Nepal Flood Live Updates: नेपाल से सामने आ रहे बाढ़ के जख्म, 350 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि, 288 भारतीय लापता – Hindustan

Nepal Flood Live updates: नेपाल में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद कम से कम 300 भारतीयों के लापता होने की खबर है। नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रारंभिक सूची के मुताबिक 300 भारतीय नागरिकों समेत 500 विदेशी पर्यटक गायब हैं। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर तिब्बत सीमा से लगे रसुवा जिले के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाकों में हुआ है। अचानक आए तेज पानी ने सड़कें, वाहन, मकान और दूसरी संपत्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाल पर्यटन बोर्ड, टूरिस्ट पुलिस, स्थानीय प्रशासन, ट्रैवल एजेंसियां और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर लापता यात्रियों का पता लगाने में जुटी हैं। अधिकारियों के मुताबिक अभी जारी आंकड़े प्रारंभिक हैं और अलग-अलग एजेंसियों से मिली जानकारी का मिलान किया जा रहा है। नेपाल बाढ़ से जुड़े सभी लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें लाइव हिन्दुस्तान पर।
दिल्ली सरकार ने पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ के मद्देनजर एहतियाती कदम के तौर पर अगले दो दिनों के लिए ‘भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा’ अस्थायी रूप से स्थगित कर दी है। एक आधिकारिक आदेश में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई।
अधिकारियों के अनुसार, भीषण आकस्मिक बाढ़ के बाद नेपाल में राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिल्ली-काठमांडू मार्ग पर फिलहाल सड़क परिवहन पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है, ”उपरोक्त परिस्थितियों को देखते हुए एहतियाती उपाय के तौर पर 28 अगस्त को दिल्ली से काठमांडू और काठमांडू से दिल्ली के लिए डीटीसी बसों की निर्धारित यात्राओं तथा 29 अगस्त को नेपाली बस की निर्धारित यात्रा को रोक दिया गया है।”
बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए नेपाल में बचाव एवं राहत अभियान जारी रहने के बीच जलवायु विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस आपदा जनित तबाही का दायरा इतना व्यापक है कि मौजूदा राहत एवं बचाव क्षमता नाकाफी पड़ रही है और सर्वाधिक प्रभावित जिलों में परिवार भोजन, आश्रय और राहत सामग्री पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
नेपाल में ‘क्लाइमेट रिस्क एंड रेजिलिएंस लैब’ के कार्यकारी निदेशक बिनोद प्रसाद पराजुली ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि सरकार कार्रवाई कर रही है, लेकिन तबाही की व्यापकता राहत एवं बचाव तंत्र की मौजूदा क्षमता के मुकाबले कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव तंत्र की मौजूदा क्षमता नुकसान की व्यापकता से निपटने में सक्षम नहीं है।
चीन ने नेपाल में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी एक विशाल बैरियर झील के टूटने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इस आपदा में चीन की सीमा में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 260 विदेशी नागरिकों सहित कुल 558 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
चीन के जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार, गुरुवार सुबह तक झील में करीब 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा हो चुका था और यह अब लबालब भरने लगी है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक अगले तीन दिनों में इसमें 30 लाख क्यूबिक मीटर पानी और जुड़ सकता है, जिससे इसके टूटने का जोखिम अत्यंत बढ़ गया है। चीनी अधिकारी ड्रोन की मदद से मैपिंग कर रहे हैं और आपदा की तैयारी में जुटे हैं।
