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व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा कि इजराइल-ईरान संघर्ष के बीच ट्रंप और नेतन्याहू ने फोन पर बात की. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की.यह दो दिनों में उनकी दूसरी कॉल है, जबकि इजराइल ने ईरान पर भारी हमला किया है और तेहरान ने बैलिस्टिक मिसाइल दागे हैं.
इजराइल के हमले के जवाब में 65 मिनट तक करीब ईरान ने 3 फेज में अटैक किया है. इस दौरान ईरान ने इजराइल पर 200 मिसाइलें दागी हैं. रडार में वॉर मिनिस्ट्री और रक्षा मंत्रालय से जुड़े दफ्तर थे. जहां नेतन्याहू बैठते हैं.
सोर्स- ईरान इंटरनेशनल
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का जवाब देने के तरीके पर चर्चा करने के लिए भूमिगत बंकर में सुरक्षा प्रमुखों और मंत्रियों के साथ परामर्श कर रहे हैं.
ईरान की जवाबी कार्रवाई में इजराइल पर करीब 200 मिसाइलें दागी गईं. यहां देखें तेल अवीव से लिया गया एक वीडियो
Irans retaliatory salvo sees around 200 missiles launched at Israel, nine impacts reported till now, here’s one captured on video from Tel Aviv pic.twitter.com/Xv7j7KoE6b
— Damien Symon (@detresfa_) June 13, 2025
एक्सियोस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका, ईरान की मिसाइलों को रोकने में इजराइल की मदद कर रहा है.
व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की इजराइल के अभियानों पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुखों के साथ बैठक समाप्त हो गई है.
सूत्रों के मुताबिक इजराइली बचावकर्मियों ने कहा कि शुक्रवार को देश के मध्य में सात लोग घायल हो गए, इसके तुरंत बाद ईरान ने इजराइल पर मिसाइलों की बौछार की.
इजराइल की अग्निशमन सेवाओं ने कहा है कि वे देश पर ईरान के हमले के बाद एक इमारत में फंसे लोगों को बचा रहे हैं.
अली खामेनेई ने बदला लेने की कसम खाने के 12 घंटे बाद ही इजराइल पर अटैक कर दिया. AXIOS के मुताबिक इजराइल पर ईरानी अटैक को रोकने के लिए अमेरिका ने ताकत झोंक दी है. समाचार आउटलेट ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इजराइल पर जो मिसाइल गिर रहे हैं, उसे रोकने में अमेरिका सहायता कर रहा है. शुक्रवार को जब इजराइल ने ईरान पर अटैक किया था, तब अमेरिका ने अपने कई फाइटर जेट की तैनाती कतर में की थी.
ईरान की समाचार एजेंसी Mehr News ने इज़राइली टीवी-13 के हवाले से बताया है कि ईरान ने तेल अवीव के वार मिनिस्ट्री पर अटैक किया है. यहीं पर वार की स्ट्रैटेजी तैयार की जाती है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी यहीं बैठकर युद्ध की रणनीति तैयार करते है.
ईरानी सेना ने शुक्रवार को इजराइल के हमलों के बाद जवाबी हमले शुरू किए.

ईरानी लोग हमारे साथ हैं. वे सशस्त्र बलों का समर्थन कर रहे हैं. इस्लामी गणतंत्र इजराइल के खिलाफ फतह हासिल करेगा.
इजराइल पर दो तरफ से हमले हो रहे हैं. Haaretz के मुताबिक एक तरफ ईरान तेलअवीव जैसे शहरों पर मिसाइल दाग रहा है. वहीं दूसरी तरफ यमन से हूती विद्रोहियों ने मिसाइल दागना शुरू कर दिया है. हूती ने वेस्ट बैंक पर मिसाइल दाग रहा है, जिसे आईडीएफ रोकने में जुटी है. अल-अरबिया ने ग्राउंड रिपोर्टर के हवाले से लिखा है कि तेल-अवीव शहर में धुएं का गुब्बार देखा रहा है. यह धुआं स्मोक का तरह गंध कर रहा है.
ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमलों के जवाब में इजराइल के कई हिस्सों को निशाना बनाकर किए गए रॉकेट हमलों के दौरान यरूशलम और तेल अवीव में कई विस्फोटों की आवाज़ सुनी गई.
इजराइल ने कहा कि ईरान की ओर से मिसाइल दागे जाने के बाद यरूशलम में हवाई हमले के प्रति आगाह करने वाले सायरन बजे. दूरस्थ इलाके में कम से कम एक विस्फोट की आवाज सुनी गई.
एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार यरुशलम में धमाकों की आवाज सुनी गई.
ईरान के शीर्ष राजनयिक अब्बास अराघची ने शुक्रवार को देश पर बड़े पैमाने पर इजरायली हमलों की लहर के बाद संयुक्त राष्ट्र से इजराइल की युद्धोन्माद की नीति के खिलाफ कार्रवाई करने का आह्वान किया. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस के साथ उनकी फोन कॉल के विवरण में कहा गया है, अराघची ने ज़ायोनी शासन की आक्रामकता और युद्धोन्माद का सामना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
इजराइल ने दावा किया है कि ईरान ने उनकी ओर मिसाइलें दागी हैं और नागरिकों से घरों के अंदर रहने और सावधानी बरतने का आग्रह किया है.इजराइली सेना ने शुक्रवार को कहा कि वह खतरे को रोकने के लिए काम कर रही है.
अमेरिका ने शुक्रवार को कई मध्य पूर्वी देशों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए, कुछ मामलों में यात्रा न करने की सलाह दी और संभावित मिसाइल हमलों की चेतावनी दी, क्योंकि इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू किए हैं. सलाह में कहा गया है, ईरान से बाहर निकलने में असमर्थ अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए. अलर्ट में इराकी और जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में मिसाइलों, ड्रोन या रॉकेट के उड़ने की चेतावनी दी गई है.सलाह में कहा गया है, ऐसी घटना की स्थिति में ऊपर से छिपकर रहें और सुरक्षित स्थान पर रहें. खुद को गिरते मलबे के संपर्क में न आने दें.
इजराइली सेना ने शुक्रवार सुबह एक बड़ा हमला करने के बाद ईरान में 200 से अधिक ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है.
डेल्टा एयर लाइन्स इंक और यूनाइटेड एयरलाइंस होल्डिंग्स इंक ने ईरान पर इजराइल की बमबारी और इजराइल के हवाई क्षेत्र को बंद करने के बाद तेल अवीव के लिए उड़ानें निलंबित कर दी हैं. डेल्टा ने न्यूयॉर्क के जॉन एफ. कैनेडी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से 31 अगस्त तक उड़ानें रोक दी हैं, और क्षेत्र में विकसित हो रहे सुरक्षा माहौल की निगरानी जारी रखेगी, अटलांटा स्थित वाहक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा.
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि देश पर इजराइल के हमले के बाद ईरान का परमाणु कार्यक्रम बच गया है या नहीं.उन्होंने कहा कि तेहरान और अमेरिका के बीच रविवार को होने वाली परमाणु वार्ता अभी भी एजेंडे में है, हालांकि उन्हें यकीन नहीं है कि यह होगी या नहीं.ट्रंप ने कहा, मैंने ईरान को अपमान और मौत से बचाने की कोशिश की.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को कहा कि मध्य पूर्व में अस्थिरता के लिए ईरान की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने आज सुबह इजराइल द्वारा ईरान पर हमला करने के बाद संयम बरतने का भी आग्रह किया.मैक्रों ने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम का कूटनीतिक समाधान खोजने के लिए अमेरिका के साथ काम नहीं किया और उम्मीद है कि ये बातचीत फिर से शुरू हो सकती है.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा कि वह इजराइल और ईरान के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार हैं. क्रेमलिन ने एक बयान में दावा किया है.
ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और हमलों के बीच इटली की राजधानी रोम से शांति की अपील आई है. इटली सरकार ने दोनों देशों से कहा है कि वे युद्ध और टकराव का रास्ता छोड़कर बातचीत की ओर लौटें. रोम ने यह भी चेतावनी दी कि यह टकराव सिर्फ क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी खतरा बन सकता है. इटली का मानना है कि कूटनीतिक समाधान ही एकमात्र रास्ता है जो मध्य पूर्व को और बड़ी तबाही से बचा सकता है.
