पूर्णिया पूर्व, एक संवाददाता। पूर्णिया सदर प्रखंड क्षेत्र व नगर निगम वार्ड 46 के कलीगंज चांदीबारी गांव में ज्येष्ठ मास कि दशमी तिथि व गंगा दशहरा के अवसर पर माता महामालती की पूजा-अर्चना की तैयारी पूरी कर ली गयी है। बुधवार को मन्नत पूरी होने पर पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, भागलपुर, मनिहारी एवं साहिबगंज सहित पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचने की संभावना है। ज्येष्ठ मास कि शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को आयोजित होने वाली इस पूजा अर्चना के लिए श्रदालु साल भर से इंतजार करते है। यहां भक्तों की मन्नतें पूरी होने पर बलि भी दी जाती है।
मंदिर समिति के अनुसार 23 जून मंगलवार की रात्रि माता रानी की निशा पूजा होगी। 24 जून बुधवार को सुबह से मुख्य पूजा का आयोजन किया जाएगा। दोपहर से लेकर शाम तक बलि प्रथा सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। मंदिर की भगत दीदी शकुंतला ने बताया कि वर्ष 1987 में आई भीषण बाढ़ और महामारी के दौरान माता महामालती ने उन्हें स्वप्न में दर्शन देकर मंदिर निर्माण का निर्देश दिया था। इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर का निर्माण कराया गया तथा माता की प्रतिमा स्थापित की गई। उन्होंने बताया कि मंदिर स्थापना के बाद क्षेत्र में फैली महामारी समाप्त हो गई, जिसके बाद से यहां प्रतिवर्ष श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि माता के दरबार में सच्चे मन से आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं मंदिर समिति के सदस्य संतोष कुमार चौरसिया ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन का सहयोग लिया जा रहा है। मंदिर परिसर एवं मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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