यह आपदा बुधवार को सीमा के नेपाली हिस्से से शुरू हुई आयी कीचड़ के बाद पैदा हुई, जिसने दक्षिण-पश्चिम चीन के ज़िजैंग स्वायत्त क्षेत्र स्थित गियिरोंग पोर्ट को भारी नुकसान पहुँचाया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निर्देश पर चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग खुद राहत और बचाव कार्यों का नेतृत्व करने गियिरोंग टाउनशिप पहुँचे हैं। क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर-2 तथा स्थानीय स्तर पर स्तर-1 आपातकालीन प्रतिक्रिया सक्रिय कर दी गई है।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद, महाराष्ट्र सरकार राज्य के उन पर्यटकों का पता लगाने की कोशिश कर रही है जिनके वहां फंसे होने की खबर है। आपदा प्रबंधन और नासिक के प्रभारी मंत्री गिरीश महाजन ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि महाराष्ट्र से पर्यटक दो बसों में नेपाल गए थे, और हर ग्रुप में लगभग 45 लोग शामिल थे। अभी उनसे संपर्क करने की कोशिशें की जा रही हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस स्थिति को लेकर केंद्र सरकार के साथ व्यक्तिगत रूप से संपर्क में हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि उनके आवास के पास रहने वाला एक परिवार कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गया था। वे उनसे संपर्क करने और उनकी सुरक्षा के बारे में पुष्टि करने में सफल रहे। इस ग्रुप में महाराष्ट्र के साथ-साथ अन्य राज्यों के पर्यटक और श्रद्धालु भी यात्रा कर रहे हैं।
तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा, तमिल विकास और सूचना एवं प्रचार मंत्री ए. राजमोहन ने गुरुवार को राज्य विधानसभा को बताया कि तमिलनाडु और पुडुचेरी से नेपाल की तीर्थयात्रा पर गए कुल 106 तीर्थयात्रियों में से 20 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि बाकी 86 पर्यटकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है कि उनका क्या हुआ।
मंत्री ने राज्य के फंसे हुए या लापता तीर्थयात्रियों की स्थिति पर विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा लाए गए ‘विशेष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव’ का जवाब देते हुए कहा कि तमिलनाडु सरकार ने सभी 103 तीर्थयात्रियों को बचाने और उन्हें राज्य वापस लाने के लिए हरसंभव कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और ‘अनिवासी तमिल कल्याण विभाग’, केंद्र सरकार, नेपाल में भारतीय दूतावास और नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर युद्धस्तर पर प्रयास कर रहे हैं। राजमोहन ने सदस्यों की चिंताओं का विस्तार से जवाब देते हुए कहा कि नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में अचानक आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर तबाही हुई है, जिससे सड़क और संचार नेटवर्क बुरी तरह बाधित हो गए हैं और तीर्थयात्रियों के कई समूह दूर-दराज के इलाकों में फंस गए हैं। मंत्री ने कहा कि बाढ़ ने बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है, पुल और सड़कें बह गई हैं और परिवहन के मुख्य संपर्क भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे आवाजाही मुश्किल हो गई है और प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है।
नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ से मिले जख्म अब धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। गुरुवार को सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अभी तक 332 लोगों के शव मिल चुके हैं। दूसरी तरफ सैंकड़ों लोगों की तलाश अभी भी जारी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में कई भारतीयों से संपर्क साध लिया गया है, लेकिन अभी भी करीब 288 लोग लापता हैं। उनसे संपर्क बनाने की कोशिश की जा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि कई लोग तिब्बत में भी फंसे हुए हैं। उनकी मदद के लिए भी प्रयास किया जा रहा है।