Shubham Raja
Date: 28-09-26 18:12
Delhi-NCR Pollution: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में सोमवार को दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति को लेकर अहम बैठक हुई. बैठक में प्रदूषण कम करने के लिए कई कदमों पर चर्चा की गई. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सरकार प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए एक व्यापक योजना पर काम कर रही है.
इसमें वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने, इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और सर्दियों के दौरान प्रदूषण से निपटने के लिए खास इंतजाम करने पर जोर दिया जाएगा.
प्रदूषण के खिलाफ सख्ती से लागू होगी योजना
मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि बैठक में दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कार्रवाई की योजना पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम को और सख्ती से लागू किया जाएगा. इसके तहत बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल देने पर रोक को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा. दिल्ली में इस नियम की निगरानी के लिए एएनपीआर कैमरों और डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल भी किया जा रहा है.
सिरसा के मुताबिक, अपनी उम्र पूरी कर चुकी गाड़ियों के खिलाफ भी अभियान तेज किया जाएगा. इसके लिए अक्टूबर में लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा. नवंबर में पीयूसी सेंटरों को अपग्रेड करने की योजना है. इसके अलावा तीन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों के जरिए करीब 2.5 लाख वाहनों की फिटनेस जांच करने की तैयारी है.
दिल्ली में 150 और इलेक्ट्रिक बसें आएंगी
मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली में इस समय 588 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं. अब इनमें 150 और ई-बसें जोड़ी जाएंगी. सरकार का जोर सार्वजनिक परिवहन को बढ़ाने पर भी है, ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो और प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके.
उन्होंने बताया कि प्रदूषण और ट्रैफिक से जुड़े 62 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं. इन इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है. सिरसा ने 11 जिलाधिकारियों के कार्यालयों का दौरा कर हॉटस्पॉट के आसपास करीब 3 किलोमीटर के क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की समीक्षा की है. उनके मुताबिक, 62 में से 42 हॉटस्पॉट पर स्थिति को नियंत्रित किया जा चुका है और बाकी जगहों पर भी काम जारी है.
इन इलाकों में श्मशान घाट, कचरा डंपिंग साइट और निर्माण एवं तोड़फोड़ से जुड़े स्थानों पर खास नजर रखी जा रही है. जिलाधिकारियों के जरिए इन जगहों से जुड़ी समस्याओं पर कार्रवाई की जा रही है.
धूल रोकने और सर्दियों के लिए भी तैयारी
सड़कों के किनारे मौजूद खाली और धूल वाले हिस्सों को कम करने के लिए ‘ब्राउन पैच’ और हरियाली विकसित करने की योजना है. इसे जनभागीदारी से जोड़ने की भी तैयारी है. इसके अलावा सड़कों की डीप क्लीनिंग शुरू की गई है, जिसे हर 15 दिन में करने की योजना है. ऐसी सफाई का मकसद सड़कों पर जमा धूल को कम करना है.
सर्दियों के दौरान ठंड और प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए ‘जीरो बर्निंग’ पहल के तहत इस बार ‘हीटिंग स्पॉट’ भी बनाए जाएंगे. अस्थायी आश्रय स्थलों पर लोगों को ठंड से बचाने के लिए हीटिंग की व्यवस्था की जाएगी. सरकार का फोकस सर्दियों के दौरान प्रदूषण और ठंड, दोनों से निपटने के लिए पहले से तैयारी करने पर है.
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