क्या आप जानते हैं कि भारत के किस जिले को ‘इत्र नगरी’ कहा जाता है? यह जिला अपनी सदियों पुरानी पारंपरिक ‘देग-भाप’ विधि से सुगंधित अत्तर, गुलाब जल और केवड़ा जल बनाने के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है. यहां का इत्र उद्योग 400 से अधिक वर्षों से चला आ रहा है. अगर आप भी इस जिले के बारे में नहीं जानते हैं, तो आइए आपको बताते हैं कि यह कौन-सा जिला है?
यहां की मिट्टी और वातावरण को भी इत्र निर्माण के लिए अनुकूल माना जाता है. कण-कण में सुगंध बसी होने की बात अक्सर कही जाती है, जो इस जिले की पहचान को और मजबूत करती है. यह परंपरा न केवल एक उद्योग है बल्कि यहां की सांस्कृतिक विरासत भी है, जिसे लोग गर्व से आगे बढ़ा रहे हैं.
इस जिले में इत्र बनाने की सबसे खास बात इसकी ‘देग-भाप’ (hydro-distillation) तकनीक है, जो पीढ़ियों से बिना ज्यादा बदलाव के उपयोग में लाई जा रही है. इस विधि में फूलों और जड़ी-बूटियों को बड़े बर्तनों में पकाकर उनकी प्राकृतिक खुशबू को इकट्ठा किया जाता है. आधुनिक मशीनों के दौर में भी यहां के कारीगर इस पारंपरिक कला को जीवित रखे हुए हैं.
यहां पर बनेने वाले इत्र की मांग सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बहुत अधिक है, खासकर खाड़ी देशों में इसकी काफी लोकप्रियता है. यहां का इत्र अपनी शुद्धता और प्राकृतिक सुगंध के कारण अलग पहचान रखता है. कारीगर आज भी बिना किसी रासायनिक मिलावट के फूलों और प्राकृतिक तत्वों से इत्र तैयार करते हैं.
बता दें कि भारत के उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले को ‘इत्र नगरी’ के रूप में जाना जाता है, जो अपनी सदियों पुरानी खुशबूदार परंपरा के लिए जाना जाता है. यहां का इत्र उद्योग 400 से अधिक वर्षों से लगातार चलता आ रहा है और आज भी इसकी पहचान विश्व स्तर पर बनी हुई है. कन्नौज में गुलाब जल, केवड़ा जल और विभिन्न प्राकृतिक सुगंधों का उत्पादन पारंपरिक तरीकों से किया जाता है.
कन्नौज को इत्र बनाने की कला फारसी कारीगरों से मिली थी, जिन्हें मुगल काल में यहां बुलाया गया था. कहा जाता है कि मल्लिका-ए-हुस्न नूरजहां ने गुलाब से इत्र बनाने की शुरुआत को बढ़ावा दिया. तभी से यह शहर इत्र उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन गया और धीरे-धीरे ‘इत्र नगरी’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया.
लेख में दी गई ये जानकारी सामान्य स्रोतों से इकट्ठा की गई है. इसकी प्रामाणिकता की जिम्मेदारी हमारी नहीं है. एआई के काल्पनिक चित्रण का जी यूपीयूके हूबहू समान होने का दावा या पुष्टि नहीं करता.
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