Varanasi news: इस टेंपल में बसता पूरा भारत, पर नहीं पहुंचते टूरिस्ट – inextlive

वाराणसी (ब्यूरो)काशी में मंदिरों की बात हो तो सबसे पहले काशी विश्वनाथ, संकटमोचन, काल भैरव और दुर्गाकुंड जैसे मंदिरों का नाम सामने आता हैइन मंदिरों में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैंलेकिन इसी धार्मिक नगरी में एक ऐसा मंदिर भी है, जिसकी पहचान किसी देवीदेवता की पारंपरिक प्रतिमा से नहीं, बल्कि पूरे भारत की तस्वीर से हैयह है वाराणसी का भारत माता मंदिरकरीब 90 साल पुराना यह मंदिर अपने इतिहास और अनोखी विशेषता के बावजूद फिलहाल पर्यटकों की कम आवाजाही से जूझ रहा हैभारत माता मंदिर का निर्माण स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े समाजसेवी और राष्ट्रवादी विचारों के समर्थक बाबू शिव प्रसाद गुप्त ने कराया थामंदिर का निर्माण वर्ष 1936 में पूरा हुआ था और उसी वर्ष 25 अक्टूबर को महात्मा गांधी ने इसका उद्घाटन किया थामंदिर को बनाने के पीछे उद्देश्य भारत की एकता और अखंडता की भावना को लोगों तक पहुंचाना था.

मंदिर में नहीं है पारंपरिक देवीदेवता की प्रतिमा
भारत माता मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसे दूसरे मंदिरों से अलग बनाती हैयहां किसी देवीदेवता की पारंपरिक मूर्ति स्थापित नहीं हैमंदिर के अंदर संगमरमर से बना भारत का विशाल भौगोलिक मानचित्र मौजूद हैइस मानचित्र में देश की भौगोलिक संरचना को उकेरा गया हैपर्वत, नदियां, मैदान और समुद्र सहित भारत की प्राकृतिक संरचना को इस तरह दर्शाया गया है कि इसे देखने पर देश की विशालता का अहसास होता हैयही वजह है कि भारत माता मंदिर धार्मिक स्थल के साथसाथ देश के इतिहास, भूगोल और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थान भी माना जाता है.

कोविड के बाद कम हुई पर्यटकों की आवाजाही
मंदिर के केयरटेकर के मुताबिक, कोविड के बाद से मंदिर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी देखने को मिली हैपहले यहां बाहर से आने वाले पर्यटकों की आवाजाही अधिक रहती थी, लेकिन महामारी के बाद इसमें गिरावट आईइसके साथ ही मौजूदा समय में भारत माता मंदिर की तरफ रोपवे का काम चल रहा है, जिसके चलते आसपास पार्किंग की समस्या भी सामने आ रही हैमंदिर के केयरटेकर के अनुसार, पार्किंग की परेशानी के कारण भी पर्यटकों को यहां आने में दिक्कत होती है और इसका असर मंदिर की आवाजाही पर पड़ रहा हैहालांकि मंदिर प्रबंधन को उम्मीद है कि रोपवे का काम पूरा होने के बाद मौजूदा परेशानियां कम होंगीइसके बाद पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना और आसपास वाहन खड़ा करना आसान होने की उम्मीद हैऐसे में मंदिर में पर्यटकों की संख्या दोबारा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

मंदिर के प्रचारप्रसार पर भी जोर
पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए अब मंदिर के प्रचारप्रसार पर भी ध्यान दिया जा रहा हैमंदिर से जुड़े लोगों के मुताबिक, इसकी खासियत और इतिहास को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही हैमंदिर में रंगरोगन और सौंदर्यीकरण का काम भी कराया जा रहा है, ताकि परिसर को बेहतर रूप दिया जा सके और यहां आने वाले पर्यटकों को अच्छा अनुभव मिलेवाराणसी में देशदुनिया से आने वाले पर्यटकों की बड़ी संख्या को देखते हुए भारत माता मंदिर के लिए प्रचारप्रसार को महत्वपूर्ण माना जा रहा हैकाशी के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल होने के बावजूद यह मंदिर अभी उतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित नहीं कर पा रहा है, जितनी उम्मीद इससे की जा सकती है

अनोखी विरासत को पर्यटकों तक पहुंचाने की चुनौती
भारत माता मंदिर की सबसे बड़ी ताकत ही इसकी अलग पहचान हैजहां काशी के अधिकतर प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालु धार्मिक आस्था के कारण पहुंचते हैं, वहीं भारत माता मंदिर देश के भूगोल और राष्ट्रीय एकता की भावना को एक अलग रूप में सामने रखता है.करीब नौ दशक पुराने इस मंदिर ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर से लेकर आज तक का लंबा सफर देखा हैमहात्मा गांधी से जुड़ा इसका इतिहास भी इसे खास बनाता हैअब चुनौती यह है कि इस ऐतिहासिक और अनोखे स्थल को काशी आने वाले पर्यटकों की यात्रा में किस तरह दोबारा प्रमुख स्थान दिलाया जाएरोपवे का काम पूरा होने, पार्किंग से जुड़ी दिक्कत दूर होने और प्रचारप्रसार बढ़ने के बाद मंदिर प्रबंधन को उम्मीद है कि भारत माता मंदिर में एक बार फिर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगीफिलहाल करीब 90 साल पुराना यह मंदिर अपनी विरासत और पहचान के साथ पर्यटकों की राह देख रहा है

Copyright © 2026. All Rights Reserved

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News