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शांति वार्ता के बदले अमेरिका से ‘वसूली’ के जुगाड़ में है ‘पीसमेकर’ पाकिस्तान, दो बार पहले भी भर चुका है जेब
US या किसी अन्य देश को नहीं सौंपेंगे संवर्धित यूरेनियम: ईरान
20 से ज्यादा जहाजों ने पार किया होर्मुज
मिसाइल और ड्रोन के स्टॉक तेजी से भर रहा है IRGC
ईरान-अमेरिका डील पर ‘अपनों’ को ही ऐतराज, यूरोपीय देशों ने ट्रंप की जल्दबाजी पर उठाए सवाल
Oil Price Surge: US-ईरान में फिर घमासान, होर्मुज पर टेंशन हाई, अचानक तेल की कीमतों में लगी आग
उल्टा पड़ सकता है जल्दबाजी में किया गया अमेरिकी-ईरान समझौता, US सहयोगियों को सता रहा डर
US-Iran War: नाकेबंदी को लेकर ईरान-अमेरिका में फिर बढ़ा तनाव
‘जब तक नाकेबंदी रहेगी, मतभेद रहेगा…’, US नेवी की नाकेबंदी पर पाकिस्तान में ईरानी राजदूत की प्रतिक्रिया
Middle East Tensions: होर्मुज में तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमत में उछाल
होर्मुज में नाकेबंदी को आंख दिखा रहा था ईरानी झंडे वाला जहाज, अमेरिकी नेवी ने कब्जे में लिया
US-Israel-Iran War LIVE News & Latest Updates: ईरान-अमेरिका के बीच फेल हुए पहले दौर की वार्ता के बाद युद्ध का कूटनीतिक हल खोजने की कोशिशें जारी हैं. इसी बीच अमेरिकी नेवी ने ईरानी झंडे वाले एक कार्गो जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ये जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी को पार करने की कोशिश कर कहा था.
वहीं, ईरान ने कार्गो जहाज को कब्जे में लिए जाने के बाद अमेरिकी सेना पर ड्रोन बोट से पलटवार करने का दावा किया है. इसके साथ ही इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की वार्ता को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) ने रविवार को स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ दूसरे दौर की वार्ता की जो खबरें घूम रही हैं, वो पूरी तरह झूठी और गलत हैं. ईरान ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में रचनात्मक वार्ता की कोई स्पष्ट संभावना नहीं दिख रही है.
ईरान ने अमेरिका द्वारा जारी की गई खबरों को प्रचार कैंपेन और आरोप लागने का खेल करार दिया, जिसका मकसद ईरान पर दबाव बनाना है.
अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़े सभी लाइव अपडेट के लिए पेज पर बने रहें…
आर्थिक तंगहाली से जूझ रहा पाकिस्तान एक बार फिर अपने पुराने कूटनीतिक पैंतरे पर लौट आया है. शहबाज सरकार को पूरी उम्मीद है कि मिडिल ईस्ट में चल रही शांति वार्ता की मेजबानी करने के बदले अमेरिका उसे मोटा ‘इनाम’ यानी भारी-भरकम वित्तीय मदद देगा. पाकिस्तान का इतिहास गवाह है कि उसने अपनी जमीन और भूगोल का इस्तेमाल हमेशा सौदेबाजी के लिए किया है. ठीक वैसे ही जैसे 1980 के दशक और फिर 2000 की शुरुआत में उसे अमेरिका से अरबों डॉलर मिले थे, इस बार भी पाकिस्तान वैसी ही बड़ी फंडिंग की आस लगाए बैठा है. लेकिन मौजूदा हालात में उसकी ये ‘किरायेदारी’ चल पाना मुश्किल लग रहा है. यहां पढ़ें पूरी खबर…
मिस्र में ईरान के हितों के प्रतिनिधि कार्यालय के अध्यक्ष मोजतबा फर्दोसीपूर ने एक समाचार एजेंसी को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से वार्ता में रियायतें हासिल करने के लिए मनगढ़ंत (इमेजिनरी) जीत का प्रचार कर रहे हैं, लेकिन उनके दावे सही नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘हम संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को या दुनिया के किसी भी अन्य देश को नहीं सौंपेंगे. ईरान ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है.’
फर्दोसीपूर ने आगे कहा कि होर्मुज में बढ़ते तनाव के लिए पूरी तरह अमेरिका जिम्मेदार है. उन्होंने कहा, ‘युद्ध से पहले ये स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह खुला था. इस जलमार्ग की वर्तमान स्थिति अमेरिका की कार्रवाइयों का नतीजा है.’
ईरानी अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा, ‘हम सिर्फ वार्ता करने के लिए वार्ता नहीं कर रहे हैं. हमारी सभी मांगें पूरी होनी चाहिए.’
शिपिंग एनालिटिक्स फर्म केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से 20 से ज्यादा जहाज गुजरे जो एक मार्च के बाद इस महत्वपूर्ण रणनीतिक जलमार्ग को पार करने वाले जहाजों की सबसे ज्यादा संख्या है.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल माजिद मूसावी ने कहा है कि उनकी सेनाएं मिसाइल और ड्रोन के भंडार को तेजी से फिर से भर रही हैं और सीजफायर की अवधि के दौरान परिचालन तैयारियों को और मजबूत कर रही हैं.
IRGC एयरोस्पेस फोर्स कमांडर ने मिसाइल और ड्रोन स्टॉक के रखरखाव तथा पुनर्निर्माण का फुटेज पोस्ट करते हुए कहा कि युद्धविराम की इस अवधि में मिसाइल और ड्रोन लॉन्च प्लेटफॉर्म को फिर से भरने की गति युद्ध से पहले के स्तर से भी ज्यादा तेज हो गई है.
