जापान के वैज्ञानिकों ने समुद्र की गहराइयों में सोने का ऐसा खजाना ढूंढ़ा है, जिसने पूरी दुनिया में हलचल सी मचा दी है. दरअसल एक शोध के दौरान वैज्ञानिकों को समुद्र के नीचे ज्वालामुखी वाले क्षेत्र में रिकॉर्ड मात्रा में सोना मिला है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये अब तक का सबसे ज्यादा सोना वाला समुद्री इलाका हो सकता है. यह खोज जापान के दक्षिण-पूर्वी तट से करीब 350 किलोमीटर दूर समुद्र के भीतर हुई है. यहां समुद्र की सतह के नीचे ऐसे हाइड्रोथर्मल वेंट्स यानी गर्म पानी के प्राकृतिक स्रोत हैं, जहां से खनिज लगातार निकलते रहते हैं. इन्हीं जगहों पर सोने के बेहद छोटे-छोटे कण बड़ी मात्रा में मिले हैं.
सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि सोना सामान्य आंखों से दिखाई नहीं देता. यहां तक कि साधारण माइक्रोस्कोप से भी इसे देख पाना मुश्किल है. वैज्ञानिकों ने खास तकनीक की मदद से पता लगाया कि सोने के ये बेहद छोटे कण ‘पाइराइट’ नाम के खनिज के अंदर छिपे हुए हैं. इसी वजह से इसे ‘इनविजिबल गोल्ड’ यानी अदृश्य सोना कहा जा रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इस इलाके में मौजूद पाइराइट में दुनिया में सबसे ज्यादा सोने की मात्रा दर्ज की गई है. यही वजह है कि भविष्य में यहां समुद्र के नीचे सोने की खदान शुरू करने की संभावना भी जताई जा रही है.
हालांकि इस खोज के साथ एक बड़ी बहस भी शुरू हो गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि समुद्र की गहराइयों में मौजूद ये इलाके सिर्फ खनिजों से ही नहीं, बल्कि कई दुर्लभ समुद्री जीवों का भी घर हैं. अगर यहां बड़े पैमाने पर खनन शुरू हुआ तो समुद्री पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. इससे पहले भी समुद्र के नीचे खनन की कोशिशें हुई हैं, लेकिन आर्थिक नुकसान और पर्यावरण से जुड़े विरोध की वजह से कई परियोजनाएं सफल नहीं हो सकीं. इसलिए अब सवाल यह है कि दुनिया समुद्र के नीचे छिपे इस सोने को ज्यादा महत्व देगी या फिर समुद्री जीवों और प्रकृति की सुरक्षा पर ज्यादा जोर देगी.
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