ईरान पर इजराइल के हमलों के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कई वैश्विक नेताओं से बातचीत शुरू की है. पीएम कार्यालय के अनुसार, नेतन्याहू ने क्षेत्रीय और वैश्विक हालात को लेकर सहयोगियों से संपर्क किया और मौजूदा तनाव को लेकर चर्चा की. माना जा रहा है कि बातचीत का मकसद अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना और हालात को नियंत्रण में रखना है.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरान पर इजराइल के हमलों के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इजराइल को आत्मरक्षा का अधिकार है, लेकिन उसे और सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए. मैक्रों ने आगाह किया कि मध्य पूर्व पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति में है और किसी भी नए टकराव से क्षेत्रीय स्थिरता खतरे में पड़ सकती है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि हालात को काबू में रखने के लिए मिलकर काम करें और तनाव को और न बढ़ने दें.
हमास ने शुक्रवार को ईरान पर हुए इजरायली हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान आज गाजा के लड़ाकों का साथ देने की कीमत चुका रहा है. हमास के मुताबिक, ईरान ने सालों से इजराइल के खिलाफ लड़ रही फलस्तीनी सशस्त्र ताकतों को सैन्य और वित्तीय समर्थन दिया है. अक्टूबर 2023 से जारी युद्ध के दौरान भी तेहरान ने हमास को लगातार समर्थन दिया था. हमास ने कहा कि ईरान की मौजूदा स्थिति उसी संघर्षपूर्ण प्रतिबद्धता का नतीजा है, जिसे वह फिलिस्तीनियों की आजादी के लिए निभाता आया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले को “शानदार” करार दिया है. एबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान को कई मौके दिए गए थे, लेकिन उन्होंने समझौते की राह नहीं चुनी. ट्रंप ने आगे कहा कि उन्हें काफी तरीके से मारा गया है और ये अभी शुरुआत है, आगे और भी बहुत कुछ होगा.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इजराइल के हमले पर कड़ा जवाब देते हुए कहा है कि देश इस आक्रमण का ऐसा जवाब देगा कि दुश्मन को पछताना पड़ेगा. उन्होंने इसे ईरान की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया और कहा कि इस दुस्साहस का बदला जरूर लिया जाएगा. राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान अपनी जनता और सुरक्षा बलों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देगा.
ईरान ने पुष्टि की है कि इजरायल के हालिया हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड के मिसाइल कार्यक्रम प्रमुख जनरल अमीर अली हाजीजादेह की मौत हो गई है. खामेनेई के बाद जनरल हाजीजादेह को ही देश का दूसरा सबसे बड़ा नेता माना जाता था. ये ईरान की मिसाइल रणनीति के सबसे अहम चेहरे माने जाते थे और कई सालों से देश की रक्षा नीति में अहम भूमिका निभा रहे थे. उनकी मौत को ईरान के लिए एक बड़ा सैन्य और मनोवैज्ञानिक झटका माना जा रहा है.
इजराइल के हमले के बाद ईरान ने सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से इंटरनेट पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया है. सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अफवाहों को फैलने से रोकना और आंतरिक शांति बनाए रखना है. ईरानी अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला देश की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और संवेदनशील सैन्य सूचनाओं की सुरक्षा के लिए लिया गया है.
इजराइल द्वारा शुक्रवार को ईरान पर किए गए हमले में कम से कम 20 वरिष्ठ ईरानी सैन्य कमांडरों की मौत हो गई है. रॉयटर्स को दो क्षेत्रीय सोर्स ने बताया कि मारे गए अधिकारियों में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख और एयरस्पेस फोर्स कमांडर आमिर अली हाजीजादेह भी शामिल हैं. इस हमले को ईरान की सैन्य संरचना को कमजोर करने की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. इससे ईरान की जवाबी कार्रवाई की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है.
संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था IAEA की गवर्निंग बोर्ड की विशेष बैठक इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों को लेकर बुलाई जा रही है. हालांकि ईरान बोर्ड का सदस्य नहीं है, फिर भी उसने बैठक की मांग की है. ईरान की इस मांग का रूस, चीन और वेनेजुएला जैसे सदस्य देशों का समर्थन दिया. बैठक का उद्देश्य हमलों के प्रभाव और वैश्विक परमाणु सुरक्षा पर चर्चा करना है.
इजराइल के सुरक्षा अधिकारियों ने दावा किया है कि शुक्रवार के हमलों से पहले मोसाद ने तस्करी के जरिए ईरान के भीतर ड्रोन और हथियार भेजे थे. इनका इस्तेमाल ईरान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करने के लिए किया गया. तेहरान के पास बने ड्रोन बेस से मिसाइल लॉन्चर्स को निशाना बनाया गया. इजराइल ने स्ट्राइक सिस्टम और सटीक हथियार पहले ही ईरान में पहुंचा दिए थे. हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है.
इजराइल के हमले के बाद ईरान ने पूरे देश में स्टेट ऑफ इमरजेंसी घोषित कर दी है. राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है. हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है और जनता से सतर्क रहने की अपील की गई है. साथ ही सभी स्कूल-कॉलेज बंद करने का भी ऐलान किया गया है. सार्वजनिक समारोह करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.
चेक रिपब्लिक ने इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों को जायज ठहराया है. विदेश मंत्री ने कहा कि यह हमला ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और इजराइल को समाप्त करने की सोच रखने वाले संगठनों को दिए जा रहे समर्थन का जवाब है. चेक विदेश मंत्रालय ने इसे वाजिब प्रतिक्रिया करार देते हुए कहा कि इजराइल को अपने अस्तित्व की रक्षा करने का पूरा हक है.
ईरान-इजराइल तनाव के बीच लेबनान सरकार ने हिजबुल्लाह से साफ तौर पर कहा है कि वह इस जंग में शामिल न हो. सरकार को आशंका है कि अगर हिजबुल्लाह ने इजराइल पर हमला किया, तो लेबनान को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है. इजराइली जवाबी कार्रवाई में राजधानी बेरुत और दक्षिणी इलाकों पर बमबारी की आशंका जताई जा रही है. लेबनान पहले ही आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है और अब युद्ध की आंच से खुद को दूर रखने की रणनीति अपना रहा है.
ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब भी मौका है कि वह परमाणु डील कर ले, वरना उसे और भारी तबाही झेलनी पड़ेगी. ट्रंप ने दावा किया कि इजराइल के पास ऐसे खतरनाक हथियार हैं जिनसे कोई नहीं बच सकता. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान में जो लोग इस परमाणु डील का विरोध कर रहे थे, वे अब जिंदा नहीं हैं. बयान को अमेरिका की कड़ी कूटनीतिक दबाव रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.
रूस ने इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों को अवैध और बिना उकसावे वाला बताया है. रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी संप्रभु राष्ट्र, उसके नागरिकों और परमाणु ढांचे पर हमला करना संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है. रूस ने इस हमले को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा करार दिया.
अफ्रीकी यूनियन (AU) ने ईरान पर इजराइल के भीषण हमले पर गहरी चिंता जताई है. यूनियन के चेयरपर्सन महमूद अली यूसुफ ने बयान जारी कर कहा कि इजराइल द्वारा तेहरान समेत 100 से अधिक ठिकानों पर किया गया हमला मध्य पूर्व में हिंसा को और भड़का सकता है. उन्होंने तुरंत संघर्ष विराम की अपील करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने को कहा. यूसुफ ने यह भी चेताया कि मौजूदा हालात अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं.
