India-Nepal Border: सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल सीमा के मोतिहारी क्षेत्र में नो मेंस लैंड पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है. पिलर संख्या 388 से 389 के बीच हुए इस अतिक्रमण को एसएसबी, जिला पुलिस और नेपाल आर्म्ड फोर्स के संयुक्त प्रयासों से हटा दिया गया, जिससे सीमा सुरक्षा और गश्त में आने वाली बाधाएं दूर हो गई हैं.
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India-Nepal Border News: सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में नो मेंस लैंड पर फैले अतिक्रमण को हटाने के लिए एक व्यापक अभियान का शुभारंभ किया है. इस पहल के तहत, पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित पिलर संख्या 388 से पिलर संख्या 389 के बीच नो मेंस लैंड पर अवैध कब्जों को हटाया गया. यह कार्रवाई सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है. प्रारंभ में, अतिक्रमणकारियों ने इस सरकारी कार्रवाई का कड़ा विरोध किया, लेकिन सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), जिला पुलिस बल और नेपाल आर्म्ड फोर्स के संयुक्त और समन्वित प्रयासों से विरोध को सफलतापूर्वक शांत किया गया और अतिक्रमण को हटा दिया गया.
अतिक्रमणकारियों ने इस संवेदनशील नो मेंस लैंड क्षेत्र पर अवैध रूप से झोपड़ियां बना रखी थीं और मवेशियों को रखने के लिए भी स्थान घेर रखा था, जिससे सीमा का प्राकृतिक स्वरूप बाधित हो रहा था. एसएसबी के जवानों ने पूरी मुस्तैदी के साथ एक-एक कर सभी अवैध ढांचों को खाली कराया और क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया. यह उल्लेखनीय है कि भारत और नेपाल के बीच की सीमा पर नो मेंस लैंड दोनों देशों के बीच स्पष्ट सीमांकन का कार्य करता है, जो किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए आवश्यक है. हालांकि, कई स्थानों पर इस तरह के अतिक्रमण के कारण यह सीमांकन बाधित हो रहा था, जिससे न केवल सीमा स्तंभों की दृश्यता प्रभावित होती थी, बल्कि दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों को गश्त करने में भी गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा था.
पूर्वी चंपारण जिले में भारत और नेपाल के बीच लगभग 50 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है, जिसकी निगरानी और सुरक्षा दोनों देशों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है. नो मेंस लैंड से अतिक्रमण हटने के बाद अब सीमा स्तंभ स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे, जिससे सीमा का निर्धारण और पहचान पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी. इसके अतिरिक्त, सीमा पर गश्त करने वाले सुरक्षा बलों को भी अब अपनी पेट्रोलिंग गतिविधियों को अंजाम देने में काफी आसानी होगी, जिससे सीमा पर चौकसी और निगरानी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. यह अभियान भारत-नेपाल सीमा पर शांति, व्यवस्था और संप्रभुता बनाए रखने और किसी भी प्रकार के सीमा उल्लंघन या अवैध गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है.
रिपोर्ट: पंकज कुमार
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