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दिपके-नेहा बोरा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा
‘मैं कोर्ट के रुख से संतुष्ट हूं’, बोले जॉन ब्रिटास
12 अक्टूबर के मार्च पर SC ने जताई नाराजगी
‘महिला पत्रकारों की गिरफ्तारी न हो’, SC का दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश
SC ने राहुल-अखिलेश को जारी किया नोटिस
वकीलों को डराने-धमकाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
आज मोबाइल रखने वाला कोई भी व्यक्ति पत्रकार बन सकता है: SG
प्रदर्शन के सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखें, SC का निर्देश
राहुल गांधी को SC की फटकार
प्रदर्शन के मामले में पुलिस कमिश्नर का हलफनामा
CJP के विरोध प्रदर्शन को चुनौती देने वाली याचिका पर HC में सुनवाई
महाराष्ट्र SIR में वोटरों के नाम काटने का मामला SC में उठाया गया
DMRC और दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया
‘हिरासत में लेना कानून-व्यवस्था के लिए जरूरी था’, दिल्ली पुलिस ने SC में बताया
दिल्ली पुलिस ने मुझे गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया, बोले जॉन ब्रिटास
भारत के संविधान और सर्वोच्च न्यायालय पर भरोसा: प्रमोद तिवारी
आज सुप्रीम कोर्ट में 22 याचिकाओं पर सुनवाई
NSUI महिला कार्यकर्ताओं पर FIR
SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आचरण पर नाराजगी जताते हुए उन्हें फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि उन्हें इस पर स्पष्टीकरण देना होगा. चीफ जस्टिस ने मार्च और उसके दौरान हुई अव्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और कहा कि याचिकाकर्ता राहुल गांधी को इस पर सफाई देनी होगी.
इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट ने ‘SIR’ प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर INDIA गठबंधन और AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी की ओर से दायर याचिकाओं पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है.
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शन से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है. साथ ही, सभी निजी पक्ष भी वीडियो सुरक्षित रख सकते हैं, ताकि उन्हें अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया जा सके.
जंतर-मंतर को डिनोटिफाई किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि क्या यह फैसला कोर्ट की कुछ मौखिक टिप्पणियों की वजह से लिया गया था या फिर इसे आम प्रदर्शन स्थल के रूप में इस्तेमाल करने की उपयोगिता पर विचार करने के बाद लिया गया था. SG मेहता ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस निर्णय का आधार नहीं है.
अभिजीत दिपके, कपिल सिब्बल, प्रकाश राज, प्रशांत भूषण और नेहा बोरा की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरुवार को हंगामा देखने को मिला. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक दिपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि पीएम मोदी ने ज्ञानेश कुमार के लिए अपने ही नागरिकों के खिलाफ जंग छेड़ दी है. ECI ने SIR के तहत भारत में 13 करोड़ वोटरों के नाम हटा दिए हैं.
अभिजीत दिपके ने कहा कि मैं उन लोगों से मिला जिन्हें ज्ञानेश कुमार के SIR ने मृत घोषित कर दिया था.
Ruckus during AISA-CJP joint briefing CJP: Why is Gyanesh Kumar being shielded? Listen in for more details #NehaBora #AbhijeetDipke #DelhiProtest #CEC #SIR | @anjalipandey06 https://t.co/o2XkygQkPe
CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने SIR के खिलाफ INDIA गठबंधन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर कहा, ‘मैं कोर्ट के रुख से संतुष्ट हूं, कोर्ट ने मुझे तथ्यों के साथ पूरी सुनवाई का भरोसा भी दिया है. मैंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक पत्र लिखा था. माननीय CJI ने बहुत उदारता दिखाते हुए उस पत्र को एक अंतरिम याचिका में बदल दिया. आज इस अंतरिम याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था. मुझे बिना किसी वकील की मदद के, खुद अपनी बात रखने का मौका मिला. उन्होंने मुझे अपनी बात समझाने का अवसर दिया, और फिर बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि इस मामले में पूरी सुनवाई होनी चाहिए, और कोर्ट बाद में मामले के सभी तथ्यों की जांच करेगा.’