इजराइली हमले के बाद ईरान की मस्जिद पर लाल झंडा फहरा दिया गया है. पारंपरिक रूप से इसे इंतकाम यानी बदले का प्रतीक माना जाता है. यह झंडा ईरान की धार्मिक और राजनीतिक व्यवस्था से एक बड़ा संदेश है कि जवाबी कार्रवाई अब तय मानी जा रही है. माना जा रहा है कि यह कदम सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई के आदेश पर उठाया गया है. मस्जिदों पर लाल झंडा फहराना संकेत है कि ईरान अब युद्ध के मोड में है और जल्द इजराइल को करारा जवाब दे सकता है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इस हमले को “गैर-उकसावे वाला” और “गंभीर रूप से गैर-जिम्मेदाराना” करार देते हुए कहा कि इससे पहले से अस्थिर क्षेत्र और अधिक खतरे में पड़ सकता है. शरीफ ने हमले में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना जताई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि वे स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाएं.
I condemn, in the strongest possible terms, today’s unprovoked attack on Iran by Israel. I convey my deepest sympathies to the Iranian people on the loss of lives in this attack. This grave and highly irresponsible act is deeply alarming and risks further de-stabilising an
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) June 13, 2025
ईरान ने इजराइल द्वारा उसके परमाणु ठिकानों और वैज्ञानिकों पर हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था IAEA की चुप्पी पर कड़ी आपत्ति जताई है. ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था ने IAEA की खामोशी को इजराइल के साथ “मिलीभगत” करार दिया और कहा कि यह एजेंसी की विफलता का प्रमाण है. बयान में इसे IAEA की पक्षपाती भूमिका का नतीजा बताया गया. इसके जवाब में IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने कहा कि किसी भी देश की परमाणु सुविधाओं को कभी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है.
हमास ने ईरान पर इजराइल के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की. उसने चेतावनी दी कि यह कार्रवाई एक खतरनाक उकसावा है जो पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकती है. हमास ने कहा कि ईरान फिलिस्तीन और उसके प्रतिरोध आंदोलन का समर्थन करने की कीमत चुका रहा है. संगठन ने इस हमले को पश्चिम एशिया की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया और कहा कि यह इजराइल की आक्रामक नीति का विस्तार है, जिससे पूरे इलाके में तनाव और टकराव की आशंका बढ़ गई है.
ईरान को तबाह करने के बाद इजराइली सेना ने पुष्टि की कि उसने पश्चिमी ईरान में एयर स्ट्राइक्स कर दर्जनों रडार और सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल लॉन्चरों को तबाह कर दिया है. इजराइली एयरफोर्स ने यह हमला इंटेलिजेंस डायरेक्टोरेट की सटीक जानकारी के आधार पर किया. इजराइल का दावा है कि इन हमलों से ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को बड़ा नुकसान पहुंचा है.
इजराइल ने ईरान के खिलाफ शुक्रवार रात तड़के बड़ा हवाई हमला कर दिया. इसमें तेहरान सहित कई सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया. इस हमले में नतान्ज के यूरेनियम सेंटर पर भी धमाका हुआ. इसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र माना जाता है. इजराइल ने इसे पूर्व-खतरों को रोकने वाली कार्रवाई बताया है और दावा किया है कि कई परमाणु वैज्ञानिक और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए हैं.
हमले के बाद ईरान ने अपनी वायु सीमा को अगली सूचना तक बंद कर दिया और कहा कि वह इसका कड़ा जवाब देगा. इस बीच, इजराइल ने मिसाइल और ड्रोन हमले की आशंका जताते हुए देश में आपातकाल घोषित कर दिया है. ईरानी मीडिया के अनुसार, तेहरान के पश्चिमी इलाके चितगर में भारी धमाकों के बाद धुएं के गुबार देखे गए. हालांकि नुकसान का पूरा आंकलन अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ है.
इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका ने खुद को अलग रखा है. विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि इजरायल ने यह कार्रवाई अकेले की है और अमेरिका केवल अपने सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है. दिलचस्प रूप से, इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में छठे दौर की परमाणु बातचीत होनी थी. लेकिन इस हमले ने पूरे क्षेत्र को एक बार फिर हालातों को उलट दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को परमाणु हथियार न देने की बात दोहराई है. ईरान-इजराइल से जुड़े हर अपडेट के लिए पेज को रिफ्रेश करते रहिए.
Published On – Jun 13,2025 1:55 PM