Mangla Gauri Vrat Katha in hindi :सावन का दूसरे मंगलागौरी व्रत में पढ़ें कथा, जलाएं 16 बाती का दीप – Hindustan

आज सावन का दूसरा मंगला गौरी का व्रत है। इस दिन मां मंगलागौरी की पूजा की जाती है। अगर आप सुबह स्नान करके व्रत करना चाहते हैं तो सबसे पहले इस मंत्र को लेकर व्रत का संकल्प लें। व्रत का संकल्प लेकर ही व्रत शुरू होता है। कहा जाता है कि पति,पुत्र और पौत्रों के सौभाग्य की वृद्धि के लिए मंगलागौरी का व्रत किया जाता है। इसलिए हाथ में जल लेकर बोलें-मम पुत्रापौत्रासौभाग्यवृद्धये श्रीमंगलागौरीप्रीत्यर्थं पंचवर्षपर्यन्तं मंगलागौरीव्रतमहं करिष्ये। इसके बाद मां के लिए आटे का दीपक तैयार करें। मंगलागौरी व्रत के लिए आटे का 16 बाती वाला दीपक बनाया जाता है और पूजा करने से पहले चौकी बिछाकर, उस पर लाल कपड़ा रखकर मंगलागौरी की मूर्ति रख उनके सामने इसे जलाएं। इस बात का ध्यान रखें कि मां मंगलागौरी के लिए 16 की संख्या में मालाएं रखें। 5 प्रकार के सूखे मेवे, 7 प्रकार के अनाज-धान्य (जिसमें गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर) आदि चढ़ाएं।
कहा जाता है कि अगर विवाह में समस्याएं हैं और मंगल दोष है तो मंगलागौरी व्रत करना चाहिए, इसकी कथा इस प्रकार है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, धर्मपाल नाम का एक सेठ था। इस सेठ के पास बहत धन दौलत थी, उसके पास सभी सुविधाएं थीं, लेकिन कमी थी तो सिर्फ एकक संतान की। संतान न होने के कारण वो बहुत दुखी रहता था। अकसर वो हमेशा सोचता रहता था कि उसने इतना पैसा कमाया है, यह किसका है, इसका कौन वारिस है, उसके व्पापार को को कौन देखेगा। इसी को लेकर वो परेशान रहता था।
एक दिन उसे एक साधु मिले, जिन्होंने उकहा कि तुम दोनों मंगला गौरी व्रत करो। लेकिन इस व्रत को करो तो मां के लिए पूरी श्रद्धा, संयम और पूर्ण विश्वास रखो। इसके लिए सावन के चार, 16 मंगलवार व्रत करो और फिर उसका उद्यापन कर देना। इससे मां मंगला गौरी का व्रत करने से देवी अवश्य प्रसन्न होंगी। पति-पत्नी ने पूरी निष्ठा से सावन मास के प्रत्येक मंगलवार को व्रत रखना शुरू किया। वे प्रातः स्नान करके मां गौरी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाते, लाल पुष्प अर्पित करते, सुहाग का श्रृंगार समान अर्पित करें और विधि-विधान से पूजा करें। व्रत में 16 बाती का दीपक जलाते और दान भी करते।
कुछ समय बाद मां मंगला गौरी उनके सपने में आइ और कहा कि वो उनसे प्रसन्न हैं और उनकी मंगलकामना पूरे करने वाली हैं। इसके बाद शीघ्र ही उनके घर एक तेजस्वी पुत्र का जन्म होगा। कुछ ही समय में उनके घर पुत्र का जन्म हुआ। सेठ ने भी मां का आशीर्वाद लिया और खुशियां मनाई। सभी ने इसे मां मंगला गौरी की कृपा माना। जब पुत्र बड़ा हुआ तो उसका विवाह एक सुशील कन्या से हुआ। विवाह के बाद एक ज्योतिषी ने भविष्यवाणी की कि युवक के जीवन पर अल्पायु का संकट है। यह सुनकर परिवार चिंतित हो गया, परंतु उसकी पत्नी ने साहस नहीं खोया। उसने पूरे विश्वास के साथ मां मंगला गौरी का व्रत करना प्रारंभ किया और हर मंगलवार देवी से अपने पति की दीर्घायु की प्रार्थना करती रही और उसके पति का अल्पायु दोष भी दूर हो गया। कथा समाप्त
शार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘लाइव हिन्दुस्तान’ में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर
अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने ‘आज तक’ (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
विजन
अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।
विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र
कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।
विशेषज्ञता
कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां
आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News