मेरठ, मुख्य संवाददाता कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), क्षेत्रीय कार्यालय, मेरठ में 14 सितंबर से 29 सितंबर 2026 तक मनाए गए हिंदी पखवाड़े का बुधवार को कवि सम्मेलन के साथ समापन हो गया। इस अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह का भी आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-प्रथम एवं प्रभारी अधिकारी अंकुर पी. गुप्ता और मुख्यालय से विशेष रूप से आमंत्रित वरिष्ठ क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-प्रथम एवं प्रख्यात गजलकार आलोक यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री अंकुर पी.गुप्ता ने कहा कि हिंदी हमारी सभ्यता और संस्कृति की परिचायक है।
अपनी संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए राजभाषा हिंदी का विकास और संरक्षण आवश्यक है। यह विश्व की समृद्ध भाषाओं में से एक है, जिसका प्रचार-प्रसार हमारा संवैधानिक कर्तव्य है। कार्यक्रम के संचालक सहायक निदेशक (राजभाषा) विजय पाल सिंह ने पखवाड़े की प्रतियोगिताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी एक सक्षम भाषा है, जिसे मन से स्वीकार करने पर इसकी प्रगति स्वतः सुनिश्चित होती है। इस अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन में आलोक यादव, हुक्का बिजनौरी, सत्यपाल सत्यम और डॉ. ऊषा श्रीवास्तव ने हास्य, श्रृंगार एवं वीर रस की रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में, हिंदी पखवाड़े की विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त अंकुर पी. गुप्ता द्वारा नकद पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।इस अवसर पर राजन छाबड़ा, महेश सिंह (क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-द्वितीय), सहायक आयुक्त राजकुमार सिंह, रोहित मलिक, नीतू गुप्ता, मनमोहन लाल, राजेश कुमार जैन सहित कार्यालय के तमाम अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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