Pakistan On Agni-V: भारत ने अग्नि-5 मिसाइल का टेस्ट कर दुनिया में अपनी ताकत दिखाई है. इस मिसाइल टेस्ट को देख पाकिस्तान थर्रा गया है. भारत की ताकत देख पाकिस्तान जहर उगल रहा है, लेकिन साथ ही बातचीत के लिए भी गिड़गिड़ा रहा है. उसका कहना है कि यह टेस्ट क्षेत्रीय और वैश्विक शांति व स्थिरता के लिए खतरा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने शुक्रवार को अपनी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत का हथियारों का जखीरा और मिसाइल परीक्षण न केवल पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए खतरनाक है, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित करता है.
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर भारत के सैन्य विकास को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. खान ने कहा कि अग्नि-5 जैसी अंतरमहाद्वीपीय मिसाइलों का परीक्षण भारत के बढ़ते सैन्य खतरे को दिखाता है, जो क्षेत्र से परे भी प्रभाव डालता है. हालांकि, दूसरी ओर पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने नरम रुख अपनाते हुए कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ सभी मुद्दों, जिसमें कश्मीर भी शामिल है, पर बातचीत के लिए तैयार है.
उन्होंने इस्लामाबाद में संसद के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘हम केवल कश्मीर पर नहीं, बल्कि सभी मुद्दों पर बातचीत चाहते हैं.’ डार ने पहले भी जुलाई में कहा था कि पाकिस्तान व्यापार से लेकर आतंकवाद तक हर क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग को तैयार है, लेकिन भारत ने कोई जवाब नहीं दिया..
भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान के साथ बातचीत तभी करेगा, जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और आतंकवाद का मुद्दा हल हो. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा था कि भारत आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों से बातचीत नहीं करेगा. उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को सैन्य सम्मान देने का आरोप लगाते हुए कहा कि आतंकवाद की भाषा डर, खून और नफरत की होती है, न कि बातचीत की.
पाकिस्तान ने भारत से सिंधु जल संधि को फिर से लागू करने की मांग भी की है, जिसे भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद निलंबित कर दिया था. इस हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर हमले किए थे. पाकिस्तान के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए और दोनों देशों के बीच क्रिकेट जैसे खेलों को प्रभावित नहीं करना चाहिए. उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भारत-पाकिस्तान के बीच कोई मुलाकात न होने की बात भी कही.