हरदोई के नवागंतुक जिलाधिकारी अनुनय झा ने हरदोई मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया (Photo- Social Media)
Hardoi News: हरदोई के नवागंतुक जिलाधिकारी अनुनय झा ने हरदोई मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने हरदोई जनपद का कार्यभार संभालने के साथ अपने मंसूबे भी अधिकारियों को स्पष्ट कर दिए हैं। जिलाधिकारी का पदभार ग्रहण करते ही उनका पहला निरीक्षण हरदोई मेडिकल कॉलेज रहा जहां निरीक्षण के दौरान 30 मिनट की देरी से सीएमएस और 40 मिनट की देरी से मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल पहुंचे।
जिलाधिकारी अनुनय झा को अपने औचक निरीक्षण में काफी खामियां मेडिकल कॉलेज में मिली जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए शीघ्र व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने हरदोई मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी कक्ष पीडियाट्रिक वार्ड, एक्स-रे कक्ष का गहनता के साथ निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मरीजों से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की भी जानकारी ली, जिस पर कुछ मरीजों ने उनसे समस्याओं को बताया जिसको सुन जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्ति की और जिम्मेदारों को निर्देशित किया।
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में एक बार फिर मेडिकल कॉलेज में बाहर से दवाइयां लिखे जाने की पोल खुल गई। जिला अधिकारी ने स्वयं बाहर से दवाई लिखे जाने की पर्ची को पकड़ा और जिम्मेदारों से सवाल पूछ लिए। जिलाधिकारी के पूछे गए सवालों का जिम्मेदार कोई सही उत्तर नहीं दे पाए। जिलाधिकारी ने डॉक्टरो को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक दवाएं अस्पताल से मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाए और बाहर की दावों को लिखने की प्रथा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाए पुनः इस तरह की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी अपने निरीक्षण में जब इमरजेंसी वार्ड पहुंचे तो यहां पर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मेघा ड्यूटी से अनुपस्थित मिली। जब डॉक्टर से संपर्क किया गया तो पता चला कि वह लखनऊ में थी और कार चला रही थी जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुशासनहीनता है। जिला अधिकारी ने अधिकारियों को डॉक्टर मेघा के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी कक्ष में केवल ईएमओ डॉक्टर शेर सिंह ही उपलब्ध मिले।निरीक्षण के दौरान मरीजो ने जिलाधिकारी अनुनय झा से मेडिकल कॉलेज की समस्याओं को बताया जिसमें मरीजो ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में दवाओं की कमी है। डॉक्टर की उपस्थिति भी नहीं रहती है। डॉक्टर इलाज में लापरवाही बरतते हैं। मरीजों की मिली शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए। जिला अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया की पुनः इस तरह की लापरवाही पाई गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के सख्त तेवर से जनपद के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है वही जनपद के लोगों ने जिलाधिकारी की जमकर प्रशंसा भी की है।
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