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि भारत इस कठिन समय में पड़ोसी देश के साथ खड़ा है। गुप्ता ने कहा कि नेपाल में एक दर्दनाक त्रासदी हुई है और उसे हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “इस कठिन समय में भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है। देश में एक दर्दनाक त्रासदी हुई है, नेपाल को हर संभव मदद दी जाएगी। मैं नेपाल के सभी निवासियों की सुरक्षा और राहत के लिए प्रार्थना करती हूं। मैं भगवान पशुपतिनाथ से भी प्रार्थना करती हूं कि नेपाल को दुख की इस घड़ी से उबरने की शक्ति दें और वहां के सभी नागरिक सुरक्षित रहें और उन्हें जल्द राहत मिले।” शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि भारत सरकार नेपाल सरकार के साथ बातचीत कर रही है क्योंकि दिल्ली में कुछ ऐसे लोग हो सकते हैं, जिनके रिश्तेदार नेपाल गए होंगे। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।
‘कहानी’ और ‘स्पेशल 26’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके बंगाली अभिनेता खराज मुखर्जी और उनकी पत्नी प्रतिभा नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद वहां फंस गए हैं। उनके परिवार के एक सदस्य ने बताया कि दोनों 20 अगस्त को एक बांग्लादेशी फिल्म की शूटिंग के लिए उसके निर्माण से जुड़ी टीम, अपने परिवार और दोस्तों के साथ नेपाल गए थे। उन्होंने कहा, ”मुश्किल हालात के बावजूद मुखर्जी ने फोन करके हमें भरोसा दिलाया है कि वे सुरक्षित हैं।” अभिनेता रजताभ दत्ता भी मुखर्जी के साथ नेपाल में फंसे हुए हैं और सुरक्षित हैं। हालात ठीक नहीं होने के कारण समूह काठमांडू से विमान से वापस नहीं लौट सका। अब उनकी योजना सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंचने और वहां से विमान के जरिये कोलकाता पहुंचने की है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत कंधे से कंधा मिलाकर उसके साथ खड़ा हुआ है। एमईए की तरफ से बताया गया कि भारत लगातार नेपाल की मदद कर रहा है। काठमांडू की तरफ से जितनी मदद का अनुरोध किया जा रहा है। उसके आधार पर सप्लाई भेजी जा रही है। इतना ही नहीं अभी तक जितनी मदद भेजी गई है। भारत उसे और भी ज्यादा बढ़ाने की तरफ देख रहा है।
नेपाल में आई बाढ़ के बाद सैकड़ों भारतीय अभी भी लापता हैं। विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक अभी भी 288 भारतीय ऐसे हैं, जिनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अलावा तिब्बत क्षेत्र में भी करीब 200 भारतीय फंसे हुए हैं, जिनकी मदद का इंतजाम किया जा रहा है। इन लापता भारतीयों को समय से अपने देश लाने के लिए सरकार ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाए हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत, नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीयों की स्थिति और कुशलक्षेम का पता लगाने के लिए ”हरसंभव प्रयास” कर रहा है। जयशंकर ने एक उच्चस्तरीय बैठक करने के बाद यह जानकारी दी। इस बैठक में काठमांडू और बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूत भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से उत्पन्न स्थिति की बृहस्पतिवार को समीक्षा की और वहां फंसे राज्य लोगों के बचाव कार्यों में समन्वय के लिए अधिकारियों एवं मंत्रियों की टीम को काठमांडू और दिल्ली जाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में अपने वरिष्ठ मंत्रियों और मुख्य सचिव एम. साई कुमार सहित शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। सरकार ने बताया कि विजय ने ”तमिलनाडु हाऊस, नयी दिल्ली के रेजिडेंट कमिश्नर, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी आशीष कुमार को एक टीम के साथ काठमांडू जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने चार मंत्रियों – आधव अरुण (लोक निर्माण विभाग), ए. राजमोहन (स्कूली शिक्षा), आर. विनोद (कृषि) और के. थेन्नारासु (अनिवासी तमिल) को भी निर्देश दिया है कि वे ”दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के साथ समन्वय में राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करें, बचाए गए लोगों की सुरक्षित तथा जल्द वापसी में मदद करें और तुरंत जरूरी चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराएं।”
