Feedback
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियों को धार और रफ्तार देना शुरू कर दिया है. यूपी के इस सियासी मैदान में पार्टी के बड़े रणनीतिकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बड़ी बैठक में अमित शाह की अगुआई में चुनावी रणनीति पर गहन मंथन हो रहा है.
बैठक में पार्टी के करीब 2,850 नेताओं और पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है. इस महामंथन का मुख्य एजेंडा 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करना और संगठन को चुनावी मोड में लाना है.
बीजेपी की इस बैठक को पार्टी की चुनावी तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. इसमें उत्तर प्रदेश से केंद्र सरकार में शामिल मंत्री, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश के सभी सांसद और राज्यसभा सदस्य शामिल हो रहे हैं. इसके अलावा योगी सरकार के मंत्री, विधायक, विधान परिषद सदस्य, 2022 और 2024 के चुनावों में पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके उम्मीदवार, जिला अध्यक्ष, जिला महामंत्री और सभी मोर्चों के अध्यक्ष व महामंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है.
यह भी पढ़ें: ‘बैलेट बॉक्स इस्तीफा दो…’, MLC चुनाव में कांग्रेस के सफाए पर PM मोदी के बाद अमित शाह की चुटकी
अमित शाह देंगे चुनावी रणनीति का मंत्र
बैठक में अमित शाह कार्यकर्ताओं और संगठन के प्रतिनिधियों को 2027 के चुनाव के लिए जीत का मंत्र देंगे.. इसमें बूथ प्रबंधन, सामाजिक समीकरण और संगठन की मजबूती पर खास जोर रहने की उम्मीद है. पार्टी की पिछली चुनावी सफलताओं के अनुभवों के आधार पर 2014, 2017 और 2019 के चुनावी मॉडल पर भी चर्चा हो सकती है. बीजेपी की कोशिश है कि चुनाव से पहले बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय किया जाए और कार्यकर्ताओं के बीच स्पष्ट जिम्मेदारियां तय हों.
इस बैठक में अमित शाह मुख्य वक्ता होंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समापन भाषण देंगे. बैठक में प्रदेश संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं की मौजूदगी इसे व्यापक संगठनात्मक चर्चा का मंच बना रही है.
2027 की चुनौती को लेकर बीजेपी की तैयारी
उत्तर प्रदेश में बीजेपी के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव अहम चुनौती माना जा रहा है. 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की थी. 2022 में भी बीजेपी सत्ता में वापसी करने में सफल रही, हालांकि उसकी सीटों की संख्या 2017 के मुकाबले कम हो गई थी. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के बेहतर प्रदर्शन ने राज्य में राजनीतिक मुकाबले की तस्वीर बदल दी.
यह भी पढ़ें: यूपी चुनाव 2027 की कमान संभालेंगे अमित शाह, 30 अक्टूबर को लखनऊ में BJP का महामंथन
ऐसे में बीजेपी के सामने 2027 में अपनी सरकार बरकरार रखने के साथ-साथ संगठन और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की चुनौती है. यही वजह है कि पार्टी ने चुनाव से काफी पहले ही संगठनात्मक बैठकों और रणनीतिक तैयारियों पर जोर देना शुरू कर दिया है. लखनऊ की यह कार्यसमिति बैठक इसी दिशा में एक अहम कदम है.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू