Rashmi Singh
Date: 18-10-26 10:53
Gwalior Accident: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नवरात्रि के दौरान आस्था के रास्ते पर एक दर्दनाक हादसा हो गया. शीतला माता मंदिर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं के लिए रात का सफर जानलेवा साबित हुआ, जब धान से भरा एक ट्रक अचानक बेकाबू होकर भीड़ में घुस गया. इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए. घायलों में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. अब जांच की जा रही है कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक पहुंचा कैसे और बैरिकेड तोड़कर वह श्रद्धालुओं तक किस तरह पहुंच गया.
बैरिकेड तोड़कर ढलान से नीचे आया ट्रक
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, छिनोर की तरफ से शीतला माता मंदिर जाने वाले रास्ते पर ढलान है. इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है. हादसे वाली रात करीब 1:30 बजे धान से भरे एक ट्रक को रास्ते में रोका गया था. बताया गया कि ट्रक ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए और बेकाबू होकर ढलान से नीचे उतर गया. इसके बाद वाहन मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकरा गया. उस समय सड़क पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. ट्रक की चपेट में आने और उसके नीचे दबने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
हादसे में 13 लोगों की मौत
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि हादसे के बाद कुल 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया था. इनमें से 13 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया. कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ के फ्रैक्चर होने की भी जानकारी सामने आई है. अन्य घायलों का भी इलाज जारी है. हादसे के दौरान ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. नवरात्रि के मौके पर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच हुई इस घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची एंबुलेंस
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे ट्रक के बेकाबू होने की सूचना मिली थी. जानकारी मिलते ही एंबुलेंस और अन्य वाहनों को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया, ताकि घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके. अस्पतालों में घायलों की स्थिति का आकलन करने के लिए सीटी स्कैन और एक्स-रे समेत जरूरी जांच की जा रही हैं. डॉक्टरों की निगरानी में घायलों का इलाज चल रहा है. प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और हादसे से प्रभावित लोगों को जरूरी मदद पहुंचाना है.
ट्रक की तकनीकी जांच करेगा RTO
हादसे के बाद प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि नवरात्रि के दौरान मंदिर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेड और पुलिस चेकपॉइंट लगाए गए थे. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारी वाहन प्रतिबंधित रास्ते पर पहुंचकर बैरिकेड तोड़ने में कैसे कामयाब हुआ. ट्रक की तकनीकी जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय यानी आरटीओ की टीम को भेजा गया है. टीम वाहन की स्थिति और संभावित तकनीकी खराबी की जांच करेगी. इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि ट्रक अचानक अनियंत्रित क्यों हुआ और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई.
मंदिर मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में मंदिर तक जाने वाले रास्तों पर यातायात नियंत्रण और सुरक्षा इंतजाम बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. ग्वालियर में हुए इस हादसे के बाद भारी वाहनों की आवाजाही रोकने, बैरिकेडिंग और पुलिस निगरानी की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के सटीक कारणों और संभावित लापरवाही की तस्वीर साफ हो सकेगी. फिलहाल प्रशासन घायलों के उपचार और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच में जुटा है.
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