जनरल मूसावी ने कहा, ‘युद्धविराम की अवधि के दौरान, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च प्लेटफॉर्म को अपडेट करने और फिर से भरने की हमारी गति युद्ध से पहले की तुलना में भी कहीं ज्यादा है. हमारे पास जानकारी है कि दुश्मन खुद के लिए ऐसी स्थितियां पैदा करने में असमर्थ है और उसे दुनिया के दूसरी तरफ से बूंद-बूंद करके गोला-बारूद लाना पड़ रहा है.’
अमेरिकी और इजरायली दुश्मनों के खिलाफ आक्रामक युद्ध में उनकी हार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘वो इस चरण के युद्ध में भी हार चुके हैं! उन्होंने महत्वपूर्ण रणनीतिक जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खो दिया है, उन्होंने लेबनान और पूरे इलाके को भी खो दिया है.’
यूरोपीय देशों ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि जल्दबाजी में किया गया कोई भी समझौता भविष्य में उल्टा पड़ सकता है. डिप्लोमेट्स ने चेतावनी दी है कि यूरेनियम एनरिचमेंट और प्रतिबंधों में छूट से जुड़े तकनीकी विवाद अभी भी अनसुलझे हैं. ईरान गारंटी चाहता है और यूरोप इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की मांग कर रहा है. यहां पढ़ें पूरी खबर…
अमेरिका-ईरान एक बार फिर से आमने-सामने आ गए हैं. दोनों के बीच होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता अपनी शुरुआत से पहले ही विफल नजर आ रही है. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है और अमेरिका जहां अपने नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहे ईरानी जहाजों को कब्जे में ले रहा है, तो ईरान की ओर से अमेरिकी नेवी पर ड्रोन अटैक किए जाने की खबरें आ रही हैं. जंग और टेंशन फिर से बढ़ने का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला है. ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 6 फीसदी से ज्यादा उछल गई, तो WTI Crude में भी करीब 7 फीसदी की तेजी आई है. यहां पढ़ें पूरी खबर…
तेहरान के साथ बातचीत का पूर्व अनुभव रखने वाले राजनयिकों का कहना है कि यूरोपीय सहयोगी देशों को डर है कि अमेरिका की अनुभवहीन वार्ताकार टीम ईरान के साथ जल्दबाजी में, सुर्खियां बटोरने वाले एक ढांचागत समझौते पर हस्ताक्षर करने की कोशिश कर रही है जो गहरी समस्याओं को सुलझाने के बजाय और भी जटिल बना सकता है.
उन्हें चिंता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक राजनयिक जीत का दावा करने के लिए उत्सुक वाशिंगटन, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में राहत पर एक सतही समझौते पर हस्ताक्षर कर सकता है और फिर तकनीकी रूप से जटिल वार्ताओं में महीनों या सालों तक संघर्ष करना पड़ सकता है.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने बताया कि अमेरिकी सैनिकों द्वारा एक ईरानी कार्गो जहाज पर गोलीबारी करके उसे जब्त करने के बाद, ईरानी सेना ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य जहाजों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए. हालांकि, रिपोर्ट में हमलों के पैमाने, तैनात ड्रोनों की संख्या या अमेरिकी संपत्तियों को हुए किसी नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. इन हमलों से इलाके में नाजुक सीजफायर के बीच तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव में और ज्यादा बढ़ गया है.
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज को कब्जे में लिए जाने की घटना पर पाकिस्तान में ईरान के राजदूत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक नौसैनिक नाकाबंदी रहेगी, तब तक मतभेद बने रहेंगे.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा, ‘आप अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते नहीं रह सकते, नाकाबंदी को और सख्त नहीं कर सकते, ईरान को और युद्ध अपराधों की धमकी नहीं दे सकते, अनुचित मांगों पर अड़े नहीं रह सकते, बयानबाजी से काम नहीं चला सकते और ‘कूटनीति’ का दिखावा नहीं कर सकते. जब तक नौसैनिक नाकाबंदी रहेगी, तब तक मतभेद बने रहेंगे.’
You cannot keep violating the international law, double down on your blockade, threaten Iran with further war crimes, insist on unreasonable demands, pace out with rethorics and pretend to be pursuing “Diplomacy”.
As long as the naval blockade remains, faultlines remain.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका-ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से उछाल आ गया है. रविवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई. शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज में कारोबार फिर से शुरू होने के बाद अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत 6.4% बढ़कर 87.88 डॉलर प्रति बैरल हो गईं. अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 6.5% बढ़कर 96.25 डॉलर प्रति बैरल हो गई. रविवार की शुरुआती बढ़त ने शुक्रवार को हुई गिरावट के एक हिस्से की भरपाई कर दी, जब ईरान के विदेश मंत्री द्वारा वाणिज्यिक टैंकरों के लिए होर्मुज को फिर से खोलने की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 9% से अधिक की गिरावट आई थी.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी के बीच अमेरिकी नेवी ने ईरानी झंडे वाले कार्गो (मालवाहक जहाज) को अपने कब्जे में लिया है. इस कार्गो ने होर्मुज के पास अमेरिकी नौसैनिक की नाकेबंदी को पार करने की कोशिश की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में दावा किया कि ईरान झंडे लगे इस कार्गो का नाम TOUSKA है. इस जहाज को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक यूएसएस स्प्रूएंस ने इंटरसेप्ट किया. यह जहाज नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था. …और यह उनके (ईरान) लिए अच्छा नहीं रहा. यहां पढ़ें पूरी खबर…
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