उत्तर मैसेडोनिया में भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम' विचारधारा का आह्वान, राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा- दीवारें नहीं, पुल बनाएं – president droupadi murmu emphasize india vasudhaiva kutumbakam for global unity in north m – Jagran

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तर मैसेडोनिया की संसद को संबोधित करते हुए 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भारतीय विचारधारा पर जोर दिया, जिसमें वैश्विक संघर्षों …और पढ़ें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तर मैसेडोनिया की संसद में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का किया आह्वान (फोटो-पीटीआई)
मुर्मु ने उत्तर मैसेडोनिया संसद को संबोधित किया।
‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का आह्वान: दीवारें नहीं, पुल बनाएं।
द्विपक्षीय संबंधों पर मुर्मु और डावकोवा ने चर्चा की।
डिजिटल डेस्क, स्कोप्जे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तर मैसेडोनिया की संसद को संबोधित कर कहा कि वैश्विक परिदृश्य जब संघर्ष और आर्थिक विभाजन से तार-तार हो गया है, भारत की प्राचीन विचारधारा ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का आह्वान है कि ‘दीवारें नहीं, पुल बनाएं।’
तीन-देशों की राजकीय यात्रा के दूसरे चरण में उत्तर मैसेडोनिया में राष्ट्रपति मुर्मु ने मंगलवार को यहां की संसद में जोर देकर कहा कि कोई भी राष्ट्र अलगाव से समृद्ध नहीं हो सकता।
भारत की प्राचीन सभ्यता की विचारधारा प्राचीन सिद्धांत ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि दुनिया एक परिवार है। जब वैश्विक परिदृश्य संघर्ष और आर्थिक विभाजन से तार-तार है, तो यह विचारधारा पुल बनाने का आह्वान करती है, दीवारें खड़ी करने का नहीं।”
राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन का एक प्रणाली नहीं है, बल्कि यह एक साझा विश्वास का लेख है जो भारत और उत्तर मैसेडोनिया को एकजुट करता है। भारत की संसद 1.4 अरब से अधिक नागरिकों की आकांक्षाओं को दर्शाती है और एक असाधारण विविधता वाले राष्ट्र को लोकतांत्रिक आवाज देती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, ‘हमारे संविधान के मार्गदर्शन में संसद इस सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करती है कि भारत की विविधता लोकतंत्र के लिए बाधा नहीं है, बल्कि इसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है।’
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के आम चुनाव मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास हैं। इस विशाल भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता में चुनावों का सफल संचालन भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों की लचीलापन और हमारे लोगों द्वारा चुनावी प्रक्रिया में रखे गए विश्वास का प्रमाण है।
आइएएनएस के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उत्तरी मैसेडोनिया की उनकी समकक्ष गार्डाना सिलजानोव्स्का-डावकोवा ने स्कोप्जे के विला वोड्नो में एक बैठक की, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की गई। इस बैठक में अर्थव्यवस्था, शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति, पर्यटन, स्वास्थ्य देखभाल और डिजिटल परिवर्तन में सहयोग के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया।
राष्ट्रपति मुर्मु और राष्ट्रपति सिलजानोव्स्का-डावकोवा ने भारत-उत्तर मैसेडोनिया संबंधों को और मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक से पहले राष्ट्रपति मुर्मु का औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
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