डोनाल्ड ट्रंप को भारत के सामने झुकना होगा, पूर्व राजनयिक ने मिडटर्म इलेक्शन को बताया ‘वाटरलू’ – Hindustan

अमेरिका में 3 नवंबर यानी मंगलवार को मध्यावधि चुनाव होने हैं। इसमें तय होजाएगा कि कांग्रेस के दोनों सदनों पर किसका नियंत्रण होगा। वहीं इन चुनावों से डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति पर भी बड़ा असर पड़ने वाला है। प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव होना है। भारत के पूर्व राजनयिक और जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट केपी फाबियान ने कहा है कि अगर इन चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप को हार का सामना करना पड़ता है तो उन्हें भारत के प्रति भी अपना रवैया बदलना होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से डोनाल्ड ट्रंप की भारत के प्रति नीति रही है, वह उनकी ही विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती है।

फाबियान ने कहा, ‘डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगाकर बड़ी गलती की है। भारत एक उभरती हुई शक्ति है। यह एक बड़ी अर्थव्यवस्था है। एक बहुत पुरानी संस्कृति है और इसके अलावा ग्लोबल साउथ का लीडर है। इसके उत्तर से भी अच्छे संबंध हैं। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप को भारत के प्रति अपना रवैया बदलना होगा। डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर टैरिफ लगाया। चीन रूस से ज्यादा तेल खरीदता है लेकिन उसका कुछ नहीं कर पाए।’

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले मतदाताओं को लामबंद करने के लिए रविवार को आयोवा और कंसास में चुनावी रैलियां कीं। रिपब्लिकन पार्टी ने इन रैलियों के जरिए अपने समर्थकों को मतदान के लिए प्रेरित करने की अंतिम कोशिश की।

ट्रंप ने आयोवा के डब्यूक में समर्थकों को संबोधित करने के बाद कंसास के सलीना का दौरा किया। वहां उन्होंने मतदाताओं से रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करने और कांग्रेस में पार्टी का नियंत्रण बरकरार रखने की अपील की।

ट्रंप ने सलीना में समर्थकों से कहा, “यदि आप तीन नवंबर को रिपब्लिकन प्रतिनिधि सभा और रिपब्लिकन सीनेट चुनते हैं, तो हम हर दिन अमेरिका को सर्वोपरि रखने की नीति जारी रखेंगे।”

उन्होंने कांग्रेस में नियंत्रण बरकरार रहने पर रिपब्लिकन पार्टी की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। इनमें आव्रजन नियमों को और सख्त करना, मतदाता पहचान पत्र और नागरिकता के प्रमाण की अनिवार्यता तथा शरणस्थली शहरों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।उन्होंने बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी में शामिल लोगों के साथ-साथ कानून प्रवर्तन अधिकारी की हत्या के दोषियों के लिए मृत्युदंड की भी मांग की।

ट्रंप ने कहा, “अमेरिका का स्वर्णिम युग हमारे सामने है, लेकिन आपको बाहर निकलकर मतदान करना होगा।” ट्रंप ने कंसास के मतदाताओं से रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल का समर्थन करने की भी अपील की, जो फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के गवर्नर पद के उम्मीदवार टाय मास्टरसन के पक्ष में भी प्रचार कियाश्री ट्रंप ने कहा, “आइए, बाहर निकलकर वह करें जो हम सबसे अच्छी तरह करते हैं- जीतना, जीतना और जीतना। तीन नवंबर को हम जीतेंगे। आइए, अगले दो वर्षों को पहले से भी बड़ा, बेहतर और अधिक मजबूत बनाएं।”

विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कंसास की रैली को कुछ देर के लिए संबोधित किया और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में ट्रंप के रिकॉर्ड की प्रशंसा की। रुबियो ने कहा, “हर राष्ट्रपति का सबसे महत्वपूर्ण काम आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रखना है और मेरे जीवनकाल में किसी भी राष्ट्रपति ने यह काम मौजूदा राष्ट्रपति से बेहतर नहीं किया है।” उन्होंने कहा, “उनके राष्ट्रपति होने से अमेरिका अधिक मजबूत है, आप अधिक सुरक्षित हैं और दुनिया भर में हमारे दुश्मन कमजोर हुए हैं।”

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ और ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का ‘C सर्टिफिकेट’ भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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