Kedarnath Temple Opening Live: केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड में चार धाम और पंच केदार का एक हिस्सा है और भारत में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. मान्यता है इस ज्योतिर्लिंग में दर्शन करने मात्र से सारे दुख तकलीफ दूर हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
हर साल केदारनाथ धाम के कपाट शीत ऋतु में 6 महीने के लिए बंद कर दिए जाते हैं और फिर वैशाख के महीने में अक्षय तृतीया के बाद केदानाथ के कपाट खुलते हैं. इस साल केदारनाथ धाम के पट कब खुल रहे हैं, आइए जानते हैं किस मुहूर्त में श्रद्धालुओं को होंगे दर्शन, कैसे होती है पूजा, इस ज्योतिर्लिंग से जुड़ी खास बातें.
केदारनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे ?
केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में है. शीत ऋतु ये मंदिर बंद रहता है और ग्रीष्म ऋतु के समय भक्तों के लिए खोला जाता है. इस साल केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई 2025 को खुलेंगे.
ज्योति रूप में विराजमान शिव
ज्योतिर्लिंग का अर्थ है भगवान शिव का ज्योति के रूप में प्रकट होना. शिव जी के बारह ज्योतिर्लिंग हैं, मान्यता है कि शिव जी यहां ज्योति स्वरूप में विराजमान हैं, इस वजह से इन 12 धामों को ज्योतिर्लिंग कहा जाता है.
केदारनाथ की महीमा
हिंदू धर्म के और महादेव की भक्तों की लिए यह मंदिर विशेष आस्था का केंद्र है.यहां जाना बहुत लोगों का सपना होता है. कहते हैं जो एक बार केदारनाथ में दर्शन कर लेता है वह जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है. केदारनाथ मंदिर में चारों और चार बड़ी आकृति के स्तंभ विराजमान है. इन स्तंभों को चार वेदों का प्रतिनिधि माना जाता है. मान्यता है की इस ज्योतिर्लिंग के स्थान पर भगवान विष्णु के अवतार माने जाने वाले नर नारायण ऋषि तपस्या किया करते थे.
यहां भगवान शिवलिंग की पूजा विग्रह रूप में की जाती है जो बैल की पीठ जैसे त्रिकोणाकार रूप में है. शिवलिंग का यह रहस्य पांडवों से जुड़ा हुआ है.
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केदारनाथ मंदिर के द्वार जब बंद होते है, तो वहां एक दीपक जला देते हैं. 6 माह बाद जब मई में पुजारी वापस केदारनाथ लौटते हैं तो वह दीपक उनको जलता हुआ मिलता है. आश्चर्य की बात तो यह है कि मंदिर को जब खोला जाता है तो उसमें वैसी ही साफ सफाई रहती है, जब उसे बंद करने के समय की गई रहती है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर का निर्माण पांडव राजा जन्मेजय कराया था. बाद में क्षतिग्रस्त होने के पश्चात 8 वीं सदी में आदिगुरु भगवान शंकराचार्य ने इसका पुनर्निर्माण कराया गया.
आज शाम बाबा केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली भी केदारनाथ मंदिर पहुंच जाएगी. मंदिर के कपाट बंद करने के बाद बाबा केदार की भोग मूर्ति को पंचमुखी डोली में ओंकारेश्वर मंदिर लाया जाता है. यहां वह 6 महीने तक विराजते हैं. पंचमुखी डोली में केदारनाथ के चांदी से बनी मूर्ति के पांच मुख दर्शाए गए हैं. कपाट खुलने से पहले इसकी विशेष पूजा होती है उसके बाद ही भक्तों को बाबा दर्शन देते हैं.
इस साल केदारनाथ मंदिर को भव्य सजाया गया है. ऋषिकेश, गुजरात से आई पुष्प समिति ने मंदिर को 108 क्विंटल फूलों से भव्य रूप में सजाया गया है. मंदिर की इस आकर्षक सजावट को देखने के लिए भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं.
बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई 2025 को सुबह 7 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे. 28 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा की पंचमुखी डोली यात्रा का शुभारंभ हुआ था.
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