए गए. पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्या में इस्तेमाल हुई दो बंदूकों में से एक की कीमत ही 10 लाख रुपए से ज्यादा हो सकती है. इसके अलावा शार्प शूटरों को हायर करने, इलाके की रेकी कराने, भागने के लिए वाहन जुटाने और ऑपरेशन को अंजाम देने में भारी रकम खर्च हुई है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी रकम किसने लगाई और इसके पीछे मकसद क्या था.” CFSL की टीम ने घटनास्थल से खून के ताजा नमूने और दूसरे वैज्ञानिक सबूत जुटाए हैं. अब बैलिस्टिक जांच और अन्य तकनीकी विश्लेषण के जरिए हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. मंगलवार को भी घटनास्थल में भारी पुलिस बैरिकेडिंग की गई.
लोगों को आने-जाने के लिए कई सुरक्षा जांच चौकियों से गुजरना पड़ा. जांच में सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल किए गए वाहनों की नंबर प्लेट फर्जी थीं. गाड़ियों के इंजन और चेसिस नंबरों के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी. हत्या से जुड़ी दो मोटरसाइकिलें बाद में बरामद की गईं. इनमें एक घटनास्थल के पास मिली, जबकि दूसरी करीब 6 किलोमीटर दूर बारासात से बरामद हुई थी.
यूपी और बिहार से तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक कथित शार्प शूटर भी शामिल है. आरोपियों की पहचान मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों तक पहुंचने में हावड़ा के बाली स्थित एक टोल प्लाजा पर किए गए UPI पेमेंट ने अहम भूमिका निभाई. एजेंसियों को अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह की संलिप्तता का शक है.
पश्चिम बंगाल पुलिस का मानना है कि इस वारदात में कम से कम आठ लोग शामिल हो सकते हैं. पूछताछ के दौरान आरोपी लगातार अपने बयान बदल रहे हैं. अदालत ने तीनों आरोपियों को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध के बाद सीबीआई ने सोमवार को जांच अपने हाथ में ली थी. इसके बाद नए सिरे से FIR दर्ज की गई थी.
केंद्रीय एजेंसी ने अब एक विशेष टीम बनाकर जांच शुरू कर दी है. उनका फोकस अब इस हत्या के पीछे मौजूद बड़ी साजिश को उजागर करने पर है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है. इसमें अंतरराज्यीय आपराधिक संबंध और बड़ी साजिश भी शामिल है.” हत्या की साजिश किसने रची और इसके पीछे असली मकसद क्या था, इसकी जांच जारी है.
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