नेपाल बाढ़ से मची तबाही के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। रॉयटर्स ने नेपाल के अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि लापता 100 भारतीय पर्यटकों का पता चल गया है। नेपाल अधिकारियों के मुताबिक, अचानक आई बाढ़ के बाद 300 से ज्यादा भारतीय लापता हो गए। अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल ने लगभग 100 लापता भारतीय पर्यटकों के अलावा, 25 चीनी कामगारों का भी पता लगाया है।
नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 177 हो गई है और इस त्रासदी में 300 भारतीय पर्यटकों समेत सैंकड़ों लोग लापता हैं जिनकी तलाश युद्धस्तर पर जारी है। बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई है। नेपाल पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद 12 और शव बरामद किए गए, जिससे मृतक संख्या बढ़कर 177 हो गई। पुलिस के अनुसार, रसुवा में दो, नुवाकोट में 12, धादिंग में 27, चितवन में 69, गोरखा में 20, तनहूं में नौ, नवलपरासी पूर्व में 32 और नवलपरासी पश्चिम में छह लोगों की मौत हुई है।
तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु, 14वें दलाई लामा ने बाढ़ को लेकर कहा, “मुझे नेपाल के रसुवा इलाके और तिब्बत के क्यिरोंग में आई भयानक बाढ़ के बारे में सुनकर दुख हुआ है, जिसमें लोगों की जान गई है और भारी नुकसान हुआ है। मैं उन सभी लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं जिनकी जान चली गई है, और शोक-संतप्त परिवारों तथा इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूं। चूंकि इस क्षेत्र ने पहले भी आपदाएं देखी हैं, इसलिए ये निश्चित रूप से किसी गहरी वजह- चाहे वह जलवायु परिवर्तन हो या अन्य कारक – के संकेत हैं। मुझे उम्मीद है कि जहां भी संभव हो, ऐसे कदम उठाए जाएंगे जिनसे यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसी आपदाएं दोबारा न आएं।”
पर्यटकों के यात्रा कार्यक्रम में 28 अगस्त को सागा से मानसरोवर झील जाने की योजना थी। इसके बाद 29 अगस्त को मानसरोवर से दारचेन, 30 अगस्त को दारचेन से डेरापुक और 31 अगस्त को डोलमा-ला पास की ओर परिक्रमा का कार्यक्रम निर्धारित था। 1 सितंबर को परिक्रमा पूरी कर सागा लौटने और 2 सितंबर को सागा से काठमांडू लौटने की योजना थी। 4 सितंबर को पर्यटकों को अपने देश वापस लौटना था।
लापता लोगों में बड़ी संख्या उन पर्यटकों की बताई जा रही है जो नेपाल-तिब्बत सीमा पार कर आगे की यात्रा पर जाने वाले थे। टूर ऑपरेटरों की ओर से परिवारों को भेजे गए यात्रा कार्यक्रम के मुताबिक, कई पर्यटकों ने 25 अगस्त को रसुवागढ़ी में रात बिताई थी। कार्यक्रम के अनुसार, 26 अगस्त को उन्हें नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पार कर केरुंग पहुंचना था, जहां वे करीब 2,700 मीटर की ऊंचाई पर रुकने वाले थे। इसके बाद 27 अगस्त को केरुंग से सागा जाने का कार्यक्रम था। यानी जिन पर्यटकों ने रसुवागढ़ी में रात बिताई थी, उनमें से बड़ी संख्या को 26 अगस्त को सीमा पार करनी थी। इसी दौरान क्षेत्र में आई बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद उनका संपर्क टूटने की जानकारी सामने आई है।
नेपाल टूरिज्म बोर्ड की सूची में कुल 33 देशों के नागरिकों का जिक्र है। इसमें ऑस्ट्रेलिया के 35, कनाडा के 25, मलेशिया के 51, यूक्रेन के 53, अमेरिका के 65 और ब्रिटेन के 33 नागरिक शामिल हैं। सूची के मुताबिक नेपाल के 127 नागरिक भी लापता हैं। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के 6, जापान के 5, न्यूजीलैंड के 5, रूस के 8, सिंगापुर के 9 और जर्मनी के 8 नागरिकों के लापता होने की जानकारी दी गई है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड की तालिका में फिलहाल सभी 644 लोगों के नाम के सामने ‘Still Missing’ दर्ज है।
