Siddhart Nagar News: डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। डुमरियागंज कस्बा में आधा दर्जन से अधिक जर्जर भवन घनी आबादी के बीच मौत बनकर खड़ी है। इनमें से कुछ भवनों में सरकारी कार्यालयों से लेकर दुकानें भी चल रहा है। लेकिन जिम्मेदार खतरे से अंजान बने बैठे हैं। जिसमें लोगों में दहशत बनी रहती है। लोगों का कहना है कि समय रहते जर्जर भवन का ध्वस्तीकरण नहीं किया गया तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
डुमरियागंज कस्बा के अलावा अन्य क्षेत्रवासियों में धर्मेंद्र पाण्डेय, विरेंद्र दूबे, अहमद वहीद, नौशाद मलिक, अजय कुमार आदि लोगों ने बताया कि मंदिर चौराहे से रोडवेज बस स्टैंड होते हुए तेलियाना मुहल्ले तक जाने वाली सड़क के दोनों तरफ घनी आबादी है। इसी बीच कई ऐसे भवन खड़े हैं जो अपनी अस्तित्व खो चुके हैं। फिर भी जिम्मेदार ध्वस्त करवाना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। वहीं एक जर्जर भवन में सरकारी कार्यालय भी खुला हैं। जहां पर हर दिन सैकड़ों लोग का आने जाने का सिलसिला लगा रहता है। डुमरियागंज थाने के बगल निवास करने वाले हेमंत मिश्रा ने कहा कि मुख्य सड़क से सटे दो मंजिला जर्जर इमारत सालों से खड़ी है। जर्जर भवन के सामने से नगर का मुख्य सड़क गुजर रही है। जिसपर अक्सर भीड़ भाड़ रहतीं हैं। समय रहते ध्वस्तीकरण नहीं करवा गया तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना घट सकती है। परमात्मा प्रसाद ने बताया कि जर्जर इमारत का पानी से घर की दीवारों पर सीडन ले रहीं हैं। घनी आबादी के बीच ऐसे जर्जर भवन को नगर प्रशासन को ध्वस्तीकरण करवा देना चाहिए।
डुमरियागंज नगर में स्थित रोडवेज बस स्टैंड के सामने दो मंजिला बनीं जर्जर भवन के दूसरी मंजिल पर चकबंदी विभाग का कार्यालय संचालित किया जा रहा है। जबकि भवन की खिड़कियां दरवाजे तक टूट चके है। छत में लगी सरिया जगह जगह दिखाई दे रही है।छत से बारिश में छत का पानी टपक रहा है। फिर भी जिम्मेदार खतरे से अंजान बने बैठे हैं।
जर्जर भवन में संचालित चकबंदी विभाग का कार्यालय में करीब 20 कर्मचारी काम करते हैं। इसके साथ साथ कार्यालय पर तहसील क्षेत्र के दूर दराज से चकबंदी के संबंध में ग्रामीण भी आते जाते है। जो किसी खतरे से कम नहीं है।
डुमरियागंज कस्बे में जर्जर भवनों को लेकर नगर के जिम्मेदारों से जबाब तलब कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
– विवेकानंद मिश्रा, एसडीएम डुमरियागंज
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