नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि आज दुनिया भारत के लिए अपने दरवाजे खोल रही है। उन्होंने बीते कुछ वर्षों में भारत द्वारा 40 देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए उद्योग जगत से उनका लाभ उठाने का आह्वान किया। विज्ञान भवन में शुक्रवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत प्रोत्साहन वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमे नए बाजारों में पहुंचना होगा और नए उत्पाद बनाने होंगे। व्यापार समझौते के जरिए प्रोफेशनल के लिए नई संभावनाएं पैदा हुई हैं। ये समझौते देश के अंदर भी लाखों रोजगार के अवसर पैदा करने का माध्यम बन रहे हैं, लेकिन 21वीं सदी के अवसर उन्हीं देशों के पास होंगे, जिनके पास प्रतिभा, नवाचार और गुणवत्ता होगी। इसलिए आज जो अवसर हमारे सामने है, उन्हें हमें पूरी शक्ति के साथ अपनाना होगा। हमें दुनिया की श्रेष्ठ कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी। उन्होंने उद्योग जगत से कहा कि आज मेक इन इंडिया उत्पाद के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर पैदा हो रहे हैं, जिन्हें हमें गंवाना नहीं है। जब लक्ष्य बड़े होते हैं तो सफलता भी बड़ी होती है। इसलिए भारत के उद्योग जगत को 21वीं सदी की जरूरत के हिसाब से कौशल श्रमशक्ति को तैयार करना होगा और भविष्य के लिए नए अवसर तैयार करने होंगे.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे युवा शक्ति वाला देश है। इसलिए विकसित भारत का सपना युवाओं के सपने, उनके कौशल और उनके सामर्थ से होकर जाता है। हमारा प्रयास है कि जिन युवाओं के पास हुनर है, उन्हें अवसर मिले। जिनके पास विचार है, उन्हें मंच मिले और जो अपने दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें पूरा सहयोग मिले। इसलिए मेरा स्पष्ट मानना है कि भारत जैसे युवा देश में अवसरों के स्त्रोत जितने अधिक होंगे, युवाओं के सपनों की उतनी ही अधिक उड़ान मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बीते 12 वर्षों में रोजगार के हर रास्ते को मजबूत किया है.
प्रधानमंत्री ने बदली वैश्विक परिस्थितियों के बीच कहा कि दुनिया भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रही है और भारत उसका नेतृत्व करने की तैयारी कर रहा है। आज दुनिया भविष्य की तकनीक की तरफ आगे बढ़ रही है और भारत अपने युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। यही भारत के युवाओं के लिए सबसे बड़ा अवसर है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम-वीबीआरवाई के तहत देशभर में 70 लाख से अधिक रोजगार सृजित किए जा चुके हैं। इस अवसर पर उन्होंने 15 लाख पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं के लिए 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खातों में (डीबीटी) जारी की। उन्होंने कहा कि जब सरकार, युवा और उद्योग मिलकर काम करते हैं, तो रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ते हैं। यह योजना युवाओं को पहली नौकरी दिलाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान कर रही है.
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं। पीएम-विकसित भारत रोजगार योजना युवाओं और उद्योगों के बीच एक मजबूत कड़ी का काम कर रही है। चार श्रम कानून श्रमिकों के हितों और कल्याण को पूरा करते हैं। उन्हें सामाजिक सुरक्षा के साथ एक वर्ष के अंदर ग्रेच्युटी भी प्रदान करने का अधिकार देते हैं। 2014 से पहले सिर्फ 25 करोड़ लोगों के पास सामाजिक सुरक्षा थी, लेकिन आज देश में 94 करोड़ लोगों के पास सामाजिक सुरक्षा है। उन्हें सालाना स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी दी गई है। नए कानून महिला और पुरुष को सामान अवसर और सम्मान का अधिकार देते हैं। सामान्य तौर पर किसी भी देश की अर्थव्यवस्था का नियम है कि अगर किसी देश की जीडीपी एक प्रतिशत की दर से आगे बढ़ती है तो एक प्रतिशत रोजगार सृजित होना आदर्श शासन व्यवस्था का प्रतीक माना जाता है। 2014 से पहले एक प्रतिशत जीडीपी के सापेक्ष 0.08 प्रतिशत रोजगार के अवसर पैदा हो रहे थे। 12 वर्षों में 1 प्रतिशत जीडीपी के साथ 1.11 प्रतिशत रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं.
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play