Diwali 2026: कब मनाई जाएगी दिवाली? नोट करें लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि – Bharat24live

Rashmi Singh
Date: 22-10-26 13:36
Diwali 2026: दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में तैयारियां शुरू हो जाती हैं. बाजारों में रौनक, दीयों की सजावट और मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारियों के बीच लोगों के मन में एक सवाल भी उठ रहा है कि इस साल दिवाली किस तारीख को मनाई जाएगी. कोई 8 नवंबर को दीपावली मनाने की बात कर रहा है, तो कहीं 9 नवंबर की तारीख को लेकर चर्चा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पंचांग के अनुसार दिवाली कब मनाई जाएगी और लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए कौन-सा समय शुभ रहेगा.
दिवाली 2026 में कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, दिवाली कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है. द्रिक पंचांग के मुताबिक, साल 2026 में अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी और 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगी. चूंकि 8 नवंबर को शाम के समय अमावस्या तिथि और प्रदोष काल का संयोग बन रहा है, इसलिए इस साल दिवाली का मुख्य पर्व रविवार, 8 नवंबर को मनाया जाएगा.
दिवाली 2026 पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 8 नवंबर को प्रदोष काल शाम 5 बजकर 31 मिनट से रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा. वहीं, लक्ष्मी पूजा का मुख्य शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक है. वृषभ काल भी इसी अवधि में रहेगा.
दिवाली पर चौघड़िया मुहूर्त का समय
दिवाली के दिन पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए चौघड़िया मुहूर्त भी देखा जाता है. पंचांग के अनुसार, सुबह का मुहूर्त 11 बजकर 27 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक रहेगा. इसके बाद दोपहर का मुहूर्त 1 बजकर 26 मिनट से 2 बजकर 48 मिनट तक है. शाम के समय चौघड़िया मुहूर्त 5 बजकर 31 मिनट से रात 10 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. वहीं, रात्रि का मुहूर्त 9 नवंबर को रात 1 बजकर 43 मिनट से सुबह 3 बजकर 22 मिनट तक और उषाकाल का मुहूर्त सुबह 5 बजे से 6 बजकर 39 मिनट तक रहेगा.
दिवाली पर कैसे करें मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा?
दिवाली के दिन घर की साफ-सफाई करने के बाद पूजा स्थल को सजाया जाता है. मुख्य द्वार पर रंगोली बनाई जाती है और घर में दीपक जलाए जाते हैं. शाम को शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. पूजा में रोली, अक्षत, फूल, फल, मिठाई, धूप और दीपक जैसी सामग्री रख सकते हैं. अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार कलश स्थापना भी की जा सकती है.
पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के पूजन से करें. इसके बाद मां लक्ष्मी को फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें. लक्ष्मी-गणेश की आरती करने के बाद परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की प्रार्थना करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करना शुभ माना जाता है.
दिवाली का धार्मिक महत्व क्या है?
दीपावली को अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करके जब अयोध्या लौटे थे, तब उनके स्वागत में नगरवासियों ने दीप जलाए थे. इसी परंपरा को दिवाली के उत्सव से भी जोड़ा जाता है.
इस पर्व पर मां लक्ष्मी की पूजा धन, वैभव और समृद्धि की कामना के लिए की जाती है, जबकि भगवान गणेश का पूजन बुद्धि, शुभ शुरुआत और विघ्नों को दूर करने के लिए किया जाता है. यही वजह है कि दिवाली पर अधिकांश घरों में लक्ष्मी-गणेश की संयुक्त पूजा की जाती है.
ये भी पढ़ें- आज पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु को ऐसे करें प्रसन्न, सुख-समृद्धि के लिए करें ये 5 उपाय
भारत 24 लाइव — भारत का विश्वसनीय हिंदी समाचार पोर्टल। ताज़ा खबरें, विश्लेषण, वीडियो।
लाइव भारत 24 ऐप डाउनलोड करें और लाइव समाचार देखें

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News