फरीदाबाद के सेक्टर-7 में 37 साल की एक विवाहित महिला का शव फंदे से लटका मिला। मृतका के मायके वालों ने उसके पति संदीप, उसकी कथित प्रेमिका और सास-ससुर पर साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाया है। महिला के परिजनों का आरोप है कि संदीप का अपनी पूर्व छात्रा से अवैध संबंध था, जिसे लेकर अक्सर विवाद होता था। घटना के बाद से पति फरार है जबकि ससुर ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे सभी एक अंतिम संस्कार में गए थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि फरीदाबाद के सेक्टर-7 स्थित अपने पति के घर में एक महिला का शव फंदे से लटका हुआ मिला। मृतका की पहचान सविता तेवतिया (37) के रूप में हुई है। सविता की शादी करीब 18 साल पहले उत्तर प्रदेश के जेवर के नगला गांव के रहने वाले संदीप से हुई थी। शादी के बाद से ही यह परिवार फरीदाबाद के सेक्टर-7 में रह रहा था। सविता और उसका पति घर पर ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। उनके दो बच्चे हैं।
मृतका के परिवार का आरोप है कि संदीप का कोचिंग क्लास में आने वाली एक छात्रा के साथ अवैध संबंध था। जब यह संबंध शुरू हुआ तब वह छात्रा नाबालिग थी और समय के साथ दोनों का रिश्ता और गहरा होता गया।
परिवार के अनुसार, इस बात को लेकर सविता और संदीप के बीच कई बार विवाद हुआ था, लेकिन संदीप ने कथित तौर पर इस रिश्ते को खत्म नहीं किया। संदीप की कथित प्रेमिका अब एक निजी कंपनी में काम करती है।
मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि सविता की मौत अस्वाभाविक है। उसके पति, उसकी प्रेमिका और ससुराल वालों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची है। घटना के बाद से ही संदीप फरार है। भाई ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं मृतका के ससुर कैप्टन सुरेंद्र कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि घटना के दिन वह, उनकी पत्नी और उनका बेटा संदीप एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जेवर गए हुए थे। घर पर निर्माण कार्य चल रहा था और एक मजदूर काम कर रहा था, इसलिए सविता घर पर अकेली थी। उन्होंने दिन में दो बार सविता से फोन पर बात भी की थी।
ससुर के मुताबिक, कुछ घंटे बाद एक मजदूर ने फोन कर बताया कि सविता दरवाजा नहीं खोल रही है। इसके बाद उन्होंने एक पड़ोसी को घर जाने के लिए कहा। पड़ोसी जब वहां पहुंचा तो उसने सविता का शव फंदे से लटका हुआ पाया। मृतका के परिवार की शिकायत के आधार पर पति, उसके माता-पिता और उसकी कथित प्रेमिका के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच अधिकारी उप-निरीक्षक राकेश कुमार ने कहा कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।
आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT TeluguHT BanglaHT TamilHT MarathiHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play