किशनगंज/आशीष कुमार सिन्हा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े कदम से बांग्लादेश कंगाली की ओर जा रहा है. महंगाई और बिजली की कमी से उसकी अकड़ भी ढीली पड़ गई है. लेकिन, कई बार वह गुस्ताखी करने से भी नहीं चूक रहा है. खास तौर पर भारत की सीमा से सटे क्षेत्रों में वह अपनी नापाक हरकतें कर रहा है. ऐसी ही गुस्ताखी का एक मामला बिहार के किशनगंज के पास ही पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश की सीमा पर दिखा. हालांकि, बीएसएफ के कड़े रुख से बांग्लादेश की बीजीबी ने गलती मान ली और भविष्य में ऐसी गुस्ताखी नहीं करने का आश्वासन भी दिया. आइये जानते हैं यह पूरा मामला क्या है.
बता दें कि भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के 150 गज की भीतर रक्षा संबंधी निर्माण कार्य पूरी तरह से प्रतिबंधित है. लेकिन, किशनगंज से लगे पश्चिम बंगाल में भारत बांग्लादेश बॉर्डर से कुछ ही दूरी पर प्रतिबंधित क्षेत्र में बांग्लादेशी अवैध निर्माण कर रहे थे. इस पर सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ ने बांग्लादेश के सुरक्षा गार्डों से आपत्ति जताई और तत्काल ही निर्माण कार्य को बंद करने को कहा. किशनगंज बीएसएफ हेडक्वार्टर के भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पश्चिम बंगाल स्थित सीमालडांगी बीओपी क्षेत्र में बीएसएफ की 63 बटालियन के जवानों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया. इसके बाद बांग्लादेशी बीजीबी ने अपने कार्य के लिए गलती मानी और निर्माण कार्य रुकवा दिया.
150 मीटर के दायरे में निर्माण कर रहा था बांग्लादेश
मिली जानकारी के अनुसार, यह निर्माण कार्य किशनगंज से सटे ठाकुर गांव में सीमा के 150 गज के भीतर ही कराया जा रहा था. जब इस अवैध निर्माण को बीएसएफ की बटालियन की गश्ती टीम ने देखा तो बांग्लादेशियों को चेतावनी दी. उनको बताया गया कि कालिक नदी के तटबंध के साथ जीरो लाइन से 150 गज के अंदर वह किलाबंदी कर रहे हैं, जो कि प्रतिबंधित क्षेत्र है. यह इलाका बांग्लादेश के गोविंदपुर में आता है और रात के अंधेरे में चोरी छिपे निर्माण कराया जा रहा था. लेकिन, 150 मीटर के दायरे में कराए जा रहे निर्माण कार्य पर बीएसएफ के सख्त रूप से बांग्लादेशियों ने निर्माण कार्य रोक दिया और भविष्य में गलती नहीं दोहराने की बात कही.
बीएसएफ जवानों के कड़े रुख से बैकफुट पर बांग्लादेश
बता दें कि भारत-बांग्लादेश के संयुक्त दिशा-निर्देशों के अनुसार, भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के 150 गज के भीतर रक्षा संबंधी निर्माण कार्य प्रतिबंधित है. ऐसे में जैसे ही बीएसएफ की 63वीं बटालियन की पेट्रोलिंग टीम की नजर इस निर्माण पर पड़ी तो बीएसएफ ने बांग्लादेशी बीजीबी के अधिकारियों के सामने निर्माण कार्य को लेकर आपत्ति जताई और तुरंत अवैध निर्माण को रुकवा दिया. बीएसएफ के कड़े रुख के बाद बीजीबी ने भविष्य में इस तरह के कोई भी निर्माण कार्य नहीं करने का आश्वासन दिया.
बीजीबी ने फिर गलती नहीं करने का आश्वासन दिया
बीएसएफ ने बताया कि किसी कारण से बांग्लादेश बीजीबी के द्वारा जीरो लाइन के अंदर किलेबंदी का काम की जानकारी नहीं मिल पायी, लेकिन जिस तरह से निर्माण कार्य कर रहे हैं उससे कई अंदाजा लगाया जा सकता है कि बांग्लादेश की नीयत क्या है. बीएसएफ की सख्ती के कारण फिलहाल काम को रोक दिया गया है और जवानों की पैनी नजर पूरे बॉर्डर क्षेत्र पर बनी हुई है. लेकिन, बांग्लादेश अब हिमाकत करने पर उतर आया है और ऐसी हरकतें बार-बार कर रहा है. ऐसे में बीएसएफ को और भी चौकन्ना रहने की जरूरत है.