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को फटकार लगाई 12 अक्टूबर के मार्च पर SC ने जताई नाराजगी राहुल गांधी को अपनी मंशा बतानी होगी- CJI ज्यादा जानकारी दे रहे हैं संवाददाता संजय शर्मा #RahulGandhi #SupremeCourt #CJI #INDIABloc #Congress #October12March #NewsRoomLive | @sanjoomewati https://t.co/32UNMMkcw1
विरोध प्रदर्शनों के दौरान महिला पत्रकारों के साथ पुलिस की कथित बदसलूकी और मारपीट के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता दिखाई है. कोर्ट ने संकेत दिया है कि इन आरोपों की सुनवाई और जांच के लिए एक कमेटी गठित की जा सकती है. इस मामले में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह से जरूरी दस्तावेज दो सीलबंद लिफाफों में पेश करने को कहा है.
पढ़ें: ‘CCTV फुटेज सुरक्षित रखें, महिला पत्रकारों की गिरफ्तारी न हो’, सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने के खिलाफ दायर एक याचिका पर राहुल गांधी, SP प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य लोगों को नोटिस जारी किया. साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि कोई भी न्यायपालिका पर दबाव नहीं डाल सकता.
वकीलों को डराने-धमकाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ‘वकीलों को कोई डरा-धमका नहीं सकता’. ज्यादा जानकारी दे रहे हैं @sanjoomewati #SupremeCourt #Advocate #DelhiProtest #DelhiPolice #ATVideo | @sumitdefence https://t.co/8lHQdqgvxN
सुप्रीम कोर्ट में विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों पर हमले के मुद्दे पर SG ने कहा कि टेक्नोलॉजी के इस दौर में, मोबाइल रखने वाला कोई भी व्यक्ति पत्रकार बन सकता है. SG ने कहा कि कई लोग माइक लेकर कहते हैं कि वे रिकॉर्डिंग कर रहे हैं और फिर उसे रील के तौर पर अपलोड कर देते हैं. हमें पता नहीं चलता कि कौन रील बनाने वाला है और कौन स्वतंत्र पत्रकार.
सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि वह विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से महिला पत्रकारों पर किए गए हमले के आरोपों की सुनवाई और जांच के लिए एक समिति का गठन करेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शन से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है. वहीं, जंतर-मंतर को डिनोटिफाई किए जाने के मामले में SC ने सरकार से पूछा कि क्या यह फैसला कोर्ट की कुछ मौखिक टिप्पणियों की वजह से लिया गया था या फिर इसे आम प्रदर्शन स्थल के रूप में इस्तेमाल करने की उपयोगिता पर विचार करने के बाद लिया गया था.
SG मेहता ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस निर्णय का आधार नहीं है. कमेटी का गठन बहुत पहले ही कर दिया गया था. कमेटी ने एक विस्तृत रिपोर्ट दी है.
सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शन पर पाबंदियों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई शुरू हो गई है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार ने अपने कदम का बचाव किया है और इसके पीछे के कारण हलफनामे में बताए हैं. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के आचरण पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें इस पर स्पष्टीकरण देना होगा. कपिल सिब्बल ने बताया कि वह फिलहाल राहुल गांधी की ओर से पेश हो रहे हैं. एसआईआर से जुड़ी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी, जबकि प्रदर्शन पर पाबंदियों से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई अलग होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह और AIMIM सुप्रीमो असद्दुदीन ओवैसी की याचिका पर नोटिस जारी किया है.
प्रदर्शन के मामले में पुलिस कमिश्नर का हलफनामा, बताई CJP को अनुमति न देने की वजह #ATVideo #Delhi #DelhiPolice #DelhiProtest | @SanjooMewati https://t.co/PRup4bsPCE
दिल्ली हाईकोर्ट आज दोपहर 2:30 बजे उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में बुलाए गए विरोध प्रदर्शन को चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ता ने चिंता जताई है कि इस विरोध प्रदर्शन से पूरा कनॉट प्लेस इलाका ठप हो सकता है.
