वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। टीईटी परीक्षा की अधिसूचना लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए इसे पास करने की अनिवार्यता खत्म हो। जिले के प्राथमिक शिक्षकों ने गुरुवार को यह आवाज जिला मुख्यालय पर उठाई। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर वे देशव्यापी कार्यक्रम के तहत लामबंद हुए। प्रदर्शन के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री, शिक्षामंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसीएम तृतीय को सौंपा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष शशांक कुमार पांडेय ने कहा कि टीईटी परीक्षा पास करने की अनिवार्यता से लाखों शिक्षकों असुरक्षा की भावना है। वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षक चाहते हैं कि केंद्र सरकार फैसले पर पुनर्विचार करे।
बता दें कि प्रदेश में इसे 27 जुलाई, 2011 को लागू किया गया। प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. उदयन मिश्र ने कहा कि टीईटी परीक्षा पास करने की अनिवार्यता विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। केंद्र सरकार नीतिगत हस्तक्षेप कर प्राथमिक शिक्षकों की चिंता दूर करे।जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद प्राथमिक शिक्षकों ने डीएम के प्रतिनिधि एसीएम (तृतीय) धीरेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। प्रो. शशिकांत द्विवेदी, जिला महामंत्री आनंद कुमार सिंह, सत्यप्रकाश पाल, दिनेश चंद, सुशील कुमार, आशा पाठक, अरविंद द्विवेदी, संतोष कुमार पांडेय, रितु ओबराय, विनीता दत्त, रीना वर्मा, राजन सिंह, संजीव त्रिपाठी, प्रभात भृगुवंश, डॉ. भगत सिंह, अनिल तिवारी, आनंद सिंह, रामतीरथ पटेल, अमिताभ राय मौजूद रहे।
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