निवाई के दतवास गांव में हिंदी मीडियम में शिक्षा की मांग को लेकर ग्रामीण में रोष बढ़ गया है। कक्षा 1 से 8 तक लगभग 125 छात्र-छात्राओं को हिंदी माध्यम की सुविधा न मिलने के कारण निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया-दतवास का महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (MGGS) अंग्रेजी माध्यम में संचालित हो रहा है। इसके चलते हिंदी माध्यम में पढ़ाई करने के इच्छुक बच्चों के सामने संकट खड़ा हो गया है। कक्षा 1 के बच्चों को भी अन्यत्र प्रवेश लेना पड़ रहा है, जबकि आसपास 8 किलोमीटर तक कोई हिंदी माध्यम का माध्यमिक विद्यालय उपलब्ध नहीं है।
स्कूल प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने एकजुट होकर विद्यालय प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को हिंदी माध्यम में पढ़ाना चाहते हैं। विकल्प के अभाव में उन्हें निजी स्कूलों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। ग्रामीण चाहते हैं कि स्थानीय बच्चों को अपने गांव में ही शिक्षा मिल सके।
तालाबंदी की चेतावनी दी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे विद्यालय पर तालाबंदी करने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि MGGS विद्यालय में हिंदी माध्यम की कक्षाएं शुरू की जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ये रहे मौजूद
इस दौरान सरपंच सुआलाल, सीताराम सोनी, उप सरपंच गुमान सिंह, सूरज स्वामी, मीठा लाल मीणा, कमलेश शर्मा, भरतलाल मीणा, शौकत अली खान, मूलचंद महावर और शक्ति सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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