सुबह जब मैं सोकर उठा तो मेरे मोबाइल पर मेरी बेटी और दामाद की सेल्फी आई थी। मेरी बेटी ने रात करीब डेढ़ बजे इसे भेजा था। फिर सुबह आठ बजे मेरे दामाद का फोन आया कि मेरी बेटी की मौत हो चुकी है। यह कहना है, पी राधा गायत्री का, जिनका शव ऋषिकेश के एक होम स्टे से बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक, गायत्री रविवार देर रात अपने पति सौम्य श्रीचरण के साथ टिपरीधार स्थित ‘कियाना होमस्टे’ पहुंचे थे। श्रीचरण पुणे में एक आईटी कंपनी में काम करता है। पुलिस और मृतका के परिजनों के मुताबिक, दोनों सोमवार को श्रीचरण का जन्मदिन मनाने के लिए वहां आए थे। सोमवार सुबह मसूरी पुलिस को होमस्टे में एक महिला के अचेत अवस्था में होने की सूचना मिली। तुरंत एक एंबुलेंस भेजी गई। एंबुलेंस सेवा से जुड़े फार्मासिस्ट ने महिला की जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच से पता चला है कि दंपति 13 जून को ऋषिकेश पहुंचा और इसके बाद रविवार रात करीब 11.30 बजे होमस्टे में चेक-इन किया था।
आंध्र प्रदेश के मूल निवासी
पुलिस ने बताया कि दोनों के परिवार मूल रूप से विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) के रहने वाले हैं। पति श्रीचरण के मुताबिक दोनों ने रात में शराब पी थी और तड़के करीब साढ़े तीन बजे सोने चले गए। उसने दावा किया कि जब वह जागा, तो उसने अपनी पत्नी को अचेत पाया और उसकी नाक से खून बह रहा था व वहां पेशाब फैला हुआ था। पुलिस ने एक बयान में कहाकि महिला का शव फर्श पर निर्वस्त्र अवस्था में मिला और चादर पर खून के धब्बे थे। कमरे से शराब की दो खाली बोतलें और खाने-पीने का सामान बरामद किया गया है।
पिता ने उठाई है मांग
मृतका के पिता पी. सुधाकर ने अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों की जांच की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मंगलवार को देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में चिकित्सकों के एक पैनल द्वारा महिला के शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसका वीडियो भी बनाया गया। क्षेत्राधिकारी (सीओ) जगदीश चंद्र पंत ने बताया कि शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर बाहरी चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। पंत के मुताबिक मौत के असली कारण का पता लगाने के लिए महिला का विसरा सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि विस्तृत पोस्टमार्टम और विसरा जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
दवा के पत्ते मिले
मसूरी सीओ जगदीश पंत के मुताबिक मौके से कुछ दवा की स्ट्रिप्स मिली हैं। इन्हें सबूत के तौर पर इकट्ठा किया गया है। ऑटोप्सी के दौरान आंतरिक अंगों को सुरक्षित रखा गया और विष विज्ञान विश्लेषण के लिए भेजा गया। हम पता लगाएंगे कि उसने अपनी मौत से पहले क्या लिया था। वहीं, मसूरी थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह चौहान ने कहाकि महिला का लो ब्लड प्रेशर के लिए इलाज चल रहा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने घटनाओं का क्रम स्थापित करने के लिए मौके से सभी सामग्री इकट्ठा की।
कब हुई थी शादी
गायत्री और श्रीचरण की शादी बीते साल नवंबर में हुई थी। गायत्री के दोस्त और श्रीचरण के कजिन ने दोनों का परिचय कराया था। श्रीचरण के पिता दुर्गा प्रसाद ने बताया कि गायत्री हैदराबाद में जॉब करती थी और श्रीचरण पुणे में। जब दोनों में जान-पहचान हुई तो उन्होंने हमें जानकारी दी। इसके बाद उनकी शादी हो गई। उन्होंने बताया हमारा परिवार 1989 से ही दिल्ली में ही रह रहा है। शादी के बाद गायत्री भी सास-ससुर के पास दिल्ली आ गई थी। इसके बाद उसे गुरुग्राम में नौकरी भी मिल गई थी।
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मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।
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