महाराष्ट्र SIR में लाखों वोटरों के नाम काटने का मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया गया. सीजेआई ने कहा कि मूल याचिकाओं के साथ उनकी सुनवाई भी होगी. (Input: Sanjay Sharma)
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को संसद मार्च की अनुमति देने से इनकार करना और प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लेना कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी था. ये सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए जरूरी कदम थे.
पुलिस बल किसी ऐसे संगठन को कानून-व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दे सकता जिसका कथित तौर पर 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान भीड़ की हिंसा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लोगों के घायल होने की घटनाओं से संबंध था. (Input: Sanjay Sharma)
CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने सुप्रीम कोर्ट में ECI के खिलाफ राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की ओर से दायर याचिकाओं पर कहा, ‘हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से हमारे पक्ष में फैसला आएगा. मुझे मुख्य न्यायाधीश को उन भयानक घटनाओं के बारे में बताना पड़ा, जिनका मुझे सामना करना पड़ा था. दिल्ली पुलिस ने मुझे गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया, घसीटते हुए गाड़ी में डाला और CRPF ने भी मुझे परेशान किया. मैंने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इन सभी घटनाओं के बारे में बताया.’
जॉन ब्रिटास ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट का आभारी हूं कि उन्होंने उस पत्र को एक अंतरिम याचिका में बदल दिया और इसे INDIA गठबंधन की पहले से मौजूद याचिका के साथ जोड़ दिया है. हमें उम्मीद है कि हम कानूनी और राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ सकेंगे.
उन्होंने कहा कि हमें आशा है कि सुप्रीम कोर्ट SIR से जुड़े तमाम मुद्दों पर गौर करेगा. इसमें चुनाव आयोग के काम करने के तरीके के साथ-साथ दिल्ली पुलिस के मनमाने फैसलों, और राजधानी में हो रहे दमन और अत्याचार जैसे मामले भी शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट इन मुद्दों से अनजान नहीं है. हमें उम्मीद है कि माननीय मुख्य न्यायाधीश और उनकी पीठ याचिका में उठाए गए इन सभी मामलों पर फैसला सुनाएगी.
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा है कि SIR के नाम पर 13 करोड़ से ज्यादा वोट काट लिए गए हैं. इसमें करोड़ों लोग वो शामिल हैं जो पूरी तरह से वैध मतदाता हैं. अब अगर सुप्रीम कोर्ट इनके पक्ष में निर्णय दे भी देगा तो क्या बंगाल, बिहार जहां चुनाव हो चुका है, वो लौटकर आएगा.
प्रमोद तिवारी ने कहा कि हमारी पूरी आस्था और पूरा विश्वास भारत के संविधान और भारत के सर्वोच्च न्यायालय पर है. हमें पूरा विश्वास है कि हमारे तर्कों को सुनने के बाद, संविधान के हर पहलू पर गौर करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय का ऐसा फैसला आएगा जो लोकतंत्र को बचाएगा, वोट के अधिकार की हिफाजत करेगा. हम इस भरोसे के साथ सर्वोच्च न्यायालय गए हैं.
आज सुप्रीम कोर्ट में 22 याचिकाओं पर सुनवाई इंडिया गठबंधन की याचिका पर भी आज SC में होगी सुनवाई चुनाव आयोग, SIR, प्रदर्शन को लेकर अर्जी पर सुनवाई #SupremeCourt #SupremeCourtHearing #INDIABloc #ElectionCommission #SIR #SIRHearing #Super8 | @Poojasharma_ps_ https://t.co/yljcxHzVSi
NSUI महिला कार्यकर्ताओं पर FIR- सूत्र मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई NSUI – पुलिस विवाद में सामने आए दो वीडियो #NSUI #DelhiPolice #FIR #NSUIProtest #PoliceAction #Super8 | @Poojasharma_ps_ https://t.co/r2lI2QWX0n
मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 13 विपक्षी नेताओं की ओर से दाखिल याचिका पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी.
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