केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव ने की समीक्षा लखनऊ। विशेष संवाददाता
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव मोना खंधारी ने शुक्रवार को प्रदेश के समाज कल्याण विभाग के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने लखनऊ और वाराणसी को भिक्षुक मुक्त बनाने के आदेश दिए। इनके पुनर्वास के प्रयास तेज करने तथा अधिक से अधिक पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया।
यहां बताया गया कि लखनऊ, वाराणसी समेत प्रदेश के 10 जिले भिक्षावृत्ति से मुक्त करने के लिए चिह्नित किए गए हैं। अतिरिक्त सचिव ने कहा कि इन जिलों में पुलिस की मदद से अभियान चलाया जाए और भिक्षुकों को पुनर्वासित करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा की। कहा कि केंद्र की तरफ से चिह्नित कि गए गांवों में तय मानकों के सभी कार्य पूरा कराकर रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी जाए। जहां भी विलेज डेवलेपमेंट की योजना चल रही है कि उनकी नियमित मॉनिटरिंग करें और समय से सभी कार्य पूरा कराएं। छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष का ब्योरा अभी केंद्र सरकार को नही भेजा गया। इस पर अतिरिक्त सचिव ने आदेश दिया कि पिछले वर्ष का डाटा जल्दी से जल्दी भेजा जाए।
वरिष्ठ नागरिक कल्याण योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि वृद्धाश्रमों में जरूरत के मुताबिक पेयजल, भोजन, वस्त्र, स्वास्थ्य की सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। वृद्धाश्रमों के रखरखाव का भी ध्यान दिया जाए। यहां बताया गया कि अटल वयो अभ्युदय योजना का एक्शन प्लान प्रदेश सरकार ने केंद्रीय मंत्रालय को भेज दिया है लेकिन अभी तक बजट आवंटित नहीं किया। इस पर उन्होंने जल्द से जल्द धनराशि आवंटित कराने का भरोसा दिया।
नशामुक्ति अभियान की समीक्षा के दौरान मंत्रालय की सचिव ने कहा कि ड्रग डिएक्शन सेंटरों में भर्ती हर व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर दर्ज किया जाए। उनकी नियमित देखभाल की जाए। जरूरी दवाइयों, भोजन तथा उन्हें नशा से मुक्ति की सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं ताकि सेंटर की उपयोगिता साबित हो सके।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play