नेपाल में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के बीच बड़ी संख्या में पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड की ओर से 27 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे तक जारी सूची के मुताबिक, कुल 644 नेपाली और विदेशी नागरिक अब भी लापता हैं। इनमें 178 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने बृहस्पतिवार को कहा कि नेपाल गए बेंगलुरु के पांच लोग लापता हैं और उनसे संपर्क करने तथा उनका पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। परमेश्वर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ”बेंगलुरु से नेपाल गए पांच लोग लापता हैं। हम उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि नेपाल में फंसे लोगों के लिए राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने के वास्ते राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी और जरूरत पड़ने पर एक मंत्री को काठमांडू भेजा जाएगा।
काठमांडू में भारतीय दूतावास ने नेपाल में आई आपदा के दौरान मदद चाहने वाले लोगों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर अपडेट किए हैं। ये नंबर इमरजेंसी संपर्क के लिए उपलब्ध हैं और इन पर WhatsApp के ज़रिए भी संपर्क किया जा सकता है। हेल्पलाइन नंबर: +977 985 131 6807, +977 970 910 7500, +977 981 032 6117।
बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित नेपाल के लिए 37.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री, दवाएं और खाने के पैकेट लेकर हिंडन से भारतीय वायुसेना का दूसरा विमान रवाना।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए बगहा (बिहार-यूपी बॉर्डर) स्थित वाल्मीकि बैराज पहुंचे। उन्होंने कहा, “अब स्थिति सामान्य हो रही है।”
नेपाल में ‘नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी’ ने बताया कि गुरुवार तक 826 लोग लापता थे और देश में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है। बचाव दल नेपाल-चीन सीमा के पास बचे हुए लोगों की तलाश कर रहे थे, क्योंकि एक दिन पहले ग्लेशियर टूटने के बाद बाढ़ और कीचड़ का भयंकर सैलाब कई इलाकों में फैल गया था। चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV ने अलग से रिपोर्ट दी कि तिब्बत में लापता 558 लोगों में से 260 विदेशी थे और दो ग्रामीणों को बचाया गया। उसने बताया कि गुरुवार सुबह तक कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। दोनों देशों में 1300 से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाल में 300 से ज्यादा भारतीय लापता हैं।
कर्नाटक सरकार ने नेपाल और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (टीएआर) में अचानक आई बाढ़ तथा सीमा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में उत्पन्न अन्य व्यवधानों के कारण फंसे राज्य के लोगों की जानकारी मांगी है। राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन सचिवालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह फंसे लोगों का ब्योरा जुटा रहा है ताकि बचाव, सुरक्षित निकासी और अन्य जरूरी सहायता के लिए समन्वय किया जा सके। विभाग ने कहा, ”फंसे हुए लोगों, उनके परिजनों और यात्रा संचालकों से अनुरोध है कि वे गूगल फॉर्म के जरिए जानकारी उपलब्ध कराएं।”
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद लापता हुए 400 से ज्यादा विदेशियों में लगभग 300 भारतीय शामिल हैं। उन्होंने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से भी दुनिया भर की सरकारों के संपर्क में रहा हूं।”
गंडक बैराज पर पानी का डिस्चार्ज 26 अगस्त की रात लगातार बढ़ता रहा। रात 8:30 बजे 1,14,000 क्यूसेक से शुरू हुआ डिस्चार्ज रात 9 बजे 1,26,500 क्यूसेक, 9:30 बजे 1,36,700 क्यूसेक, 10 बजे 1,42,100 क्यूसेक, 10:30 बजे 1,47,500 क्यूसेक और 11 बजे बढ़कर 1,50,200 क्यूसेक हो गया। रात 11:30 बजे भी डिस्चार्ज 1,50,200 क्यूसेक पर स्थिर रहा। 27 अगस्त की आधी रात 12 बजे भी गंडक बैराज से 1,50,200 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इसके बाद डिस्चार्ज में गिरावट शुरू हुई और रात 12:30 बजे यह 1,42,100 क्यूसेक, 1 बजे 1,29,000 क्यूसेक, 1:30 बजे 1,16,500 क्यूसेक, 2 बजे 1,04,400 क्यूसेक, 2:30 बजे 95,200 क्यूसेक, 3 बजे 88,300 क्यूसेक, 3:30 बजे 83,900 क्यूसेक और 4 बजे 81,400 क्यूसेक रह गया। सुबह 4:30 बजे डिस्चार्ज घटकर 79,700 क्यूसेक हुआ और 5 बजे भी यह इसी स्तर पर बना रहा। हालांकि, इसके बाद गंडक बैराज पर पानी का डिस्चार्ज फिर बढ़ने लगा। सुबह 5:30 बजे यह 81,800 क्यूसेक, 6 बजे 88,300 क्यूसेक, 7 बजे 92,900 क्यूसेक और 8 बजे 99,800 क्यूसेक पहुंच गया। सुबह 9 बजे तक डिस्चार्ज बढ़कर 1,04,400 क्यूसेक हो गया। बताया जा रहा है कि देवघाट क्षेत्र में देर से हुई बारिश के कारण गंडक नदी के जलस्तर और बैराज से डिस्चार्ज में फिर बढ़ोतरी हो रही है।
