Raebareli News: जगतपुर (रायबरेली) संवाददाता। थाना क्षेत्र के एक गांव में स्थित मंदिर के पुजारी की बीते शनिवार देर रात हमलावरों ने गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। घटना की जानकारी होने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस टीम के साथ एसपी रवि कुमार भी फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी ने घटनास्थल की जांच करते हुए साक्ष्य जुटाएं और घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस की टीम में गठित कर दी। सीएम के आगमन के एक दिन पहले जगतपुर क्षेत्र में हुई पुजारी की हत्या के बाद पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। क्षेत्र के पालकीहार मजरे चिचौली के रहने वाले 62 वर्षीय पुजारी राम लखन पुत्र स्व चेतऊ लंबे समय से गांव के बाहर स्थित मंदिर में पूजा-पाठ करते थे और मंदिर परिसर के बाहर छप्पर डालकर रहते थे। शनिवार देर रात हमलावरों ने मंदिर के पुजारी की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। हमलावरों ने पुजारी के सिर भी कई बार धारदार हथियार से हमला करके जख्मी किया गया। रविवार सुबह घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए, जबकि डॉग स्क्वायड की मदद से हमलाकरों तक पहुंचने के लिए सुराग तलाशे गए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के भाई राम सजीवन ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी।
एसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर दिए जांच के निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी रवि कुमार स्वयं फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंचे। इससे साफ है कि पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्यारों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी करने की है। पुलिस आसपास के लोगों, मृतक के परिचितों और मंदिर के आसपास आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल मंदिर के पुजारी की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। ग्रामीणों में दहशत के साथ पुलिस के प्रति नाराजगी भी है। अब निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि आखिर 62 वर्षीय पुजारी की निर्मम हत्या किसने और क्यों की तथा मंदिर के आसपास चल रही संदिग्ध गतिविधियों पर पहले से प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी。
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