संभल के सर्वे को लेकर विवाद के बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 4 दिन पहले एक बड़ा बयान दिया था…उन्होंने कहा था कि हर दिन एक नया मामला उठाया जा रहा है…इसकी इजाजत कैसे दी जा सकती है? संघ प्रमुख ने दरअसल ये नसीहत उन लोगों को दी थी जो जगह-जगह मस्जिदों और दरगाहों में मंदिर तलाश रहे हैं..लेकिन उनके इस बयान पर संत समाज का विरोध देखने को मिल रहा है…तुलसी पीठ के पीठाधीश्वर जगदगुरु रामभद्राचार्य ने सबसे ज़ोरदार विरोध किया है…उन्होंने कहा है कि मोहन भागवत का बयान अदूरदर्शी है और वो हमारे शासक नहीं हैं…जगदगुरु के जैसी भावना कई और संतों की भी है…