मुख्य बातें
EPFO Latest News: पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब जल्द ही ईपीएफओ (EPFO) से पैसा निकालना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है। ईपीएफओ ने यूपीआई (UPI) के जरिए पीएफ निकासी की सुविधा की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इसके लिए ईपीएफओ ने कुछ बैंकों के साथ टेस्टिंग भी शुरू कर दी है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह सुविधा दिसंबर के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, अभी इसकी टेस्टिंग चल रही है और फाइनल लॉन्च की तारीख की घोषणा होना बाकी है।
नई सुविधा शुरू होने के बाद ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स को पीएफ का पैसा निकालने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। ईपीएफओ की योजना यूएएन (UAN) पोर्टल को यूजर्स के यूपीआई अकाउंट से जोड़ने की है। इससे पीएफ निकासी की प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान और तेज हो सकती है। फिलहाल पीएफ निकालने के लिए कर्मचारी को यूएएन पोर्टल के जरिए ऑनलाइन क्लेम करना पड़ता है। क्लेम मंजूर होने के बाद ईपीएफओ पैसा कर्मचारी के बैंक अकाउंट में भेजता है। इसके बाद कर्मचारी उस पैसे का इस्तेमाल कर सकता है। नई व्यवस्था में इन सेवाओं को यूपीआई के साथ जोड़ने की तैयारी है।
रिपोर्पीट के मुताबिक, ईएफओ एक नया ऐप भी लॉन्च कर सकता है, जिसे सब्सक्राइबर्स के बैंक अकाउंट से जोड़ा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऐप को भीम (BHIM) और दूसरे यूपीआई ऐप्स से भी जोड़ा जा सकता है। इसका मकसद पीएफ से जुड़े काम और पैसे की निकासी को ज्यादा आसान बनाना है।
यूपीआई के जरिए पीएफ निकालने की सुविधा मिलने के बाद भी कर्मचारी पूरा पैसा एक साथ नहीं निकाल पाएंगे। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत योग्य पीएफ बैलेंस का 75 फीसदी तक पैसा यूपीआई के जरिए निकाला जा सकता है। बाकी कम से कम 25 फीसदी रकम पीएफ अकाउंट में बनी रहेगी। यह पैसा एजुकेशन, शादी और घर से जुड़े खर्च जैसी जरूरतों के लिए निकाला जा सकेगा। खाते में बची रकम पर टैक्स-फ्री ब्याज मिलता रहेगा। यानी यूपीआई से पीएफ निकासी का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारी जब चाहे पूरा पैसा निकाल सकेगा। निकासी के लिए तय नियम और पात्रता लागू रहेगी।
इस बीच, सरकार ने पीएफ में योगदान के लिए वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी है। यह बदलाव 12 साल बाद हुआ है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, वेतन में बढ़ोतरी और ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में रोजगार बढ़ने को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे करीब 51 लाख और कर्मचारी मैंडेटरी पीएफ कवरेज के दायरे में आ सकते हैं। बता दें कि ईपीएफओ के करीब 30 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं, जिनमें लगभग 7.5 करोड़ योगदान करने वाले मेंबर्स बताए जाते हैं। इसके फंड का कुल साइज करीब ₹26 लाख करोड़ है।
वर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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