धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाधी ने आंदोलनकारी छात्रों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे शिक्षा व्यवस्था को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है. उन्होंने कहा, ‘शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है. सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई.’
उन्होंने कहा, ‘2 मांगें अभी भी बाकी हैं- प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो. ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है- अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है. इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है. डरो मत.’
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर नई दिल्ली के जंतर मंतर समेत देशभर में जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार (25 जुलाई) को अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया. उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेज दिया है. उन्होंने कहा, ‘पिछले 10 दिन का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है.’ उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले दिन से ही जिम्मेदारी ली है और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा.
धर्मेंद्र प्रधान ने सीजेपी के दिल्ली में जारी आंदोलन के मद्देनजर इस्तीफा दिया है. सीजेपी परीक्षा प्रणाली में सुधार, नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन कर रही है. प्रधान का इस्तीफा सीजेपी की प्रमुख मांगों में शामिल था.
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