ईरान में 'तख्तापलट' का ड्रामा: अमेरिका के साथ शांति समझौता पर तनाव के बीच क्यों आपस में ही भिड़ गए ईरानी नेता? – west asia conflict iran internal turmoil hardliners accuse govt of soft coup news in hindi – Jagran

पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान में आंतरिक राजनीतिक भूचाल आ गया है। ईरान के कट्टरपंथी नेताओं ने अपनी ही सरकार पर धोखे से तख्तापलट का गंभ …और पढ़ें
ईरानी कट्टरपंथियों ने तेहरान सरकरा पर लगाए गंभीर आरोप।
कट्टरपंथियों ने ईरानी सरकार पर ‘सॉफ्ट कूप’ का आरोप लगाया।
दिवंगत सुप्रीम लीडर के जनाजे में नेताओं पर पथराव हुआ।
अमेरिका के साथ संघर्षविराम समझौते से उपजा आंतरिक विवाद।
डिजिटल डेस्क, तेहरान। पश्चिम एशिया में चार महीनों से ज्यादा समय से जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान में आंतरिक राजनीतिक भूचाल आ गया है। अमेरिका के साथ हुए शांति समझौते को लेकर जारी तनाव के बाद देश के हालात बेहद खराब हो गए हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी कट्टरपंथियों ने अपनी ही सरकार के शीर्ष अधिकारियों पर ‘सॉफ्ट कूप’ यानी धोखे से तख्तापलट का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे शासन में बड़ी दरार दिखने लगी है।
बता दें कि यह आंतरिक विवाद तब खुलकर सामने आ गया जब ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमेनेई का अंतिम संस्कार हो रहा था। वहां मौजूद कट्टरपंथियों ने देश के बड़े नेताओं को निशाना बनाया। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन को देखते ही भीड़ ने ‘समझौता करने वालों को मौत मिले’ के नारे लगाए।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची को तो और भी बुरा दिन देखना पड़ा। अमेरिका के साथ बातचीत करने और पाबंदियां हटवाने के बदले उन्हें गद्दार कहा गया और उन पर पथराव किया गया, जिसके बाद उन्हें वहां से भागना पड़ा।
ईरान के कट्टरपंथी गुटों की नाराजगी को ऐसे समझा जा सकता है कि कि उनका मानना है कि अली खमेनेई की मौत के बाद सरकार को अमेरिका से बड़े पैमाने बदला लेना चाहिए था, लेकिन सरकार ने घुटने टेक दिए और अमेरिका के डोनल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ युद्धविराम कर लिया।
इस पूरे मामले का एक आधार यह भी है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खमेनेई ने जब से गद्दी संभाली है, वह जनता के सामने नहीं आए हैं। कट्टरपंथियों का आरोप है कि उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ मिलकर देश की पूरी सत्ता पर कब्जा कर रहे हैं और नए सुप्रीम लीडर की ताकत को कम कर रहे हैं।
ईरान के भीतर हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि सरकार के विरोधी अब जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। एक कट्टरपंथी धार्मिक गायक मोहम्मद अली बख्शी ने राष्ट्रपति पेजेशकियन को खुली धमकी देते हुए कहा कि मिस्टर प्रेसिडेंट, अगर हमारे नेता की शर्तें पूरी नहीं हुईं, तो आपके गले पर हमारा ब्लेड होगा। हम आपके लिए नरक बना देंगे।
वहीं दूसर ओर कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियान ने जनता को चेतावनी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि क्या देश में तख्तापलट होने वाला है? हम खमेनेई के खून का बदला लेंगे और इस तख्तापलट के खिलाफ खड़े होंगे।
ऐसा नहीं है कि यह वार एक तरफा है। इस भारी विरोध को देखते हुए ईरान की मौजूदा सरकार ने भी कट्टरपंथियों को किनारे करना शुरू कर दिया है। तख्तापलट का आरोप लगाने वाले सांसद महमूद नबावियान और अमेरिका से समझौते का विरोध करने वाले एक अन्य नेता को संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
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