35 टन से ज्यादा राहत सामग्री लेकर भारतीय वायुसेना का अगला विमान (C-17) आज सुबह 9 बजे दिल्ली के हिंडन एयरपोर्ट से नेपाल के लिए रवाना होगा। कल ही भारत ने पहला विमान 10 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल भेजा था।
8:43 AM Nepal Flood Live updates: चीन के सरकारी मीडिया ने बताया कि इलाके में आई बाढ़ के बाद तिब्बत में 558 लोग लापता हो गए हैं। इस आपदा के कारण पड़ोसी देश नेपाल में भी सैकड़ों लोग लापता हैं और वहां बचाव कार्य चल रहा है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। साथ ही, मरने वालों की संख्या तीन बनी हुई है।
8:40 AM Nepal Flood Live updates: नेपाल में भयानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 162 हो गई है और बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं। नेपाल के पर्यटन अधिकारियों ने बताया कि 579 पर्यटक लापता हैं, जिनमें 400 से ज्यादा विदेशी शामिल हैं। इनमें 47 अमेरिकी, 34 ऑस्ट्रेलियाई, 33 ब्रिटिश और 24 कनाडाई नागरिक शामिल हैं। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भी 558 लोगों के लापता होने की खबर है, जिनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
8:20 AM Nepal Flood Live updates: US जियोलॉजिकल सर्वे ने गुरुवार को कहा कि ग्लेशियर के ढहने से नेपाल और तिब्बत में भूकंप जैसी हलचल हुई और निचले इलाकों में भयंकर असर पड़ा। एजेंसी ने कहा कि भूकंप जैसी जो हलचल शुरू में भूकंप बताई गई थी, वह असल में “ग्लेशियर का ढहना और मलबे का बहाव” था, जिसके कारण “बाद में निचले इलाकों में भयंकर असर” हुआ।
7:55 AM Nepal Flood Live updates: पश्चिम बंगाल के 32, तमिलनाडु के 37 पर्यटक लापता। लापता भारतीयों के परिजनों की मदद के लिए ओडिशा सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम।
7:30 AM Nepal Flood Live updates: मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए कई श्रद्धालुओं समेत 130 से अधिक भारतीय वहां अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही मचने और प्रभावित इलाकों से संपर्क कटने के बाद से लापता हैं तथा कई अन्य भारतीय वहां फंसे हुए हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और तमिलनाडु, केरलम, राजस्थान, उत्तर प्रदेश तथा ओडिशा समेत कई राज्यों ने प्रभावित भारतीयों और उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं। ‘सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल’ एजेंसी ने बताया कि कम से कम 59 लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु हैं। नेपाल में भीषण बाढ़ के कारण संचार संपर्क बाधित होने से प्रभावित भारतीय नागरिकों के बारे में अभी बहुत कम जानकारी उपलब्ध है।
7:15 AM Nepal Flood Live updates: नेपाल में तबाही का दायरा लगातार स्पष्ट हो रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रसुवा, नुवाकोट और धादिंग शामिल हैं। बाढ़ के तेज बहाव ने कई बस्तियों को नुकसान पहुंचाया है और सड़कों तथा पुलों के बह जाने से प्रभावित इलाकों का संपर्क भी बाधित हुआ है। शुरुआती आकलन के मुताबिक कम से कम 19 पुल और 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
7:12 AM Nepal Flood Live updates: नेपाल में बाढ़ और मलबे की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या कम से कम 160 पहुंच गई है। सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इनमें बड़ी संख्या में पर्यटक, तीर्थयात्री और स्थानीय लोग शामिल हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा का यह इलाका कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग है, इसलिए बड़ी संख्या में भारतीयों के भी प्रभावित होने की खबर है।
7:10 AM Nepal Flood Live updates: बाढ़ के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कम से कम 133 भारतीय लापता हैं। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की संख्या भी शामिल है। भारतीय अधिकारियों की ओर से प्रभावित नागरिकों की जानकारी जुटाने और राहत-बचाव प्रयासों में नेपाल के साथ समन्वय किया जा रहा है।
7:08 AM Nepal Flood Live updates: भारत ने नेपाल की मदद के लिए राहत अभियान शुरू कर दिया है। भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए 10 टन मानवीय सहायता और जरूरी दवाइयां नेपाल भेजी गई हैं। भारत ने साफ किया है कि वह इस संकट की घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा है और राहत एवं बचाव अभियान में हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराएगा।
7:06 AM Nepal Flood Live updates: इस आपदा की वजह को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में भूकंप और ग्लेशियर टूटने की आशंका जताई गई थी। बाद की वैज्ञानिक जांच में ग्लेशियर के बड़े हिस्से के टूटकर नीचे गिरने और उससे बर्फ, चट्टान और मलबे का बेहद तेज बहाव पैदा होने की संभावना सामने आई है। रॉयटर्स के मुताबिक करीब 5,200 मीटर की ऊंचाई पर ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरा और इससे भोटेकोशी नदी में अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा पहुंचा।
7:04 AM Nepal Flood Live updates: इस घटना की सबसे भयावह बात यह रही कि कई प्रभावित इलाकों में भारी बारिश की स्थिति नहीं थी। अचानक आई बाढ़ ने लोगों को संभलने या सुरक्षित जगह पहुंचने का पर्याप्त समय नहीं दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक मलबे और पानी की ऐसी तेज लहर को पारंपरिक बाढ़ चेतावनी प्रणालियों से समय रहते पकड़ना बेहद मुश्किल होता है।
7:03 AM Nepal Flood Live updates: नेपाल के साथ लगी चीन के तिब्बत क्षेत्र की सीमा भी इस आपदा से प्रभावित हुई है। चीन की ओर से कम से कम तीन लोगों की मौत और 265 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है। नेपाल और तिब्बत दोनों तरफ बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।
7:02 AM Nepal Flood Live updates: नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद भारत के बिहार में भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। नेपाल से आने वाले पानी के कारण गंडक नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोले जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि प्रभावित और निचले इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
7:01 AM Nepal Flood Live updates: नेपाल के प्रभावित पहाड़ी इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। लेकिन सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने तथा कई इलाकों में पानी और मलबा जमा होने से बचाव दलों के सामने मुश्किलें बनी हुई हैं। हेलीकॉप्टरों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने और लापता लोगों की तलाश करने का प्रयास किया जा रहा है।
7:00 AM Nepal Flood Live updates: अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित इलाकों में अभी भी कई लोग लापता हैं और कई स्थानों तक राहत दल पूरी तरह नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसे में आने वाले घंटों में मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है। बचाव दलों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को तलाशना और प्रभावित इलाकों में जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना है।
डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे ‘क्यों’ और ‘कैसे’ को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव ‘फैक्ट-चेकिंग’ और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।
अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।
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